सोरायसिस / Psoriasis यह एक प्रकार का त्वचा रोग है जिसका पूरी तरह से ईलाज करना बेहद मुश्किल होता हैं। आधुनिक विज्ञान में इतनी प्रगति होने के बाद भी अभी तक ऐसी कोई सुरक्षित दवा नहीं मिली है जो इसे तुरंत जड़ से मिटा सके। Psoriasis से ठीक होने के लिए रोगी व्यक्ति को नियमित दवा लेने के साथ पथ्य पालन और मानसिक स्वास्थ्य को बनाये रखना बेहद जरुरी होता हैं।

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Psoriasis के उपचार और एहतियात संबंधी संपूर्ण जानकारी निचे दी गयी हैं :

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Psoriasis का उपचार / Treatment कैसे किया जाता हैं ?

Psoriasis के उपचार के मुख्य दो उद्देश होते हैं -
  1. त्वचा के पेशी की निर्माण की गति को सामान्य करना जिससे की चमड़ी पर परत न जमा हो सके और Plaque निर्मिति नहीं हो सके। 
  2. त्वचा को फिर से समतल और मुलायम करने के लिए उस पर मलम / cream लगाना। 
Psoriasis का उपचार कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे की Psoriasis का प्रकार, अवधि, रोगी की उम्र और medical history इत्यादि। Psoriasis के उपचार में मुख्यतः तीन प्रकार की चिकित्सा की जाती हैं।

1 ) स्थानिक चिकित्सा / Topical Treatment 

Psoriasis की तीव्रता कम होने पर केवल स्थानिक मलम या क्रीम लगाने से लाभ हो जाता हैं। Psoriasis का फैलाव अधिक होने पर इसके साथ अन्य उपचार भी करना पड़ता हैं। स्थानिक चिकित्सा में निचे दिए हुए दवा का इस्तेमाल किया जाता हैं :
  • स्टेरॉयड / Corticosteroids - यह त्वचा की रोग प्रतिकार शक्ति कम कर चमड़ी की सुजन कम करता हैं। इनका उपयोग डॉक्टर की सलाह अनुसार सिमित अवधि तक ही करना चाहिए। 
  • Vitamin D अनुरूप / Analogue : यह दवा त्वचा के बढ़ने की गति को कम करता हैं। इसमें Calcitriol और Calcipotriene दवा का उपयोग किया जाता हैं। 
  • Retinoids : Retenoids (Tazarotene) त्वचा की DNA गतिविधि को सामान्य करता है और सुजन में कमी लाता हैं। इनका उपयोग करने के बाद तेज सूर्यप्रकाश में नहीं जाना चाहिए और मॉइस्चराइजर का उपयोग करना चाहिए। इस दवा का उपयोग गर्भावस्था में या बच्चे को दुग्धपान कराते समय नहीं करना चाहिए। अगर आप Pregnancy की planning कर रहे है तो 6 महीने पहले से यह दवा बंद करना चाहिए। 
  • Salicyclic Acid : इस दवा से चमड़ी पर जमी हुई त्वचा की परत उतरने में मदद होती हैं। 
  • टार / Coal tar : यह Psoriasis के लिए इस्तेमाल की जानेवाली सबसे पुरानी दवा हैं। इसके उपयोग से सुजन कम होती है और त्वचा पर जमी परत जल्द कम हो जाती हैं। गर्भावस्था में इनका उपयोग नहीं करना चाहिए। 
  • मॉइस्चराइजर / Moisturizers : इनके नियमित उपयोग से त्वचा के रूखेपन और खुजली की समस्या में कमी आती हैं। 
2 ) प्रकाश चिकित्सा / Light Therapy 

Psoriasis की चिकित्सा करने के लिए प्राकृतिक सूर्य प्रकाश या कृत्रिम पेराबैगनी किरणों / Ultraviolet Rays का उपयोग किया जाता हैं। 
  • प्राकृतिक सूर्य किरणों का उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर से इसकी योग्य पद्दति और अवधि की जानकारी लेनी चाहिए। अधिक समय तक तेज सूर्य किरणों से त्वचा पर विपरीत परिणाम पड़ सकता हैं।
  • Psoriasis की चिकित्सा में डॉक्टर आवश्यकता अनुसार कृत्रिम पेराबैगनी किरने A या B का इस्तेमाल करते हैं। 
  • कुछ रोगियों में कृत्रिम पेराबैगनी किरणों के साथ त्वचा पर Psoralen दवा लगाकर Phototherapy की जाती हैं। Psoriasis की तीव्रता अधिक होने पर इनका इस्तेमाल किया जाता हैं।   
3 ) दवा / Medicine 

Psoriasis की तीव्रता अनुसार डॉक्टर आवश्यकता अनुसार Oral या injection के रूप में दवा का इस्तेमाल करते हैं। Psoriasis की चिकित्सा में निचे दी हुई मुख्य दवा का इस्तेमाल किया जाता हैं :
  • Retinoids : यह Vitamin A से जुडी दवा है जिसके इस्तेमाल करने से त्वचा के तुरंत बढ़ने की गति धीमी हो जाती है। इस दवा से लाभ जल्द मिलता हैं पर दवा बंद करने के बाद Psoriasis का प्रभाव फिरसे बढ़ सकता हैं। गर्भावस्था / Pregnancy और दुग्धपान / Breast feeding के समय इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अगर आप यह दवा ले रहे हैं और Pregnancy की planning कर रहे है तो दवा बंद करने के 3 साल बाद pregnancy के बारे में सोचना चाहिए। 
  • Methotrexate : यह दवा त्वचा के तुरंत बढ़ने की गति को कम करता है और सूजन में कमी लाता हैं।Psoriasis के कारण होनेवाले arthritis में इसका अधिक उपयोग किया जाता हैं। इनका उपयोग अधिक समय तक करने से शरीर पर कई गंभीर विपरीत परिणाम हो सकते है इसलिए इनका उपयोग डॉक्टर के सलाह अनुसार की करना चाहिए। 
  • Biologics : यह विशेष प्रकार की दवा है जिनका असर शरीर की रोग प्रतिकार शक्ति पर पड़ता हैं। सामान्य उपचार से लाभ न मिलने पर इनका इस्तेमाल किया जाता हैं। यह दवा का उपयोग इंजेक्शन द्वारा रोगी पर किया जाता हैं। इन दवाओं का शरीर पर विपरीत परिणाम होता है इसलिए डॉक्टर की सलाह लेकर ही इनका उपयोग करना चाहिए।  
4 ) आयुर्वेद / Ayurveda 

आयुर्वेद के अनुसार किसी भी रोग को ठीक करने के लिए शरीर के 3 प्रमुख दोष वात, पित्त और कफ की चिकित्सा करना जरुरी होता हैं। Psoriasis की चिकित्सा करते समय पथ्य पालन और औषधि द्रव्य के साथ शारीरिक दूषित पदार्थ को बाहर निकालने के लिए वमन, विरेचन या बस्ती यह पंचकर्म चिकित्सा की जाती हैं। रोगी व्यक्ति की प्रकृति और दूषित दोष के अनुसार हर रोगी की चिकित्सा भिन्न-भिन्न हो सकती हैं। 

आयुर्वेद के अनुसार चिकित्सा के साथ रोगी ने सभी पथ्य पालन को निभाना बेहद जरुरी हैं। आहार में दही, तीखा, तलाहुआ और ज्यादा नमक का इस्तेमाल किया हुआ आहार जैसे अचार, पापड़ नहीं लेना चाहिए।  

ऊपर वर्णन की हुई दवा के अलावा और भी कई प्रकार की दवा है जिनका Psoriasis के चिकित्सा में उपयोग किया जाता हैं। आपको किस प्रकार की दवा देनी चाहिए इसका निर्णय केवल डॉक्टर ही कर सकते हैं। आमतौर पर दवा बंद करने के बाद Psoriasis का प्रभाव दोबारा हो सकता हैं। रोगी को चिकित्सा कराते समय अनुशासन, पथ्य पालन और संयम रखने की आवश्यकता होती हैं। 

Psoriasis से पीड़ित व्यक्ति को क्या एहतियात बरतने चाहिए ?

Psoriasis से पीड़ित व्यक्ति को अपने रोग को नियंत्रण में रखने के लिए और उसके प्रभाव को कम करने के लिए निचे दिए हुए सुझाव का पालन करना चाहिए। जैसे की -
  • समतोल आहार / Balanced Diet : आहार में हरी पत्तेदार सब्जी, फल, साबुत अनाज इत्यादि का समावेश करे। अधिक तलाहुआ और मसालेदार फास्टफूड आहार लेने से त्वचा पर विपरीत परिणाम होता हैं। आयुर्वेद के अनुसार विरुद्ध अन्न लेने से Psoriasis होता हैं। उदा - दूध और फल साथ खाने से, दूध और मछली साथ खाने से
  • स्नान / Bath : रोगी को रोजाना दिन में दो बार गुनगुने पानी से स्नान करना चाहिए। स्नान करने से जमी हुई चमड़ी की परत निकलने में आसानी होती हैं और त्वचा का रूखापन कम होता हैं। स्नान करते समय ज्यादा गर्म पानी या केमिकल का उपयोग नहीं करना चाहीए। रोगी ने अपने लिए अलग टॉवल और रुमाल का इस्तेमाल करना चाहिए। 
  • मॉइस्चराइजर / Moisturizers : त्वचा का रूखापन कम करने के लिए डॉक्टर की सलाह लेकर नियमित मॉइस्चराइजर का लगाना चाहिए। सर्दी के दिनों में आपको कई बार इसके लगाने की आवश्यकता पड़ सकती हैं। 
  • सूर्य किरणे / Sunlight : पर्याप्त मात्रा में Psoriasis से प्रभावित त्वचा पर सूर्य की किरणे लेने से लाभ होता हैं। ध्यान रहे की अधिक समय तक सूर्य प्रकाश में रहने से Psoriasis बढ़ भी सकता हैं। अपने डॉक्टर से यह जरूर पूछ ले की आप कितने समय तक और कौन से समय Sunbath ले सकते हैं। सूर्य की किरणों से बचने के लिए आप SPF 30 युक्त Sunscreen का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। 
  • तनाव / Stress : आयुर्वेद के अनुसार दूषित दोष के साथ तनाव Psoriasis का प्रमुख कारण हैं। अत्याधिक तनावपूर्ण वातावरण के कारण Psoriasis का प्रभाव तीव्र हो जाता है। तनाव को दूर करने के लिए आप योग और ध्यान / Meditation का अभ्यास कर सकते हैं। 
  • आदतें / Habits : शराब, धूम्रपान और तम्बाखू के सेवन से Psoriasis की तीव्रता बढ़ जाती हैं। आपको अपने शरीर को निरोगी रखने के लिए इन बुरी आदतों से छुटकारा पाना चाहिए।  
  • त्वचा / Skin : अपने त्वचा को अधिक रुखा होने से बचाने के लिए ठण्ड से बचकर रहना चाहिए। आप चाहे तो Psoriasis से पीड़ित त्वचा पर Aloe vera extract लगा सकते है जिससे त्वचा की खुजली और रूखापन दूर हो जाता हैं। अपने हाथों से कभी भी चमड़ी को उखाड़ना, खुजली करना या खपली निकालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। 
  • योग / Yoga : रोजाना योग और प्राणायाम करे। योग और प्राणायाम करने से शरीर के दूषित पदार्थ बाहर निकालने में मदद होती है और साथ ही मन को शांत कर तनाव को दूर किया जा सकता हैं। Psoriasis में आप निचे दिए हुए योग और प्राणायाम कर सकते हैं :
  1. सूर्यनमस्कार 
  2. वज्रासन 
  3. कपालभाति 
  4. भस्त्रिका प्राणायाम  
  5. भ्रामरी प्राणायाम 
  6. अनुलोम विलोम प्राणायाम 
Psoriasis का उपचार हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह अनुसार ही लेना चाहिए और कोई भी घरगुती नुस्खा अपनाने से पहले अपने डॉक्टर की राय अवश्य लेनी चाहिए।

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