अश्वगंधा का आयुर्वेदिक उपयोग, घरेलु नुस्खे और दुष्परिणाम

अश्वगंधा का आयुर्वेदिक उपयोग, घरेलु नुस्खे और दुष्परिणाम अश्वगंधा का आयुर्वेदिक उपयोग, घरेलु नुस्खे और दुष्परिणाम
अश्वगन्धा यह आयुर्वेद की एक प्रचलित औषधि है, जिसका प्रयोग हजारों सालों से होता आ रहा है। इसकी गन्ध घोड़े के समान होती है, इसलिए इसे अश्वगन्धा कहते है। घोड़े के गुण जैसे तगड़ा, उत्साही, मजबूती यह उस व्यक्ति में भी आते है जो इसे सेवन करता है,इसलियें भी इसे अश्वगन्धा कहते है। 

अंग्रेजी में अश्वगन्धा को Winter cherry कहते है, जबकि लैटिन में Withania Somnifera कहा जाता है।अश्वगन्धा प्रकृति का दिया हुआ अनमोल उपहार है, जो बीमारी के काम तो आती ही है साथ ही अनेक सौंदर्य उत्पादन बनाने के काम भी आती है। अश्वगन्धा को भारतीय जिनसेंग के रूप में  भी जाना जाता है।

इस लेख में हम आपको अश्वगंधा के उपयोग, दुष्परिणाम और घरेलु नुस्खों की जानकारी देने वाले हैं :

अश्वगंधा का परिचय Ashwagandha in Hindi
अश्वगन्धा के आयुर्वेदिक उपयोग  Ashwagandha uses in Hindi
अश्वगंधा के घरेलू नुस्खे  Ashwagandha Home remedies in Hindi
अश्वगन्धा का सेवन करते वक्त ध्यान देने योग्य बाते   How to take Ashwagandha
अश्वगन्धा के नुकसान Ashwagandha side effects in Hindi



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अश्वगंधा का आयुर्वेदिक उपयोग, घरेलु नुस्खे और दुष्परिणाम  


Ashwagandha uses, home remedies and side effect in Hindi



अश्वगंधा का परिचय 

  1. नाम : संस्कृत में अश्वगंधा, हिंदी में असगंध, Latin में Withania Somnifera, मराठी में डोरगूंज, तेलगु में पनेरु, गुजराती में घोड़ा आहान
  2. ऊंचाई : अश्वगन्धा का 4 से 5 फ़ीट ऊंचा क्षुप (shrub) होता है। 
  3. उत्पत्ति स्थान : उष्ण एवम साधारण प्रान्त में विशेषकर पश्चिम के शुष्क प्रदेशों में श्रीलंका, अफगानिस्तान, सिंध प्रदेश मे पाया जाता है। भारत मे मध्यप्रदेश के मंदसौर जिल्हे में अश्वगन्धा की commercial खेती की जाती है। 
  4. प्रयोज्य अंग : आयुर्वेदिक औषधि में अश्वगन्धा का मूल उपयोग में लिया जाता है। जैसे अगर आप कोई चूर्ण या टेबलेट लेते हो तो वह अश्वगन्धा के मूल से बनी होती है। ताजे मूल से अश्व के मूत्र के सदृश गन्ध आती है, जिससे इसे अश्वगन्धा कहते है। 
  5. अश्वगन्धा के गुण : आयुर्वेद में अश्वगन्धा को मधुर, तिक्त, कषाय रसात्मक, उष्ण, कफवातशामक, शुक्रवर्धक, रसायन, बल्य, अवसादक, श्वित्र, शोथ, क्षय का नाश करनेवाली कहा गया है। 
  6. घटक द्रव्य : आधुनिक विज्ञान के आधार पर अश्वगन्धा में Alkaloids, steroidal lactone, withmine, somniferine, someone, atropine, pseudotropine, anaferine आदि घटकद्रव्य होते है। 
अश्वगन्धा को टॉनिक भी कहा जाता है, क्योंकि शारीरिक वृद्धि की क्षमता रखता है, साथ ही शरीर मे चुस्ती फुर्ती लाता है। 

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अश्वगन्धा के आयुर्वेदिक उपयोग  Ashwagandha uses in Hindi



अश्वगंधा से होता वाजीकरण Ashwaganda as sex tonic

  • आयुर्वेद में वाजीकरणार्थ अश्वगन्धा को श्रेष्ठ द्रव्य माना गया है। 
  • अश्वगन्धा चूर्ण 3 gm, केवाच बीज का चूर्ण 5 gm, 200 ml दूध व 400 ml पानी मे डालकर उबाले व जब दूध बच जाए तो इसे छानकर सुबह खाली पेट गुनगुना पी जाए। आप चाहे तो इसमें घी व शक्कर भी डाल सकते है। इस drink को सद्यःशुक्रकर माना गया है। 
  • जिन व्यक्तियों को Oligospermia यानि वीर्य में शुक्राणु / sperm की कमी हो उनके लिए यह दवाई किसी वरदान से कम नही। 
  • अश्वगन्धा Testosterone hormone को बढ़ाता है, जिससे  इसके सेवन से sperm count बढ़ने में मदत होती है।  
  • राजयक्ष्मा अर्थात TB के मरीज में शुक्रक्षय रहता है, अतः शुक्रबल वृद्धिहेतु अश्वगन्धा सिद्ध घृत (घी) दिया जाता है।

अश्वगंधा है आयुर्वेदिक टॉनिक / रसायन Ashwagandha is Health tonic

अश्वगन्धा अपने गुणों के कारण सप्तधातु की वृद्धि करती है। विशेषतः मांसधातु का पोषण कर शरीर का बल बढ़ाती है। 

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अश्वगंधा से मिटते है सफ़ेद दाग (Vitiligo) 

अश्वगंधा मषी (राख) का तेल के साथ लेप करने से सफेद दाग में लाभ होता है। अश्वगंधा क्वाथ का बाकुची के साथ प्रयोग श्वित्रनाशक कहा गया है।

अश्वगंधा हैं वजन बढ़ाने में सहायक Ashwagandha for weight gain

जिन बच्चों का वजन नहीं बढ़ रहा है, या वह कमजोर है उन्हें प्रतिदिन करीब एक कप अर्थात 200 ml गाय के दूध में 2 gm अश्वगंधा चूर्ण व 2 gm मुलेठी चूर्ण डालकर उबाल कर गुनगुना होने पर छानकर पिलाएं। चाहे तो इसमें थोड़ी चीनी भी मिला सकते है। महिलाएं भी वजन बढ़ाने के लिए इसे इस्तेमाल कर सकती है। 




अश्वंगधा करे ऊंचाई बढ़ाने में मदत Ashwagandha increases height

कद बढ़ाने में अश्वगंधा काफी उपयोगी साबित होती है। अगर किसी को अपनी ऊंचाई बढ़ानी है तो करीब 45 से 50 दिनों तक हर रोज एक गिलास दूध में एक चम्मच अश्वगंधा चूर्ण व थोड़ी शक्कर या गुड़ मिलाकर सेवन करने से लाभ होगा। 
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अश्वगंधा से बनाये बॉडी Ashwagandha for body building  

जो लोग रेगुलर जिम जाते हैं, उनके body building के  लिए प्रोटीन डाइट के साथ अश्वगंधा का सेवन काफी उपयुक्त माना जाता है क्योंकि अश्वगंधा में natural testosterone booster पाए जाते हैं जो कि मसल्स को बनाने व मजबूती प्रदान करने के लिए काम आते हैं। बहोत ज्यादा एक्सरसाइज करने के बाद होनेवाली मांसपेशियों की थकान को भी इससे दूर किया जा सकता हैं।

अश्वगंधा से करे blood pressure को control 

अश्वगंधा का सेवन करने से हमारा blood pressure नियंत्रण में रहता है। अश्वगंधा हृदय की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करती है।


अश्वगंधा हैं कैंसर की चिकित्सा में सहायक 

Chemotherapy व Radiation therapy के साथ अश्वगन्धा, गुडूची  का प्रयोग एक सहयोगी विकल्प के रूप में सामने आ रहा है। Chemotherapy के दुष्परिणामों को कम करने व tumour cells को खत्म करने में अश्वगन्धा अहम भूमिका निभाती है। 

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अश्वगंधा देता है जोड़ों के दर्द से राहत  

अश्वगन्धा में सूजन व दर्द कम करने के गुण पाए जाते है। अतः इसके प्रयोग से जोड़ो में दर्द, सूजन आदि में काफी राहत मिलती है। 

अश्वगंधा थाइरोइड में भी हैं लाभकारी 

अश्वगन्धा Thyroid gland को stimulate करता है। थाइरोइड ग्रंथि में Thyroxine hormone की पर्याप्त मात्रा में निर्माण करने में यह मदद करता हैं जिससे थाइरोइड रोग ठीक होने में मदद मिलती हैं। 

अश्वगंधा महिलाओं की समस्या से देती है राहत  

महिलाओं में सफेद पानी की आम समस्या है। अश्वगन्धा के मूल में एंटीबैक्टीरियल व एंटीफंगल तत्व होते है। अश्वगन्धा सिद्ध दूध शक्कर के साथ प्रयोग करने से सफेद पानी व योनिरोग की समस्याए कम होती हैं। गर्भाशय की सूजन कम करने में भी अश्वगन्धा काफी उपयोगी होती है।


अश्वगन्धा व स्तन्यवृद्धि 

स्तनपान करनेवाली महिलाएं अगर अश्वगन्धा चूर्ण व मुलेठी चूर्ण को एकसाथ मिलाकर कुछ दिन सेवन करे तो दूध की मात्रा बढ़ती हैं व दूध की क्वालिटी में सुधार आता हैं।

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अश्वगंधा से अनिद्रा व तनाव से मिले मुक्ति 

अनिद्रा में अश्वगंधा काफी बेहतरीन औषधि है। अगर किसी को नींद ना आने की शिकायत हो तो उसे अश्वगंधा से दूर किया जा सकता है। तनाव कम करने में भी अश्वगन्धा महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अश्वगंधा घाव भरने में है प्रभावी 

अश्वगन्धा में जीवाणुरोधी व घाव को भरने के गुण है। इसकी जड़ों को पानी के साथ पीसकर चिकना पेस्ट बनाएं व घाव पर लगाये। घाव जल्दी भरेगा। डायबिटीज रोग में न भरने वाले घाव भी यह भरने में मदद करती हैं।  


अश्वगंधा से बढ़ाए रोग प्रतिरोधक क्षमता  

एक शोध से पता चला है कि अश्वगंधा में लाल रक्त पेशी व सफेद रक्त पेशी बढ़ाने के गुण होते हैं, जिससे यह शरीर की प्रतिकार क्षमता बढ़ाने व खून की कमी को दूर करने में मदद कर सकता है।

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अश्वगंधा में हैं anti aging गुण 

अश्वगन्धा में anti aging property है, जिससे यह हमारे aging process को slow करता है। अगर आप हमेशा जवान रहना चाहते है तो सुबह शाम एक कप दूध में एक चमच्च अश्वगंधा चूर्ण मिलाकर ले सकते हैं। 

अश्वगंधा करता है बालों को फिर से काला 

अश्वगन्धा का कुछ दिन नियमित सेवन बालों को काला करने में अहम भूमिका निभाता है। सफ़ेद बालों की समस्या से परेशान लोगो के लिए यह वरदान हैं। 

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अश्वगंधा से रोके मोतियाबिंद

अश्वगन्धा में Anti-Oxidant व Cyto-protective गुण होते है, जो मोतियाबिंद को रोकने में मदत करते है। 



अश्वगंधा के घरेलू नुस्खे Ashwagandha Home remedies in Hindi

  • आयुर्वेदिक टॉनिक : हर रोज सुबह करीब 3 gm अश्वगन्धा चूर्ण. 200 ml दूध व 200 ml पानी के साथ मिलाकर उबाले। जब दूध शेष रह जाये तो इसे छानकर चाहे तो चीनी डालकर पिये। यह एक अच्छा हेल्थ ड्रिंक हैं। इसे आप हर रोज पी सकते है। 
  • दिमाग का टॉनिक : रात को सोते वक्त अश्वगन्धा का पाउडर 3 से 4 ग्राम की मात्रा में 1 ग्लास गुनगुने दूध में 1 चम्मच शहद मिलाकर ले। अगर आपको डायबिटीज है तो शहद ना ले। अगर आप शहद ना डालना चाहे तो शहद की जगह मिश्री या बड़ी चीनी भी डाल सकते है। अश्वगंधा के सेवन करने से बच्चों का दिमाग तेज होता हैं। इसके साथ ही अश्वगंधारिष्ट, अश्वगंधा चूर्ण, मेधा वटी मेधा क्वाथ लेने से दिमाग तेज होता हैं। अश्वगन्धा की चाय भी बनाकर पी सकते हैं। 1 कप पानी मे 1चम्मच करीब 4 gm अश्वगन्धा पाउडर को उबालकर छानकर पिये। 
  • नींद की कमी : घी और मिश्री के साथ अश्वगन्धा का चूर्ण निद्रानाश में चटाते हैं। 
  • बाँझपन / Infertility : अश्वगंधा के काढ़े में दूध और घी मिलाकर सिद्ध किया हुआ घी का सेवन का सेवन बांझपन में उपयोगी होता है।
  • खांसी / Cough : अश्वगंधा की जड़ का काढ़ा बनाकर पीने से पुरानी खांसी भी ठीक हो जाती हैं। खांसी के लिए यह एक दिव्य औषधि हैं। 
  • मोटापा : जिनको मोटापे की शिकायत है वे अश्वगंधा के 1-1 पत्तों को मसलकर सुबह, दोपहर, शाम गरम पानी के साथ 3 दिनों तक पिए। 15 दिन के बाद फिर ऐसा ही प्रयोग करे। 
  • जोड़ों का दर्द : जिनको संधिवात, जोड़ों में दर्द की शिकायत हैं उन्होंने अश्वगंधा के पत्तों को उबालकर सेंधा नमक डालकर पकाकर सूजन वाली जगह की सिकाई करे। इससे सूजन कम होंगी। अश्वगंधा के बड़े पत्तों को तेल लगाकर गरम कर उस जगह पर बांधे इससे दर्द में आराम कोई मिलेगा। यह विशेष उपयोग आचार्य बालकृष्ण जी ने बताया हैं। 
  • सीने में दर्द : सीने में दर्द, Angina pain में अर्जुन की छाल और अश्वगंधा को बराबर मात्रा में मिलाकर इसका पाउडर सुबह शाम सेवन करे। इससे हृदयशूल की परेशानी कम होगी और ह्रदय को ताकत भी मिलेगी। 
  • कमजोरी : अश्वगंधा की सिर्फ सुंगंध ही घोड़े की जैसे नहीं है, इसके उपयोग से घोड़े की जैसी ताकत भी प्राप्त होती हैं। अश्वगंधा का 1 चमच्च चूर्ण सुबह शाम दूध के साथ लेने से कमजोरी दूर होती हैं। धातु की कमजोरी भी इससे दूर होती हैं। डायबिटीज के कारण होनेवाली नपुंसकता की कमजोरी भी इससे दूर होती हैं।   
  • गठिया : जिनको गठिया, Arthritis, Sciatica या Slipped disc की शिकायत हैं या Uric acid बढ़ा हुआ हैं वे बराबर मात्रा में हल्दी, मेथी, सौंठ और अश्वगंधा का पाउडर कर सुबह शाम दूध या गरम पानी के साथ सेवन करे। इससे दर्द में आराम मिलेगा। 
  • कमर दर्द : कमर दर्द में सुबह शाम अश्वगंधा का चूर्ण लेने से लाभ होता हैं। इसके साथ ही सेतुबंधासन भी करे।   

अश्वगन्धा का सेवन करते वक्त ध्यान देने योग्य बाते 

  1. अश्वगन्धा का सेवन मर्यादित समय के लिए व मर्यादित मात्रा में ही करे, वरना यह नुकसानदेह हो सकता है। 
  2. आप किसी बीमारी के लिए या किसी भी वजह से अश्वगन्धा का सेवन करना चाहो तो वैद्य या आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह अवश्य ले। 
  3. अगर आपके शरीर पर कोई घाव है या आपका कोई कोई है या आपका कोई ऑपरेशन हुआ है, तो उस दौरान अश्वगंधा का सेवन ना करें क्योंकि यह अन्य दवाइयों के असर को कम कर सकता है। 
  4. प्रेगनेंट महिलाएं व नवजात शिशु अश्वगंधा का सेवन न करे। 
  5. अगर आपको कोई विशिष्ट बीमारी की दवाई चालू है तो इसका सेवन ना करें या चिकित्सक का परामर्श अवश्य लें। 
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अश्वगन्धा के नुकसान 

  1. दोस्तों अगर आप ग्रंथ में बताए तरीके से अश्वगंधा का सेवन करते हो तो इसमें कोई नुकसान नहीं है पर आजकल मार्केट में अश्वगन्धा के कई ready to use product मिलते है, जिनके सेवन से कुछ तकलीफे हो सकती है, जैसे पेट फूलना, पेट मे गैस होना, भूक बिल्कुल न लगना, बेचैनी आदि। 
  2. अश्वगंधा शुरू करने के करीब 1 हफ्ते बाद से ही आपके शरीर में बदलाव आने नजर आएंगे। अगर आपको ऐसा लगता है, कि यह आपको सूट नहीं कर रहा है, तो आपके शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाएगा। आप को  बुखार आ सकता है, दस्त हो सकती है, किडनी से रिलेटेड कोई प्रॉब्लम हो सकता है, तो गर्म पानी पिये व तुरंत चिकित्सक का परामर्श लें।
  3. इन साइड इफेक्ट्स से बचने के लिए वैद्य की सलाह से उचित ब्रांड की दवाइयां use करे। ग्रन्थोक्त दवाइयां जैसे अश्वगन्धा चूर्ण, अवलेह, वटी आदि का ही इस्तेमाल करे। 

तो दोस्तो, यह थे अश्वगन्धा के फायदे, नुकसान व घरेलू नुस्खो की जानकारी। इसे स्वस्थ व बीमार व्यक्ति दोनों भी ले सकते है, लेकिन ध्यान रहे चिकित्सक का परामर्श अवश्य ले व अश्वगन्धा का लाभ उठाएं।

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Thursday, July 26, 2018 2018-07-26T08:16:45Z

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