ज़ीका वायरस (Zika Virus) का कारण, लक्षण और उपचार

ज़ीका वायरस (Zika Virus) का कारण, लक्षण और उपचार ज़ीका वायरस (Zika Virus) का कारण, लक्षण और उपचार
पिछले कुछ वर्षों से भारत में हर साल लाखों लोग डेंगू (Dengue) के शिकार हो रहे हैं। अब टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी खबर के अनुसार वर्ष 2017 की शुरुआत में अहमदाबाद में बापूनगर इलाके में ज़ीका / Zika वायरस के कुछ रोगी पाए गए हैं। Zika virus का कहर अभी तक अफ्रीकन देशों में ही देखा गया था और अब इस वायरस ने डेंगू की तरह भारत में भी प्रवेश कर लिया हैं।

ज़ीका वायरस यह डेंगू के समान ही एक वायरस है जो की संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता हैं। यह अफ्रीका में 1947 से पाया गया था और अमेरिका में इसका पहला मरीज 2016 में मिला था। भारत में इस ज़ीका वायरस के रोगी का निदान पहिला बार जनवरी 2017 में हुआ हैं।

Zika Virus क्या है और इसके कारण, लक्षण, उपचार से जुडी अधिक जानकारी निचे दी गयी हैं :

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ज़ीका वायरस का कारण, लक्षण और उपचार 

ज़ीका वायरस क्या हैं ?
What is Zika virus in Hindi

ज़ीका वायरस यह डेंगू के तरह ही एक वायरस है जिससे संक्रमित होने पर रोगी को बदनदर्द, बुखार, उलटी, कमजोरी जैसे लक्षण नजर आते है और कुछ मामलों में रोगी की मृत्यु भी हो सकती हैं। संक्रमित मच्छर के काटने के 3 से 12 दिन बाद रोगी को लक्षण दिखाई देते हैं।

जीका वायरस कैसे फैलता हैं ?
How does Zika virus spread in Hindi

ज़ीका वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक निचे दिए हुए तरीकों से फ़ैल सकता हैं :
  1. मच्छर के काटने से - ज़ीका वायरस संक्रमित Aedes मच्छर के काटने से फैलता हैं। यह वही मच्छर जिसके काटने से डेंगू और चिकुनगुनिया जैसे रोग भी फैलते हैं। 
  2. Blood Transfusion - अगर किसी व्यक्ति को ज़ीका वायरस से पीड़ित व्यक्ति का खून निकालकर चढ़ा दिया जाये तो भी यह वायरस फ़ैल सकता हैं। हालाँकि ऐसे होने की आशंका कम है पर इसका ख्याल रखना चाहिए। 
  3. Organ Transplant - ज़ीका वायरस से पीड़ित व्यक्ति की मृत्यु होने पर अगर उसके अंग का कोई हिस्सा ट्रांसप्लांट के लिए उपयोग में लिया जाता है तो उस व्यक्ति को भी इसका संक्रमण हो सकता हैं। 
  4. शारीरिक संबंध (Sex) - Zika Virus का संक्रमण होने पर यह वायरस पुरुष के वीर्य / Semen में 3 महीने से अधिक समय तक रह सकता हैं। विशेषज्ञ सलाह देते है की पुरुष या महिला को संक्रमण होने पर 6 महीने तक असुरक्षित यौन संबंध नहीं बनाना चाहिए। 
फ़िलहाल विशेषज्ञों के अनुसार ज़ीका वायरस हाथ मिलाना, गले लगना, साथ खाना या खाँसना-छींकना जैसे तरीके से नहीं फैलता हैं। ज़ीका वायरस किसी और तरीके से तो नहीं फैलता इस पर अभी शोध कार्य चल रहा हैं।

अवश्य पढ़े - डेंगू के कारण, लक्षण और उपचार

ज़ीका वायरस के संक्रमण का लक्षण क्या हैं ?
Symptoms of Zika virus infection in Hindi

ज़ीका वायरस से संक्रमित होने पर निचे दिए हुए लक्षण नजर आते हैं। जैसे की :
  1. ठण्ड लगकर तेज बुखार आना 
  2. बदन पर लाल चकत्ते (rashes) आना 
  3. बदन / जोड़ों में दर्द 
  4. सिरदर्द 
  5. कमजोरी 
  6. भूक न लगना, जी मचलाना, उलटी होना 
  7. आँख आना / Conjunctivitis 
रोगी में ज़ीका वायरस के ऊपर दिए हुए लक्षण नजर आने पर ज़ीका का निदान करने के लिए RT-PCR खून जांच की जाती हैं। इसके साथ ही डॉक्टर डेंगू और चिकुनगुनिया की भी जांच कर सकते है क्योंकि यही लक्षण इन बिमारियों में भी पाए जाते हैं। 

ज़ीका वायरस का उपचार कैसे किया जाता हैं ?
Zika virus treatment in Hindi

  • Zika virus का रोकथाम / Prevention ही इसका सबसे अच्छा  और बेहतर ईलाज है। 
  • Zika virus की कोई विशेष दवा या vaccine फिलहाल उपलब्ध नहीं है। 
  • एक viral रोग होने के कारण इसकी दवा निर्माण करना बेहद कठिन कार्य है। 
  • ज़ीका वायरस के संक्रमण के इलाज में लाक्षणिक चिकित्सा / symptomatic treatment की जाती है। 
  • ज़ीका वायरस की कोई दवा नहीं है पर इस रोग से शरीर पर होने वाले side-effects से बचने के लिए रोगी को डॉक्टर की सलाह अनुसार आराम करना चाहिए और समय पर दवा लेना चाहिए। 
  • रोगी को पर्याप्त मात्रा में आहार और पानी लेना चाहिए। बुखार के लिए डॉक्टर की सलाह अनुसार paracetamol लेना चाहिए। डेंगू बुखार के सामान ज़ीका वायरस में भी रोगी ने पर्याप्त मात्रा में पानी पीना सबसे ज्यादा आवश्यक हैं। 
  • बुखार या सरदर्द के लिए Aspirin / Brufen का उपयोग न करे।  
  • डॉक्टर की सलाह अनुसार नियमित Platelet count की जाँच करना चाहिए। 
  • हमारी रोगप्रतिकार शक्ति ज़ीका वायरस से लड़ने में सक्षम होती है, इसलिए हमें हमेशा योग्य संतुलित आहार और व्यायाम द्वारा रोग प्रतिकार शक्ति को बढाने की कोशिश करनी चाहिए। 
अवश्य पढ़े - प्लेटलेट बढ़ाने के लिए कैसा आहार ले ?

ज़ीका से बचाव कैसे करे ? Zika virus prevention tips in Hindi

जैसे की मैंने पहले भी लिखा है, Zika virus का रोकथाम / Prevention ही इसका सबसे बेहतर ईलाज है। 
Zika Virus के बचाव के उपाय निचे दिए गए है :
  • घर के अन्दर और आस-पास पानी जमा न होने दे। कोई भी बर्तन में खुले में पानी न जमने दे। 
  • बर्तन को खाली कर रखे या उसे उलटा कर कर रख दे। 
  • अगर आप किसी बर्तन, ड्रम या बाल्टी में पानी जमा कर रखते है तो उसे ढक कर रखे। 
  • अगर किसी चीज में हमेशा पानी जमा कर रखते है तो पहले उसे साबुन और पानी से अच्छे से धो लेना चाहिए, जिससे मच्छर के अंडे को हटाया जा सके।  
  • घर में कीटनाशक का छिडकाव करे। 
  • कूलर का काम न होने पर उसमे जमा पानी निकालकर सुखा कर दे। जरुरत होने पर कूलर का पानी रोज नियमित बदलते रहे। 
  • किसी भी खुली जगह में जैसे की गड्डो में, गमले में या कचरे में पानी जमा न होने दे। अगर पानी जमा है तो उसमे मिटटी डाल दे। 
  • खिड़की और दरवाजे में जाली लगाकर रखे। शाम होने से पहले दरवाजे बंद कर दे। 
  • ऐसे कपडे पहने जो पुरे शरीर को ढक सके। 
  • रात को सोते वक्त मच्छरदानी लगाकर सोए। 
  • अन्य मच्छर विरोधी उपकरणों का इस्तेमाल करे जैसे की electric mosquito bat, repellent cream, sprays etc. 
  • अगर बच्चे खुले में खेलने जाते है तो उने शरीर पर mosquito repellent cream लगाए और पुर शरीर ढके ऐसे कपडे पहनाए। 
  • अपने आस-पास के लोगो को भी मच्छर को फैलने से रोकने के लिए प्रोत्साहित करे। 
  • अपने आस-पास में अगर कोई Dengue Fever, चिकुनगुनिया या Malaria के मरीज का पता चलता है तो इसकी जानकारी स्वास्थय विभाग एवं नगर निगम को दे, जिससे तुरंत मच्छर विरोधी उपाय योजना की जा सके।  
  • Dengue Fever की तरह Zika virus के ज्यादातर मरीजो की मृत्यु platelet या खून के अभाव में होती है। मेरी आप सभी से request है की जरुरत के समय रक्तदान / Blood Donation करने से बिलकुल न घबराए और साल में कम से कम दो बार Blood Donation जरुर करे। 
  • कई लोग Platelet Count बढाने के लिए पपीते के पत्ते का रस पिने के सलाह देते है। पपीते के पत्ते का रस पिने के बाद कई मरीजो में platelet count में सुधार होते हुए देखा गया है। इसका कोई ठोस पुरावा नहीं है और न कोई research हुआ है। अब बाजार में पपीते के extract की दवा भी मिलती है जो की डॉक्टर जरुरत होने पर आपको लेने की सलाह दे सकते हैं। 
  • विशेषकर गर्भवती महिलाओं ने ज़ीका वायरस से बचना जरुरी है। प्रेगनेंसी में ज़ीका वायरस के कारण पैदा होनेवाले बच्चे का सिर कमजोर और छोटा होता हैं। 
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Sunday, May 28, 2017 2017-05-28T07:10:35Z

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