पपीते के पत्तों का रस का स्वास्थ्य लाभ और इसे बनाने की सही तरीका

पपीते के पत्तों का रस का स्वास्थ्य लाभ और इसे बनाने की सही तरीका पपीते के पत्तों का रस का स्वास्थ्य लाभ और इसे बनाने की सही तरीका
पपया को हिंदी में पपीता भी कहते हैं। हाल फिलहाल में पपीते के पत्तों का जूस काफी लोकप्रिय हो रहा है जिसकी वजह है इसके औषधीय गुण। कई खतरनाक बीमारियों में इसका प्रभाव काफी असरकारक करता है जैसे कि डेंगू, चिकनगुनिया,कैंसर इत्यादि। 

आजकल डेंगू / Dengue और चिकनगुनिया / Chikunguniya से बहुत सारे लोग पीड़ित हो रहे है और यह बीमारी दवाइयों को जल्दी रिस्पांस भी नहीं देते हैं। ऐसे में पपया के पत्तों का जूस एक किफायती, भरोसेमंद, दुष्प्रभावरहित उपाय है। यह ना सिर्फ डेंगू के लक्षणों से लड़ता है बल्कि उसे ठीक करने की क्षमता भी रखता है। कम हुए हुए प्लेटलेट को बढ़ाने में यह काफी असरकारक है। इसके साथ ही इसके और भी अनेक स्वास्थ्य लाभ है। 

पपीते / Papaya से होने वाले स्वास्थ्य लाभ से तो हम सब परिचित हैं ही। आइए जानते हैं, पपीते के पत्तों के जूस से होने वाले स्वास्थ्यलाभ के बारे मैं। इन सब फायदों को जानने से पहले आइए जानते है, यह जूस बनाने का तरीका। 


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पपीते के पत्तों का रस कैसे बनाये ?How to prepare Papaya leaf Juice in Hindi

  • स्वाद में थोड़ा कड़वा होने से हम इसे कोई दूसरे फ्रूट जूस के साथ मिलाकर भी ले सकते हैं। 
  • सबसे पहले हमें अनेक मध्यम आकार के पपया के पत्ते लेने होते हैं। फिर इसे अच्छे से धो कर पोंछ लीजिए। फिर उनको कट करे।
  • 1 सॉस पैन लेकर उसमें 2 लीटर पानी उबालने रखें और उसमें यह पत्ते डालिए। जब तक पानी आधा रहने याने एक लिटर ना हो जाए तब तक उबालना है। इसे ऊपर से ढकना नहीं है। 
  • अब पत्तों को अच्छे से मसल कर उस पानी को छान लीजिए और एक साफ सुथरे कांच के बर्तन में भरकर रखिए। 
  • आप यह जूस तीन से चार दिन तक उपयोग में ला सकते हैं पर कोशिश करें कि ताजा रहे तो ज्यादा अच्छा रहेगा। 
  • अगर जूस थोड़ा मलिन या धुंधला दिखे तो उसे उपयोग में ना ले। 
  • इसे बनाने का दूसरा तरीका यह भी है कि आप इन पत्तों को अच्छे से मसल के कपड़े में रखकर नीचोंड  ले। 

पपीते के पत्तों का रस के क्या फायदे हैं ? 

Health benefits of Papaya Leaf Juice in Dengue in Hindi

पपीते के पत्तों का रस पिने से निचे दिए हुए स्वास्थ्य लाभ होते हैं :
  • पपया के पत्तों में काफी महत्वपूर्ण पोषक तत्व  रहते हैं, जैसे कि विटामिन ए, बी, सी , कैल्शियम प्रोटीन , कार्बोहाइड्रेट , फास्फोरस, आयरन कैलोरीज और पानी। 
  • पपया के पत्तों में पैपिन नामक एंजाइम रहता है जो कि काफी महत्वपूर्ण होता है साथ ही प्रोटींस का नेचुरल तरीके से ब्रेक कर के आहार का पचन करता है। 
  • डेंगू यह एडीज मॉस्किटो नामक मच्छर की प्रजाति से होने वाली बीमारी है। कभी-कभी यह बीमारी जीवन के लिए घातक भी सिद्ध होती है। इसके लक्षणों में बुखार साथ में सिरदर्द, जोड़ों में, पेशियों में दर्द, शरीर पर लाल रंग के दाने या चकते आना और प्लेटलेट कम होना आदि का समावेश होता है। इस पर कोई विशिष्ट दवाई नहीं है, लक्षणों के आधार पर इसकी चिकित्सा की जाती है जैसे की पेन किलर इसके अपने साइड इफेक्ट्स होते हैं। लेकिन इसमें सबसे घातक लक्षण है प्लेटलेट का कम होना। इस बीमारी में  पपया के पत्तों का जूस यह इलाज की परंपरागत पद्धति है। इस में रहने वाला पैपिन एंजाइम प्लेटलेट्स को बढ़ाता है साथ ही अन्य लक्षणों से भी राहत देता है। 
  • इसके फायदे को देखते हुए आजकल कई दवाई की कंपनियां इसके कैप्सूल और लिक्विड फार्मूलेशन्स बनाने में जुटी हुई है। दवा के रूप में इसे लेना आसान है पर ताजा रस पिने से अधिक लाभ होते हैं।  
  • डॉक्टर इस जूस का डोज़ 20 से 25 ml दिन में दो बार करीब एक हफ्ते तक लेने की सलाह देते हैं। लेकिन साथ में आपको लक्षणों के अनुसार दूसरी दवाइयां भी लेनी होती है और समय-समय पर खून की जांच भी करवाते रहना चाहिए ताकि पता चले कि प्लेटलेट का प्रमाण नॉर्मल हुआ या नही। 
  • डेंगू से बचाव के साथ-साथ इस जूस में एंटी मलेरियल गुण भी होता है साथ ही टाइफाइड की वजहों को भी दबाता है। 
  • पपया में मौजूद एंजाइम्स ब्रेस्ट, लिवर, फेफड़े, पैंक्रियाज , सर्विक्स आदि जगह पर होने वाले केंसर के सेल्स और ट्यूमर से भी लड़ने की क्षमता रखता है। कुछ जगहों पर कीमोथैरेपी के साथ-साथ पपया के पत्तों के जूस का उपयोग भी चिकित्सा में किया जाता है। यह T सेल्स को नियंत्रित कर के प्रतिकार क्षमता को बढ़ाता है। 
  • पपया में 50 से ज्यादा सक्रिय तत्व होते हैं जो की फंगस, वर्म्स , पैरासाइट , बैक्टेरिया आदि माइक्रोऑर्गनिझम की रोकथाम करने की क्षमता रखते है। 
  • अक्सर यह आंतो में मौजूद कीड़ों को निकालने में भी मदद करता है।  साथ ही इसमें मौजूद टैनिंन आंतों की बार बार होने वाले संक्रमण  से रक्षा करता है। 
  • बार-बार होने वाला वायरल इंफेक्शन जैसे की सर्दी से भी लड़ता है। प्लेटलेट्स के साथ WBC काउंट्स भी बढ़ाता है जिससे कि व्यक्ति की प्रतिकार क्षमता भी बढ़ती है। 
  • पपया का नियमित सेवन मासिक स्त्राव के समय होनेवाला दर्द भी कम करता है। 
  • स्वस्थ और चमकदार त्वचा पाने में पपया बहोत सहायक होता है। त्वचा के लिए क्लींजिंग एजेन्ट के रूप में कार्य करता है। मुहांसे, झुर्रिया और झाइयों को दूर करने में मद्त करता है। 
  • पपया का ताजा जूस जख्म जल्दी भरने की ताकत रखता है। 
इस तरह पपया कई औषधीय गुणों का भंडार है जिसे स्वस्थ और बीमार दोनों अपना कर इसके लाभ पा सकते है। पपीते के पत्तों का रस पिने से कई डेंगू और मलेरिया रोगियों को लाभ होते हुए देखा गया हैं पर इसका उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर  राय अवश्य लेना चाहिए।  
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Monday, October 10, 2016 2017-12-12T11:23:04Z

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