गुर्दे / किडनी की पथरी के कारण पेट में असहनीय पीड़ा होती हैं। समय पर किडनी के पथरी का निदान और उपचार न करने पर किडनी को गम्भीर क्षति पहुंचती हैं। किडनी के पथरी के कारण, लक्षण और प्रकार के बार में हमने पहले  पर चर्चा की है। आज इस लेख में हम गुर्दे / किडनी के पथरी का निदान और उपचार कैसे किया जाता है यह जानकारी दे रहे हैं।

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गुर्दे / किडनी के पथरी का निदान कैसे किया जाता हैं ?
Test and Diagnosis of Renal stone in Hindi 

किडनी की पथरी का निदान करने के लिए कई प्रकार की जांच की जाती हैं। अधिकतर डॉक्टर, रोगी की शारीरिक जांच, पेट दर्द का प्रकार और अन्य लक्षण के आधार पर रोगी को पथरी होने की सम्भावना स्पष्ट कर सकते है। 

किडनी की पथरी का निदान करने के लिए निचे दिए हुए जांच किये जाते हैं : 
  1. रक्त की जांच / Blood Testing : आपके रक्त में बेहद ज्यादा कैल्शियम और यूरिक एसिड की मात्रा पथरी होने की संभावना दर्शाती हैं। रक्त की जांच से डॉक्टर को आपके अन्य बीमारी का भी पता चलता हैं। 
  2. पेशाब की जांच / Urine Testing : पेशाब में संक्रमण और रक्त आना पथरी की निशानी हो सकती हैं। पेशाब में पथरी कारक तत्व है की नहीं यह भी पता चलता हैं। 
  3. क्ष किरण / X-ray : खाली पेट पेट का X-Ray निकालने से पथरी का निदान करने में आसानी होती हैं। पथरी छोटी होने पर रक्त में एक डाई डालकर भी X-ray (Intravenous Pyelogram) निकाला जाता हैं। 
  4. पेट की सोनोग्राफी / USG Abdomen : ज्यादातर मरीजों में पेट की सोनोग्राफी कर पथरी का निदान आसानी से किया जाता हैं। 
  5. CT Scan : जरुरत पड़ने पर किडनी की पथरी और किडनी का स्वास्थ्य की अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए पेट का CT Scan भी किया जाता हैं। 
  6. पथरी की जांच / Stone Analysis : किडनी की पथरी निकालकर उसका प्रकार और कारण जानने के लिए पथरी का परिक्षण भी किया जाता है जिससे दोबारा पथरी निर्माण होने से रोका जा सके। 
गुर्दे / किडनी के पथरी का उपचार कैसे किया जाता हैं ?
Treatment of Renal Stone in Hindi

किडनी में पथरी होने पर तत्काल उचित उपचार शुरू कर देना चाहिए। किडनी की पथरी का उपचार समय पर न किये जाने पर पेशाब में संक्रमण, किडनी में सूजन और किडनी ख़राब होना जैसे गम्भीर विकार निर्माण हो सकते हैं। किडनी के पथरी का उपचार किडनी के पथरी का आकार और उसके प्रकार पर निर्भर करता हैं।

छोटी पथरी का उपचार
Treatment of Small Renal Stone / Calculi in Hindi

किडनी की पथरी का आकार छोटा होने पर वह औषधि और घरेलू उपाय से भी ठीक हो सकती हैं। 8 mm से छोटे आकार की पथरी होने पर वह पेशाब के रास्ते आसानी से बाहर निकल सकती हैं।
  1. पानी / Water : दिनभर में 3 से 4 लीटर पानी पीना चाहिए। अगर गर्मी का मौसम है या किसी वजह से शरीर को अधिक पानी की आवश्यकता है तो अधिक पानी पीना चाहिए। डॉक्टर की सलाह से पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। बोरिंग और कुए का पानी अधिक क्षार, खनिज या लवण युक्त है तो मिनरल पानी या बोतलबंद पानी पीना चाहिए। रोजाना इतना पानी पीना चाहिए की आपको 2 लीटर पेशाब होना चाहिए।  
  2. दर्द नाशक दवा / Pain Killers : पथरी के कारण असहनीय पेट दर्द होता हैं। जब भी पथरी अपनी जगह से निचे की और सरकती हैं तो पेट में दर्द होता हैं। पेट दर्द को कम करने के लिए डॉक्टर दर्दनाशक दवा देते है जिनका इस्तेमाल केवल जरुरत पड़ने पर ही करना चाहिए। यह एक ही ऐसा रोग है जिसमे पेट में दर्द होने पर रोगी को खुश होना चाहिए क्योंकि पेट दर्द का मतलब आपकी पथरी निचे की ओर आ रही है और बाहर निकलने की तैयारी में हैं।
  3. सहायक दवा / Supportive Treatment : किडनी की पथरी आसानी से पेशाब की नली से बाहर आ जाये इसलिए पेशाब के नली को शिथिल करने के लिए अल्फा ब्लॉकर दवा दी जाती हैं।  
  4. कैल्शियम की पथरी : कैल्शियम की पथरी होने पर डॉक्टर अधिक पेशाब होने की दवा देते हैं। कैल्शियम सप्लीमेंट की दवा नहीं लेनी चाहिए। 
  5. यूरिक एसिड की पथरी : यूरिक एसिड की पथरी होने पर एक विशेष दवा का कोर्स किया जाता है जो इस पथरी को गला देता हैं। पेशाब को क्षारीय / Alkaline रखने के लिए भी दवा दी जाती हैं।  
  6. स्ट्रूवाइट पथरी : पेशाब के संक्रमण और उसके दुष्परिणाम से बचाने के लिए डॉक्टर आपको विशेष एंटीबायोटिक दवा देते हैं। जरुरत पड़ने पर रोगी को लम्बे समय तक यह दवा लेना होता हैं। 
  7. सिस्टीन पथरी : इस प्रकार की पथरी को ठीक करना थोड़ा मुश्किल होता हैं। जरुरत पड़ने पर रक्त में  सिस्टीन की मात्रा कम करने के लिए दवा दी जाती हैं।  
  8. आयुर्वेदिक दवा / Herbal Medicine : किडनी की पथरी को गलाने और निकालने के लिए कई आयुर्वेदिक दवाओं का उपयोग प्रभावी रूप से किया जाता हैं। पाषाणभेद, पुनर्नवा, गोखरू, यवक क्षार, मूली क्षार, हजरुल यहूद भस्म जैसे आयुर्वेदिक दवाओं को समिश्र रूप में उपयोग करने से किडनी की पथरी में बेहद अच्छा परिणाम मिलता हैं। इनका उपयोग डॉक्टर की सलाह से उचित ,मात्रा में और निश्चित समय तक ही करना चाहिए। 
  9. योग : किडनी की पथरी को दूर करने के लिए आप योग का सहारा भी ले सकते हैं। सम्पूर्ण शरीर की तरह किडनी के सर्वांगीण स्वास्थ्य के लिए भी योग उपयोगी हैं। पथरी को दूर करने के लिए आप निचे दिए हुए आसन कर सकते हैं। योग की विधि जानने के लिए योग के नाम पर click करे। 
    किडनी के बड़ी पथरी का उपचार 
    Treatment of Big Renal Stone in Hindi

    किडनी के पथरी का आकार 8 mm से ज्यादा बड़ा होने पर पेशाब के रास्ते से आसानी से निकलने में तकलीफ होती हैं। बड़ी पथरी होने पर डॉक्टर किडनी के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर उसे ऑपरेशन कर निकालने की सलाह देते हैं। किडनी की बड़ी पथरी को निकालने के लिए निचे दिए हुए उपचार किये जाते हैं :
    1. ESWL : ExtraCorporeal Short Wave Lithotripsy या ESWL में ध्वनि की तरंगों का उपयोग कर पथरी के छोटे टुकड़े किये जाते है  रास्ते बाहर निकलते हैं। इस आधे से एक घंटे की प्रक्रिया में रोगी को बेहोश किया जाता हैं। 
    2. PCNL : PerCutaneous NephroLithotomy या PCNL में रोगी को बेहोश कर पीठ में एक हल्का छेद कर उपकरण सहायता से पथरी के छोटे टुकड़े किये जाते हैं। ESWL सफल न होने पर PCNL किया जाता हैं। रोगी को अस्प्ताल में 1 से 2 दिन तक भर्ती रहना होता हैं। 
    3. Ureteroscope : किडनी और मूत्रवाहिनी के पथरी को निकालने के लिए Ureteroscope इस विशेष उपकरण का उपयोग किया जाता हैं। पेशाब के रास्ते से इस दूरबीन लगे छोटे यंत्र को मूत्रवाहिनी तक पहुंचाकर पथरी को छोटे टुकड़े  जाता हैं। रोगी को बेहोश कर यह प्रक्रिया की जाती हैं। 
    किडनी / गुर्दे की पथरी का निदान और उपचार से जुडी जानकारी पढ़ने के बाद किडनी की पथरी से जुडी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी पढ़ने के लिए निचे दिए हुए link पर click करे :
    1. किडनी की पथरी होने के कारण, लक्षण और प्रकार  
    2. किडनी की पथरी से बचने के उपाय
    3. किडनी के पथरी में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं   
    Image courtesy of stockdevil at FreeDigitalPhotos.net
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