हरवर्ष की तुलना में इसवर्ष भारत में डेंगू का फैलाव अधिक हो रहा है। किसी भी रोग में पीड़ित व्यक्ति की चिकित्सा करते समय जितना महत्त्व दवा का होता है उतना ही महत्त्व रोगी व्यक्ति को दिए जानेवाले आहार का भी होता है। डेंगू जैसे रोग में, जिसमे चिकित्सा करने के लिए कोई विशेष दवा या वैक्सीन अभी तक उपलब्ध नहीं है, आहार का महत्त्व और भी बढ़ जाता है।

डेंगू रोग से जल्द ठीक होने के लिए पीड़ित व्यक्ति ने अपने आहार में किस विशेष आहार पदार्थो का समावेश करना चाहिए इसकी जानकारी निचे दी गयी है :



Diet-food-tips-for-dengue-patients-Hindi
डेंगू और आहार 

कैसा हो डेंगू / Dengue के रोगियों का आहार ?
Diet / Food tips for Dengue patients in Hindi
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डेंगू के रोगियों को निचे दिए हुए आहार पदार्थ देना चाहिए :

1) नारियल का पानी : डेंगू रोग में platelet count कम हो जाने के कारण आतंरिक पानी की कमी / dehydration होना सबसे बड़ी समस्या होती है। शरीर में पानी की कमी को दूर करने के लिए रोगी व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ देना अतिआवश्यक हो जाता हैं। नारियल का पानी स्वादिष्ट और सुपाच्य होने के साथ-साथ इसमें शरीर के लिए जरुरी minerals और electrolytes भरपूर मात्रा में होते है। रोगी व्यक्ति को रोजाना एक नारियल पानी देने से रोगी व्यक्ति को पोषण और ऊर्जा दोनों प्राप्त होती हैं।

2) नारंगी / Orange जूस : डेंगू के रोगियो के लिए नारंगी यह एक उपयोगी फल हैं। इसमें Vitamin C की मात्रा अधिक होती हैं। इसका जूस पिने से रोग प्रतिकार शक्ति में इजाफा होता है।


3) पपीता : डेंगू रोग से पीड़ित अनेक व्यक्तिओ में पपीता का उपयोग करने से लाभ होते हुए देखा गया हैं। पपीते के सेवन से platelets की मात्रा बढ़ती है। रोगी व्यक्ति को पपीते के ताजे और स्वच्छ पत्तिया पिंस कर उसका रस दोबार देने से platelet की मात्रा बढ़ सकती है।


4) दलिया : डेंगू रोग में रोगी की पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। ऐसे में रोगी को ऐसा आहार देना जरुरी है जो स्वादिष्ट हो, पौष्टिक हो और आसानी से पच सके। दलिया खाने में स्वादिष्ट होता है और इसमें पोषक तत्व अधिक मात्रा में होते हैं। दलिया में fiber अधिक होने से कब्ज की समस्या नहीं होती है और इसका पाचन आसानी से हो जाता है।


5) हर्बल टी : डेंगू रोग से पीड़ित वयक्ति को साधारण चाय या कॉफ़ी नहीं देनी चाहिए। इसके जगह पर इलायची, पुदीना या अदरक वाली हर्बल चाय पिलाना चाहिए जो की anti oxidants और anti inflammatory गुणों से युक्त होती हैं। यह चाय पिने से बुखार कम आता है और रोग प्रतिकार शक्ति भी बढाती है।


6) प्रोटीन Proteins : डेंगू में रोगी को बेहद ज्यादा कमजोरी आती है। डेंगू से ठीक हो जाने के बाद भी यह कमजोरी 10 से 15 दिनों तक बनी रहती है। डेंगू बुखार से आनेवाली कमजोरी को दूर करने के लिए रोगी व्यक्ति को प्रोटीन युक्त आहार देना चाहिए। आहार में प्रोटीन का समावेश कैसे करे और प्रोटीन का महत्त्व जानने के लिए यह पढ़े - आहार में प्रोटीन का महत्त्व !


7) पानी : डेंगू रोग में रोगी व्यक्ति के गंभीर होने का सबसे मुख्य कारण पानी की कमी / dehydration होता हैं। पीड़ित व्यक्ति ने रोजाना कमसे कम 8 ग्लास पानी अवश्य पीना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पिने से रोगी व्यक्ति को जल्द स्वास्थ्य लाभ होता है और कमजोरी नहीं होती हैं।


8) फलों का रस : डेंगू के रोगी को रोजाना सुबह-शाम एक फल खाने के लिए देना चाहिए। अगर रोगी व्यक्ति फल खाने में सक्षम नहीं है तो आप उन्हें ताजे फलों का रस / जूस भी दे सकते हैं। फलों के रस में प्रचुर मात्रा में विटामिन्स होते हैं। फलों का रस पिने से शरीर में रोग से लड़ने वाले Lymphocytes के उत्पादन को बढ़ावा मिलता है जिससे रोग प्रतिकार शक्ति बढ़ती हैं। 


9) सब्जियों का रस : डेंगू के वायरस से लड़ने के लिए रोगी को आवश्यक पोषक तत्व मिलना जरुरी होता हैं। ऐसे में रोगी ने पोषक सब्जिया अवश्य खाना चाहिए। अगर रोगी हरी पत्तेदार सब्जी नहीं पचा पा रहा है तो आप उन्हें सब्जियों का ताजा रस निकालकर पिने के लिए दे सकते हैं। गाजर, खीरा, पालक, गोभी और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियों के रस में शरीर के लिए जरुरी विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर होते हैं जो शरीर की रोग प्रतिकार शक्ति बढ़ाते हैं। 


10) दूध : डेंगू के रोगी को सुबह-शाम एक ग्लास दूध देना चाहिए। आप चाहे तो रोगी व्यक्ति के पसंद अनुसार दूध में प्रोटीन पाउडर मिलाकर भी दे सकते हैं। Platelets की कमी और दवा के कारण डेंगू से पीड़ित व्यक्तिओं में एसिडिटी और गैस की समस्या अधिक होती है। दूध पिने से एसिडिटी कम होती है और शरीर को ऊर्जा भी प्राप्त होती हैं। 


डेंगू रोग में रोगी के लिवर पर सूजन आ जाती है और भूक कम हो जाती है। ऐसे में रोगी की अधिक तला हुआ और मसालेदार खाना नहीं देना चाहिए। दिन में दो बड़े आहार देने की जगह हर 2 से 3 घंटे से थोडा थोडा आहार लेना चाहिए। अगर रोगी व्यक्ति को अधिक थकान महसूस होती है या बार-बार उलटी होती है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाकर हॉस्पिटल में भर्ती कराना चाहिए। 


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