स्वस्थ शरीर के लिए समतोल आहार लेना बेहद जरुरी हैं। आजकल के दौड़ भाग के जीवन में लोग न तो ठीक से अपना आहार लेते हैं बल्कि जो आहार लेते हैं वह भी पौष्टिक नहीं होता हैं। बच्चे हो या बड़े, हर कोई आहार के पौष्टिकता से ज्यादा उसके स्वाद पर अधिक ध्यान देते हैं। यही कारण है की भारत में अमेरिका के समान छोटे बच्चों में भी मोटापे की समस्या बढ़ रही हैं। सही पोषण का अभाव और मोटापे के कारण 20 से 30 वर्ष के नौजवान भी मधुमेह और ह्रदय रोग जैसी गंभीर रोग का शिकार बन रहे हैं।

अगर आप चाहते है की आप मोटापे और उससे जुडी इन गंभीर समस्या से दूर रहे तो फिर आपको अपने आहार में योग्य बदल करना आवश्यक हैं। समतोल आहार क्या है और उसमे किन चीजो का होना जरुरी है, इसकी अधिक जानकारी निचे दी गयी हैं।

Benefits of Balanced Healthy diet in Hindi

समतोल आहार क्या हैं ?

ऐसा आहार जिसमे सभी आवश्यक पोषक तत्व जैसे की Vitamins, Proteins, Fats, Fiber, Nutrients और उर्जा (Calories) पर्याप्त मात्रा में मिलती हैं उसे समतोल आहार (Balanced Diet) कहा जाता हैं। समतोल आहार लेने के लिए आप अपने आहार में साबुत अनाज, हरी सब्जिया, दालें, अंकुरित अनाज, फल, दूध और दुग्धजन्य पदार्थ और मांसाहार का समावेश कर सकते हैं। समतोल आहार मतलब सिर्फ एक ही प्रकार का आहार नहीं हैं। आप अलग-अलग आहार पदार्थ मिलाकर समतोल आहार ले सकते हैं। ध्यान सिर्फ यह रखना है की उस आहार से हमें पर्याप्त मात्रा में पौष्टिकता होनी चाहिए।

समतोल आहार क्या है और उसमे किन चीजो की आवश्यकता होती है इसकी संपूर्ण जानकारी हमने मधुमेह और आहार इस लेख में दी हैं। आप मधुमेह और आहार यह लेख पढ़कर आहार में Carbohydrates, Proteins, Fats, Fiber और Vitamins का समावेश कैसे करे इसकी सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

जंक (कबाड़) फ़ूड की आसानी से उपलब्धता के कारण लोगो की हरी-सब्जियां, ताजे फल, दाल, रोटी और चावल जैसे पौष्टिक आहार में रूचि कम हो गयी हैं। बर्गर, पिज्जा, हॉटडॉग, पैकेट बंद खाद्यपदार्थ, बुलबुले वाले ठण्ड पेय पदार्थ जैसे आसानी से मिलनेवाले पर देरी से पचनेवाले जंक फ़ूड का युवा वर्ग में ख़ास आकर्षण हैं। मोटापा बढ़ाने वाले इन आहार को वह नए ज़माने की स्टाइल समझते हैं। ऐसे में युवा वर्ग और बच्चों को समतोल और पौष्टिक आहार कैसे दे यह एक बड़ा सवाल बन गया हैं।

बच्चों में जंक फ़ूड से दुरी बनाकर पौष्टिक आहार देने के लिए आप निचे दिए हुए टिप्स का उपयोग कर सकते हैं :
  • बच्चो को रंग-बिरंगी आहर ज्यादा आकर्षक लगता है। आप घर पर गाजर, टमाटर, शिमला मिर्च, पत्तागोभी और ब्रोकली जैसे रंग बिरंगी सब्जियों का प्रयोग कर सकते हैं। 
  • कई चायनिझ आहार जैसे की चौमिन, मंचूरियन या मैकरोनी बाजार से लाने की जगह उनमे सब्जियों का प्रयोग कर आप घर पर भी बना सकते हैं। इंटरनेट पर इस तरह की स्वादिष्ट और पौष्टिक आहार बनाने की हजारो रेसिपी उपलब्ध हैं। 
  • आप चाहे तो पालक, कद्दू, बथुआ और मेथी जैसी सब्जी के पराठे बनाकर उनपर पनीर, टमाटर, गाजर फैलाकर उसे पिज़्ज़ा का स्वरुप दे सकते हैं। 
  • आप घर पर मूंगफली के पौष्टिक तेल में आलू के चिप्स बनाकर दे सकते हैं। बाजार में मिलने वाले चिप्स की तुलना में यह ज्यादा पौष्टिक हैं। 
  • कुछ बच्चे लौकी, टमाटर, बैगन और कद्दू जैसी उपयोगी सब्जिया नहीं खाते हैं। ऐसे सब्जियों को हम अन्य सब्जी के साथ उबालकर, मैश कर भाजी बना सकते है। ऐसी स्वादिष्ट और पौष्टिक पाँव भाजी आपके बच्चों को अवश्य पसंद आएँगी। 
  • शहद (Honey) : आप आहार में चीनी (Sugar) के जगह शहद का इस्तेमाल कर सकते है। शहद में चीनी की तुलना में कम कैलोरी है और अधिक पौष्टिकता हैं। शहद वजन कम करने के साथ-साथ सुंदरता बढाने में भी उपयोगी हैं। शहद की अलग-अलग स्वादिष्ट रेसिपी जानने के लिए यह पढ़े - शहद के स्वादिष्ट व्यंजन  (Honey Diet )
  • बच्चों को सुबह नाश्ता अवश्य देना चाहिए। नाश्ते में आप उन्हें प्रोटीन युक्त अकुरित अनाज दे सकते हैं। 
  • बाजार में मिलने वाले अधिक कैलोरी युक्त शीत पेय देने की जगह घर पर ही निम्बू पानी, जलजीरा या मिल्क शेक बनाकर दे सकते हैं। 
  • बाजार में मिलने वाले महंगे और अशुद्ध आहार की जगह घर पर ही स्वादिष्ट व्यंजन खाने से पैसे और स्वास्थ्य दोनों का रक्षण होता हैं। आप घर पर ही भेल, पकोड़े, पानीपूरी का पानी, दाबेली जैसे आहार ज्यादा स्वच्छता से बना सकते हैं। महीने में एकबार इस तरह का आहार खाने से कोई ज्यादा नुक्सान नहीं हैं। 
समतोल आहार लेने के साथ यह भी जानना जरुरी है की हमें एक दिन में कितनी कैलोरीज की आवश्यकता होती है और हम अपने आहार से कितनी कैलोरीज ले रहे हैं। आहार और कैलोरीज से जुडी अधिक जानकारी निचे दी गयी हैं :

एक सामान्य कामकाजी व्यक्ति को एक दिन में आहार से लगभग 2000 calories प्राप्त होनी चाहिए। अगर कोई व्यक्ति अपने जरुरत से ज्यादा calorie युक्त आहार लेता है और बदले में कम calories खर्च करता है तो बची calories का fat में रूपांतर होकर व्यक्ति का वजन बढ़ जाता है और ह्रदय रोग, मधुमेह जैसे रोग होने का खतरा दोगुना हो जाता हैं।

किस व्यक्ति को कितनी calories की आवश्यकता होती है उसकी अधिक जानकारी निचे दी गयी हैं :

              आयु (Age)
Calories की आवश्यकता
  2 से 8 वर्ष - बालक
  1000 से 1400
  14 से 30 वर्ष - कामकाजी महिला
  2400
  14 से 30 वर्ष – काम न करने वाली महिला
  1800 से 2000
  14 से 30 वर्ष – कामकाजी पुरुष
  2800 से 3000
  14 से 30 वर्ष – काम न करने वाला पुरुष
  2000 से 2600
  30 वर्ष से ऊपर – कामकाजी महिला / पुरुष 
  2200 से 3000
  30 वर्ष से ऊपर – कामकाज न करनेवाले महिला / 
  पुरुष
  1800 से 2200
सौजन्य : USDA

एक दिन में आप अपने आहार में कितनी Calories ले रहे हैं इसकी गिनती आप डाबर की वेबसाइट पर जाकर Diet Planner पर क्लिक कर देख सकते हैं। इस पर आप कितनी Calories ले रहे हैं और आपने वजन नियंत्रण के लिए कितनी calories लेनी चाहिए यह पता कर सकते हैं।

आपसे अनुरोध है कि आप आपने सुझाव, प्रतिक्रिया या स्वास्थ्य संबंधित प्रश्न निचे Comment Box में या Contact Us में लिख सकते है !
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  1. Excellent information on balanced diet. If one follows the above religiously ,I assure that your & your family health is free from all sought of diseases .
    Thanks for sharing such a beautiful and well defined balanced diet information to the community.

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