आजकल महिलाओं में पहले की तुलना में प्रजनन क्षमता में कमी पायी जाती हैं। ऐसे कई महिलाएं है जो शादी के बाद प्रजनन क्षमता में कमी के कारण वर्षो तक सफल गर्भावस्था को प्राप्त नहीं कर पा रही हैं। आधुनिक जीवनशैली की कुछ गलतियों का असर प्रजनन क्षमता पर पड़ता है जिस कारण उन्हें मातृत्व के सुख से दूर रहना पड़ता हैं।

महिलाओं में प्रजनन क्षमता में कमी के मुख्य कारण संबंधी जानकारी निचे दी गयी हैं :

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  • जीवनशैली / Lifestyle : अध्य्यन से पता चला हैं की गलत जीवनशैली के कारण अंडाणुओं की गुणवत्ता (Quality) कम होती है और उनकी संख्या (Quantity) में भी कमी हो जाती हैं। व्यायाम की कमी, जंक फ़ूड का अधिक सेवन और तनाव के कारण प्रजनन क्षमता पर बुरा असर हो रहा हैं। 
  • प्रजनन प्रणाली / Reproductive System : महिलाओं में गर्भाशय, अंडाशय या Fallopian tubes इस प्रजनन प्रणाली में कोई दोष होने पर गर्भावस्था प्राप्त करने में समस्या निर्माण होती हैं। इसका निदान डॉक्टर आपकी शारीरिक जांच और कुछ टेस्ट कराकर कर सकते हैं।  
  • PCOD (Poly Cystic Ovarian Disorder) : यह महिलाओं में प्रजनन क्षमता में कमी का सबसे बड़ा कारण हैं। शरीर में हॉर्मोन्स के असंतुलन के कारण PCOD  समस्या निर्माण होती हैं। PCOD का कारण और उपचार संबंधी अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए यह पढ़े - PCOD कारण, लक्षण और उपचार 
  • उम्र / Age : डॉक्टरों का कहना है की महिलाओं में अंडाणुओं की संख्या तय होती है और यह संख्या उम्र के साथ-साथ कम होते जाती हैं। इसलिए बड़ी उम्र में माँ बनने में दिक्क्त आती हैं।  
  • मोटापा / Obesity : शारीरिक फिटनेस पर ध्यान न देने के कारण मोटापा और पौष्टिक भोजन न करने पर माँ बनाने में बड़ी अड़चन पैदा होती हैं। सामान्य वजन वाली महिलाओं की तुलना में मोटापा से पीड़ित महिलाओं की प्रजनन क्षमता लगभग 30% कम रहती हैं। सामान्य से ज्यादा वजन या कम वजन होने से हॉर्मोन्स में असंतुलन हो जाता हैं और Ovulation में दिक्कत आती हैं। प्रजनन क्षमता को सामान्य रखने के लिए वजन को नियंत्रित रखना बेहद जरुरी हैं। 
  1. अगर आप मोटापे से पीड़ित है तो मोटापा कम करने के उपाय जानने के लिए यह पढ़े - मोटापा कम करने के आसान उपाय !
  2. अगर आपका वजन कम हैं और आप दुर्बल है तो वजन सामान्य करने के लिए यह पढ़े - वजन बढ़ाने के उपाय !
  • गर्भावस्था / Pregnancy : ऐसी कई महिलाए है जो अपने काम को ज्यादा महत्त्व देती है और माँ बनने के जिम्मेदारी का बोझ जल्दी न लेने की गरज से प्रेगनेंसी को टालती रहती हैं। महिलओं ने यह समझना जरुरी है की 35 वर्ष की उम्र के बाद प्रजनन क्षमता में कमी आ जाती है और बढ़ती उम्र में प्रेग्नेंट होने पर जेनेटिक असामन्यताए भी हावी होने लगती हैं और गर्भपात / Abortion की आशंका भी बढ़ जाती हैं। 
  • धूम्रपान / Smoking : ऐसे तो भारत में अधिकतर महिलाएं किसी भी प्रकार के नशे से दूर ही रहती है पर आधुनिक जीवनशैली के कारण धूम्रपान करने वाली महिलाओं की संख्या में वृद्धि हुई हैं। महिलाओं ने ना तो धूम्रपान करना चाहिए और Passive smoking से बचने के लिए ना ही धूम्रपान कर रहे व्यक्ति के पास बैठना चाहिए। धूम्रपान के धुए के कारण अन्डो की गुणवत्ता नष्ट होती हैं, हॉर्मोन्स असंतुलित होते हैं और अंडाशय / Ovary में रखे अंडाणु नष्ट भी होते हैं। धूम्रपान करनेवाली महिलाओं में रजोनिवृत्ति / Menopause अन्य महिलाओं के मुकाबले 2 से 4 वर्ष पहले हो जाती हैं। 
  • विकिरण / Radiation : अनावश्यक और अति क्ष-किरण / X-Ray के radiation का विपरीत परिणाम प्रजनन प्रणाली पर पड़ने से प्रजनन क्षमता में कमी आ जाती हैं। आजकल हर किसी के पास अपना मोबाइल फोन होता हैं। मोबाइल फोन के Radio Frequency Electro Magnetic Waves के अति विकिरण से भी प्रजनन क्षमता कमजोर पड़ती हैं। मोबाइल को हमेशा अपने प्रजनन अंगो से दूर ही रखना चाहिए। X-Ray के radiation के सम्पूर्ण दुष्परिणाम संबंधी जानकारी के लिए यह पढ़े - X-Ray radiation के दुष्परिणाम ! 
  • अन्य / Others : महिलाओं में प्रजनन क्षमता कम होने के अन्य कारण इस प्रकार हैं :
  1. अधिक चाय और कोफ़ी पीना। 
  2. शराब का सेवन। 
  3. कम नींद लेना या बेहद ज्यादा समय तक सोना। 
  4. सुबह देरी से उठना। 
  5. देर रात तक जागना। 
  6. तनाव, भय, शोक इत्यादि मानसिक समस्या। 
  7. प्रदूषित वातावरण में रहना। 
  8. अधिक केमिकल युक्त आहार या सौंदर्य प्रसादन का इस्तेमाल करना। 
  9. अधिक व्यक्ति के साथ यौन संबंध रखना। 
  10. स्वच्छता का ख्याल न रखना।  
समतोल आहार, व्यायाम और एहतियात बरत कर महिलाए मातृत्व प्रदान कर सकती है। प्रजनन क्षमता में कमी आने पर डॉक्टर से जांच कराकर योग्य उपचार लेना बेहद आवश्यक होता हैं।

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