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शीतली प्राणायाम : विधि और लाभ

By Dr Paritosh Trivedi On, Wednesday, February 4, 2015


हरवर्ष भारत में गर्मी के दिनों में तापमान की बढ़ोतरी हो रही हैं। इस बढ़ती गर्मी के कारण लोगों के स्वास्थय पर विपरीत परिणाम हो रहा हैं। गर्मी के कारण शारीरिक नुक्सान तो होता ही है पर साथ में गर्मी के कारण हमारा मानसिक स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहता हैं। ऐसी भीषण गर्मी में आप शीतली योग कर शरीर को कुछ ठंडक दे सकते हैं।

शीतली प्राणायाम करने से शरीर को ठंडक मिलती है, इसीलिए इस प्राणायाम को Cooling Breath भी कहा जाता हैं। इस प्राणायाम को अक्सर अन्य योगासन या प्राणायाम के बाद में किया जाता हैं। शीतली प्राणायाम एक बेहद सरल और उपयोगी प्राणायाम हैं।

शीतली प्राणायाम की विधि और इसके लाभ संबंधी अधिक जानकारी निचे दी गयी हैं :

Sheetali Pranayama Benefits in Hindi
Sheetali Pranayama Benefits in Hindi

शीतली प्राणायाम : विधि और लाभ. Sheetali Pranayama in Hindi.

शीतली प्राणायाम करने की विधि Steps of Shitali pranayama in Hindi

  • एक समान, सपाट और स्वच्छ जगह जहा पर स्वच्छ हवा मिलती हो ऐसे स्थान पर एक कपडा बिछाकर बैठ जाए। 
  • आपको जो आसन आसान लगे उस आसन में बैठ जाए। 
  • अब अपनी जीभ को बाहर निकालकर उसे एक नली (Pipe) के सदृश्य बना लें। 
  • अब इस नली के माध्यम से गहरी श्वास खींचकर उदर / पेट को वायु से भर दें। 
  • जीभ को अंदर खींच ले तथा मुंह को बंद कर लें। 
  • इसके उपरांत गर्दन को आगे की ओर झुकाकर अपने जबड़े के अगले हिस्से को छाती से लगा लें (जालंधर बंध)। 
  • अब क्षणभर कुंभक (श्वास को रोकना) करे। 
  • अब जालंधर बंध को निकालकर गर्दन सीधी करे।  
  • इसके बाद नासिका (नाक) से श्वास को बाहर निकाल दें। श्वास बाहर निकालने का समय अंतराल श्वास अंदर लेने के समय अंतराल से थोड़ा ज्यादा होना चाहिए। 
यह एक आवृत्ति हैं। इसी प्रकार आप अपने क्षमता और समयानुसार 9 से 49 आवृत्तियाँ तक कर सकते हैं।

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शीतली प्राणायाम से होने वाले विविध लाभ Health benefits of Shitali Pranayama

  • शारीरिक गर्मी को कम करता हैं। 
  • मानसिक और भावनात्मक उत्तेजनाओं को कम करता हैं। 
  • इसे रात्रि में निद्रा के पूर्व करने से अच्छी शांत नींद आती हैं। 
  • प्यास को कम करता हैं। 
  • भूक को कम करता हैं। 
  • गर्मी के दिनों में शरीर को ठंडक पहुचाने में सहायक हैं। 
  • रक्तचाप को कम करने में सहायक हैं। 
  • Acidity / अम्लपित्त और पेट के ulcer को कम करता हैं। 
  • हृदयरोग में उपयोगी हैं। 
  • पाचन को ठीक करता हैं। 


शीतली प्राणायाम किसे नहीं करना चाहिए ?

निम्नलिखित व्यक्तिओ ने शीतली प्राणायाम नहीं करना चाहिए :
  • दमा / Asthma से पीड़ित व्यक्तिओ को नहीं करना चाहिए। 
  • जुकाम से पीड़ित व्यक्तिओ को नहीं करना चाहिए। 
  • अगर आपका रक्तचाप / Blood Pressure कम रहता है (< 90 / 60 mmHg) तो यह प्राणायाम नहीं करना चाहिए। 
  • ठण्ड के मौसम में यह प्राणायाम कम करना चाहिए। 
शीतली प्राणायाम बेहद आसान और उपयोगी प्राणायाम हैं। अगर यह प्राणायाम करते समय आपको कोई कठिनाई होती हैं तो योगप्रशिक्षक की सलाह लेना चाहिए।

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Image courtesy : Stuart Miles at FreeDigitalPhotos.net

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3 comments:

  1. सदैव की तरह आसान शब्दों में लिखी गयी लाभप्रद पोस्ट ! ये भी एक सामाजिक कर्तव्य है जिसे आप भलीभांति निभा रहे हैं

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    1. योगी सारस्वतजी,
      निरोगिकाया ब्लॉग पर आने के लिए और आसान और सरल शब्दों में ज्यादा से ज्यादा लोगो को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के हमारी इस मोहिम को सराहने के लिए आपका बहोत बहोत धन्यवाद !

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    2. Thanks for valued therapy n health guide :)

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