मेम्मोग्राम क्या है और यह कब किया जाना चाहिए ? Mammogram information in Hindi Language

मेम्मोग्राम क्या है और यह कब किया जाना चाहिए ? Mammogram information in Hindi Language मेम्मोग्राम क्या है और यह कब किया जाना चाहिए ? Mammogram information in Hindi Language
दुनियाभर में हर वर्ष लाखों महिलाओं की मृत्यु स्तन के कर्करोग / Breast Cancer के कारण हो जाती हैं। जीवनशैली और आहार में आए बदलाव के कारण कई महिलाए इसके चपेट में आ रही हैं। विश्वभर में विश्व स्वास्थ्य संघटन द्वरा स्तन के कर्करोग के प्रति जागरूकता फ़ैलाने के लिए हर वर्ष करोडो रूपए खर्च किये जाते है पर फिर भी लोगो की उदासीनता के कारण कई महिलाए इसका शिकार बन जाती हैं। 

स्तन / ब्रैस्ट कैंसर का पता शुरुआती दौर में लगने पर इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता हैं। Mammogram  / मेम्मोग्राम की सहायता से डॉक्टर ब्रैस्ट कैंसर का पता लगा सकते हैं। इसे डिजिटल मेम्मोग्राफ भी कहा जाता हैं। यह X-Ray की तरह एक सामान्य जांच है जिसमे कोई चीरफाड़ या सुई नहीं दी जाती हैं। 

मेम्मोग्राम क्या हैं, यह कब करना चाहिए जैसी मेम्मोग्राम से जुडी उपयोगी जानकारी निचे दी गयी हैं :

mammogram-in-Hindi

मेम्मोग्राम क्या है और यह कब किया जाना चाहिए ?
Mammogram information in Hindi Language

मेम्मोग्राम क्या हैं ?
What is Mammogram in Hindi 

मेम्मोग्राम यह स्तन की विशेष जांच है जिसमे क्ष-किरणों की सहायता से स्तन की पूरी जांच की जाती हैं। मेम्मोग्राम एक प्रकार का एक्स-रे है। यह ब्रैस्ट की स्क्रीनिंग कर इस में होने वाले बदलाव को डिजिटल रूप में दिखाता है। इसमें विशेष प्रकार की मशीन का इस्तेमाल किया जाता है जो वो लो एनर्जी किरणे छोड़ती है। स्तन के कोशिका या दुग्ध नलिका में होनेवाले छोटे बदलाव या गाँठ का भी इसमें जल्द पता चलता हैं। 

महिलाओं में होने वाले कैंसर में ब्रेस्ट कैंसर प्रमुख है। ब्रेस्ट कैंसर और ट्यूमर की जांच के लिए कई टेस्ट है लेकिन मैमोग्राम टेस्ट सटीक जानकारी देने के साथ सस्ता भी है। यह बीमारी के लक्षण दिखाने से 2 साल पहले ही आपको सावधान करता है। 

मेम्मोग्राम 2 स्तिथि में कराया जाता है। एक स्क्रीनिंग के लिए ताकि ब्रेस्ट कैंसर को पहचान कर इलाज किया जा सके। अगर ब्रेस्ट ट्यूमर की पहचान शुरुआती अवस्था में हो जाती है तो ऑपरेशन में पूरा ब्रेस्ट नहीं हटाना पड़ता है। दूसरा डायग्नोस्टिक टेस्ट जो ब्रैस्ट ट्यूमर के लक्षण दिखने पर कराया जाता है। 

मेम्मोग्राम कब कराना चाहिए ?
When to do Mammogram in Hindi Language 

  • 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं ने हर साल यह जांच करानी चाहिए। 
  • घर में मां या बहन को ब्रेस्ट से जुड़ी दिक्कत है तो यह जांच अवश्य करनी चाहिए 
  • BRCA-1 जीन में गड़बड़ी पर 
  • 30 साल से कम उम्र में रेडिएशन थेरेपी हो चुकी है 
  • ब्रेस्ट में गांठ या इसके साइज में बदलाव आ रहा है 
  • निप्पल अंदर की तरह धंस रहा होगा या इससे ब्लड या गंदा पानी निकल रहा हो। 
  • जो महिलाए 30 वर्ष के बाद माँ बनती है पर स्तनपान नहीं कराती है ऐसे सभी महिलाओं ने साल में के बार मेम्मोग्राम जरूर कराना चाहिए। 
  • जो महिलाए मोटापे के शिकार है और अधिक फास्टफूड का सेवन करती है उन्होंने मेम्मोग्राम अवश्य कराना चाहिए। 
  • अगर स्तन को इम्प्लांट किया है तो साल में एक बार अवश्य मेम्मोग्राम करे। 

मेम्मोग्राम में क्या सावधानी बरते
Mammogram precautions in Hindi Language 

मेम्मोग्राम कराते समय महिलाए इन बातों का ख्याल रखे : 
  1. जाँच वाले दिन महिलाएं पाउडर, डिओ, परफ्यूम बॉडी लोशन या किसी प्रकार के तेल व कोस्मेटिक का इस्तेमाल ना करें इससे रिपोर्ट प्रभावित हो सकती है। 
  2. मोबाइल, गहने इत्यादि साथ न रखे।  
मेम्मोग्राम एक बेहद उपयोगी परिक्षण है जिसे सभी महिलाओं ने समय पर अवश्य कराना चाहिए। इस जांच से कैंसर का जल्द निदान कर इसे फैलने से रोका जा सकता है और महिला के प्राण भी बचाये जा सकते हैं।

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Friday, December 30, 2016 2016-12-30T04:10:20Z

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