मधुमेह के रोगियों के लिए रक्त शर्करा को नियंत्रित करने के लिए और अपने बीमारी की काबू में करने के लिए जितना महत्त्व दवा का हैं उतना ही महत्व आहार का भी हैं। मधुमेह के रोगी, योग्य संतुलित पोषक आहार लेकर अपने दवा की मात्रा को कम कर सकते हैं और मधुमेह के दुष्परिनामो से बच सकते हैं। मधुमेह के रोगियों ने आहार लेते समय किन पोषक तत्वों का समावेश करना चाहिए और किन बातो का ध्यान रखना चाहिए इसकी अधिक जानकारी निचे दी गयी हैं :

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अगर आपको Diabetes / मधुमेह है और आप सोचते है की आपको पता नहीं चल रहा है की आपने आहार संबंधी नियोजन कैसे करना चाहिए, तो परेशान होने की जरुरत नहीं हैं। आपके जैसे करोडो मधुमेह के रोगी भी इसी बात से चिंतित हैं। याद रखे, आप भी सामान्य इंसान हैं और आपको जरुरत है सिर्फ ऐसे पौष्टिक आहार की जो आपको स्वस्थ और निरोगी रखे !

मधुमेह को काबू में रखने के लिए आपको दो बातो का पता होना जरुरी हैं :
  1. आप जो आहार लेते है उसका आपके रक्तशर्करा पर क्या असर होता हैं। 
  2. आप असल जिंदगी में इस ज्ञान का उपयोग कैसे कर सकते हैं। 
मधुमेह के रोगियों के लिए सभी पौष्टिक चीजो का आहार में समावेश करना एक कठिन परन्तु महत्वपूर्ण कार्य हैं। इस कार्य को करने पर मधुमेह के रोगी अपने रक्त शर्करा को नियंत्रण में रख सकते है, वजन नियंत्रित रख सकते हैं और साथ ही मधुमेह से होनेवाले क्षति से बच सकते हैं। मधुमेह विशेषज्ञों के अनुसार आपका आहार इस तरह से होना चाहिए :
  • आपको आपके दिनभर में आवश्यक Calories में से 50% से 60% Calories, Carbohydrates से मिलनी चाहिए। 
  • 12% से 20% Calories, Protein से मिलनी चाहिए। 
  • 30% से कम Calories, Fats से मिलना चाहिए।    
दिनभर में 2 बड़े आहार लेने की जगह, हर 2-3 घंटे से थोडा-थोडा खाना चाहिए। 

Carbohydrates 

Carbohydrates का Glucose में बेहद जल्द रूपांतर हो जाता हैं और शरीर को तुरंत उर्जा प्राप्त होती हैं। अतिरिक्त Carbohydrates का रूपांतर Fats में किया जाता है और वह Liver में Fat cell के तौर पर संग्रहित रहते हैं। 1 gm Carbohydrates से शरीर को 4 Calories प्राप्त होती हैं। अगर आप दिनभर में 1200 Calories का आहार लेते हैं तो उसमे से लगभग 600 Calories 150 gm Carbohydrates से मिलना चाहिए। दिन में एक साथ ज्यादा Carbohydrates लेने की जगह, थोडा-थोडा आहार 2-3 घंटे के अंतराल से लेना चाहिए। 

Carbohydrates का आहार स्त्रोत हैं - सब्जी, फल , दाले, साबुत अनाज (छिलके के साथ पिसा गया)  

Fats 

शरीर के सुचारू रूप से काम करने के लिए आहार में Fats का होना आवश्यक हैं। इनका शरीर में उर्जा भंडार के रूप में संग्रहित किया जाता हैं। शरीर में अतिरिक्त Fats को Triglyceride के रूप में रखा जाता हैं। 1 gm Fat से 9 Calories मिलती हैं। Fats कई तरह के होते है और उनमे से कुछ अच्छे तो कुछ बुरे Fats होते हैं। इनकी अधिक जानकारी निचे दी गयी हैं :
  • Saturated Fat : यह शरीर के लिए नुक्सान देह Fats हैं। यह Fats लेने से रक्त वाहिन्या कड़क हो जाती हैं, Cholesterol की मात्रा बढ़ जाती हैं, रक्तचाप बढ़ जाता हैं और ह्रदय रोग का खतरा बढ़ जाता हैं। इनका स्त्रोत हैं - बटर, लाल मांस (प्राणियों का गोश्त), चीझ, आइसक्रीम, चॉकलेट 
  • Trans Fat : यह भी Saturated fats की तरह शरीर को नुक्सान पहुचाता हैं। यह तली हुई चीजे, बिस्किट, केक. पेस्ट्री और चिप्स आदि में पाया जाता हैं। इनके उपयोग से भी ह्रदय रोग का खतरा बढ़ जाता हैं। 
  • Unsaturated Fat : इसके दो प्रकार हैं -
  1. Monounsaturated (MUFA) Fat : यह हमारे स्वास्थ्य के लिए सबसे बेहतर Fat हैं। MUFA Fat युक्त तेल खाने में उपयोग करने के लिए सबसे बेहतर होते हैं, जैसे की जैतून (Olive), मुगफली (Groundnut), बादाम (Nuts), सफ़ेद सरसों (Canola), रुचिरा (Avocado) इत्यादि। 
  2. Polyunsaturated (PUFA) Fat : इनका हमारे आहार में समावेश होना जरुरी हैं क्योंकि इनमे essential fatty acids Omega-3 का समावेश होता हैं। इनसे शरीर में Cholesterol की अतिरिक्त मात्रा कम होती हैं, ह्रदय रोग का खतरा कम होता हैं, रक्तचाप कम होता हैं और आँखों और मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ती हैं। दुर्भाग्य से यह शरीर में तैयार नहीं होता हैं। यह इनमे मिलता हैं - अखरोट (Walnut), अलसी (Flax seed), मच्छी (Fish), मक्का (Corn), सोयाबीन इत्यादि। 
Proteins 

शरीर में उतकों की निर्मिती, मजबूती और रखाव के लिए Protein की आवश्यकता होती हैं। एक सामान्य व्यक्ति के इतना ही मधुमेह के रोगी को Protein की आवश्यकता होती हैं। मधुमेह नियंत्रण में न होने पर अधिक मात्रा में Protein का Glucose में रूपांतर हो जाने से, Protein की कमी से रोग प्रतिकार शक्ति कम हो जाती है और बेहद कमजोरी आ जाती हैं। मधुमेह में पर्याप्त मात्रा में Protein लेना जरुरी हैं। आहार में मिल रहे Glucose का 20% हिस्सा Protein से मिलना चाहिए। अधिक मात्रा में Protein लेने से मधुमेह में किडनी के विकार होने का खतरा भी होता हैं। Protein संबंधी अधिक जानकारी के लिए यह पढ़े - Protein का महत्व   

Fibre

Fibre यह एक प्रकार का Carbohydrate होने के बाद भी free food होने के कारण इसकी गणना यूरोप जैसे देशो में carbohydrates में नहीं की जाती हैं। Fibre में उपलब्ध carbohydrates का पाचन नहीं होता है इसलिए इससे रक्त शर्करा नहीं बढ़ती हैं। आहार में Fibre का समावेश करने से रक्त शर्करा नियंत्रण होने में मदद मिलती हैं। आहार में Fibre बढाने से गैस, acidity और कब्ज में भी राहत मिलती हैं। ऐसे आहार को चुने जिसमे कम से कम 5 gm Fibre का समावेश होना चाहिए। 

Fibre युक्त आहार लेने से glucose का शोषण धीरे होता हैं, अचानक रक्त शर्करा नहीं बढ़ती हैं, पेट भरा रहता हैं, पाचन ठीक से होता हैं और मधुमेह नियंत्रण में रहता हैं। आहार में अहिक मात्रा में Fiber लेने के लिए हरी सब्जिया का समावेश करे, छिलकों के साथ फल खाए, भूरे चावल इस्तेमाल करे और साबुत अनाज का उपयोग करे।

अब तक हमने आहार पदार्थो का हमारे शरीर पर और रक्तशर्करा पर क्या असर होता है इसकी जानकारी ली हैं। अब हम इस जानकारी का उपयोग कर मधुमेह को नियंत्रित करने के साथ समतोल पौष्टिक आहार कैसे होना चाहिए यह जानकारी लेते हैं।

समतोल आहार - स्वास्थ्य की कुंजी 

समतोल आहार में, शरीर को उर्जा देने वाले (Carbohydrates, Fats), शरीर निर्माण करने वाले (Proteins) और शरीर को सुरक्षा देने वाले (Vitamins) ऐसे सभी तत्वों का पर्याप्त मात्रा में समावेश होता हैं। इन तत्वों की मात्रा व्यक्ति के आयु, लिंग, कार्यक्षमता, पर्यावरण और गर्भावस्था जैसी स्तिथी के अनुसार बदल भी सकती हैं।
यह बात महत्वपूर्ण हैं की आप कब, कैसा और कितना आहार लेते हैं। एक सामान्य व्यस्क व्यक्ति ने दिनभर में 1500 से 1800 Calories का आहार लेना चाहिए जिसमे 60% Carbohydrates, 20% Proteins और 20% Fats होना चाहिए।

जब आप खाना खाने के लिए बैठते है, तब अपने थाली को एक काल्पनिक रेखा से दो हिस्सों में बांट ले। अब उसमे से एक आधे हिस्से को और एक काल्पनिक रेखा से आधा बांट ले।

  • आपके थाली का 1 चौथाई (1/4) हिस्सा अनाज या Starch युक्त आहार जैसे की चावल, पास्ता, आलू, मक्का, मटर का होना चाहिए। 
  • आपके थाली का दूसरा 1 चौथाई (1/4) हिस्सा Protein युक्त आहार जैसे की मांस, सोयाबीन, पनीर, बदाम, दाले, फलिया का होना चाहिए। 
  • थाली का शेष बचा आधा हिस्सा गाजर, गोभी, ककड़ी,टमाटर, सलाद, ब्रोकोली जैसे आहार होना चाहिए। 
  • इसके साथ आप 1 ग्लास Fat मुक्त दूध और 1 फल भी ले सकते हैं।  
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Diabetes के Food Pyramid के हिसाब से सबसे निचला और बड़ा स्तर में अनाज और सब्जियों का समावेश होता हैं। इनका उपयोग ज्यादा होना चाहिए। मध्यम स्तर में फल और मांस है जिनका मध्यम प्रमाण में उपयोग होना चाहिए। सबसे उपरी और छोटे स्तर में Fat युक्त आहार और मिठाई है जिनका बेहद कम उपयोग होना चाहिए। मधुमेह को नियंत्रण में रखने के लिए नियमित समय पर डॉक्टर और आहार विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।

Source : GlaxoSmithKline Healthcare Ltd.

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  1. भगवान ने अब तक तो इस बीमारी से बचा रखा है ! बेहतर जानकारी उपलब्ध करवाई है आपने मधुमेह के विषय में !

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  2. Thank u sir..mjhe bhut jaroorat thi information ki

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  3. Neem k patte khane se sugar kum ho skti he kya ?

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