आहार हमारे जीवन का आधार हैं लेकिन खान-पान की लापरवाही के कारण कई बार हमें स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बहुत से ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिनका मेल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता हैं। लेकिन शायद हम इस बात से अंजान हैं। इन चीजों को साथ खाना अपचन और अन्य प्रकार की बिमारियों का कारक बन सकता हैं। अनेक रोगों का मूल कारण है विरुद्ध आहार !

आयुर्वेद में सदियों पहले इस विषय पर गहन अध्ययन हुआ है और आचार्य वाग्भट ने विरुद्ध आहार अध्याय में इस विषय में विस्तृत जानकारी दी हैं। विरुद्ध आहार पर कितनी गहन चर्चा उस समय हुई होंगी यह केवल इस बात से आपको पता चलेगा की आचार्य वाग्भट ने केवल विरुद्ध आहार के ही 18 प्रकार बताये थे। इनकी संक्षिप्त जानकारी निचे दी गयी हैं :

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  1. देश (Place) - सूखे प्रदेश में अधिक सूखा आहार लेना। 
  2. काल (Time) - ठंडी के दिनों में ठंडा या गर्मी के दिनों में गर्म तासीर वाला आहार लेना। 
  3. अग्नि (Digestion) - बीमार होने पर जब पाचन शक्ति कमजोर है तब भारी आहार लेना। 
  4. मात्रा (Quantity) - शहद और घी समान मात्रा में साथ में लेना। 
  5. सात्म्य (Wholesome) - गर्म और तीखे के आदि व्यक्ति ने अचानक मीठा और ठंडा आहार लेना। 
  6. दोष (Doshas) - अपने दोष के विपरीत आहार लेना। 
  7. संस्कार (Preparation) - शहद को गर्म कर लेना। 
  8. वीर्य (Potency) - ठंडी तैसर वाले आहार को गर्म आहार के साथ लेना। 
  9. कोष्ठ (Capacity) - क्षमता से अधिक आहार लेना। 
  10. अवस्था (State) - कड़ी मेहनत के बाद वात बढ़ाने वाला सूखा आहार या नींद से उठने के बाद कफ बढ़ाने वाला आहार लेना। 
  11. क्रम (Sequence) - शौच जाने के पहले या भूक न होते हुए भी आहार लेना, गर्म चाय के बाद सीधे ठंडा पानी पीना। 
  12. परिहार - भोजन के बाद गर्म चाय लेना। 
  13. उपचार (Treatment) - घी लेने के बाद ठंडा पानी पीना। 
  14. पाक (Cooking) - ठीक से खाना न बनाना या ख़राब तेल में खाना बनाना। 
  15. संयोग (Combination) - दूध के साथ खट्टी चीजे या खट्टे फल खाना। 
  16. ह्रदय (liking) - पसंद न आनेवाला आहार लेना। 
  17. संपाद (Richness) - कच्चे या ज्यादा पके फल खाना 
  18. विधि (Rules) - सार्वजनिक स्थान पर आहार लेना। 
आज के ज़माने को देखते हुए, आयुर्वेद के इस महान ज्ञान का उपयोग कर कुछ ऐसे ही विरद्ध आहार की जानकारी हम निचे दे रहे हैं :
  • मछली और दही : मछली की तासीर काफी गर्म और दही की तासीर बेहद ठंडी होती हैं। इसलिए इन दोनों को साथ खाना हानिकारक हो सकता हैं। इनके साथ सेवन करने से गैस, एलर्जी और त्वचा से संबंधित समस्या निर्माण हो सकती हैं। दही के अलावा शहद को भी गर्म चीजों के साथ नहीं खाना चाहिए। 
  • मीठे और खट्टे फल : आहार विशेषज्ञों की राय है की मीठे और खट्टे फल को साथ नहीं खाना चाहिए। इन्हे साथ खाने से फलों की पौष्टिकता कम हो जाती हैं। खट्टे फल मीठे फलों से निकलने वाली शुगर में रूकावट पैदा करते हैं, जिससे पाचन में रुकावट हो जाती हैं। इसलिए संतरा और केला जैसे फल एक साथ नहीं खाना चाहिए। फ्रूट सलाद बनाते समय भी इसका ख्याल रखना चाहिए। बेहतर है की एक समय में एक ही फल को खाया जाये। 
  • भोजन के साथ फल : फलों को पचने में सिर्फ दो घंटे लगते है जबकि भोजन को पूर्णतः पचने में 4 घंटे तक लग सकते हैं। इसके अलावा कार्बोहायड्रेट को पचाने वाला Saliva Enzyme, Alkaline स्तिथि में काम करता हैं, जबकि निम्बू, संतरा, अननस जैसे फल Acidic होते हैं। दोनों को साथ खाने से कार्बोहाइड्रेट्स का पाचन धीमा हो जाता हैं। इससे कब्ज, जुलाब, एसिडिटी इत्यादि हो सकता हैं। 
  • दही और फल : फल और दही में अलग-अलग तरह के एंजाइम होते है जो एक दूसरे को काम नहीं करने देते हैं। इसलिए दोनों को साथ नहीं खाना चाहिए। फ्रूट रायता आप कभी-कभर ले सकते है पर नियमित नहीं लेना चाहिए। दही पचने में कठिन होता है और साथ में इससे पित्त और कफ दोष बढ़ते है इसलिए इसे दोपहर के समय ही लेना चाहिए और रात के समय नहीं लेना चाहिए। 
  • ग्रीन टी और दूध : ग्रीन टी में फ्लेवोनोइड्स होते है जो आपके दिल के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। जब ग्रीन टी में दूध मिलाया जाता है तब दूध प्रोटीन के साथ मिलकर कैसिइन तैयार हो जाता है और ग्रीन टी की पौष्टिकता कम हो जाती हैं।  
  • दूध के साथ फल : दूध के साथ फल लेने से दूध के अंदर का कैल्शियम फलों के एंजाइम को बेअसर करता हैं जिससे शरीर को पोषण नहीं मिल पाता। संतरा और अननस जैसे खट्टे फल तो दूध के साथ बिलकुल नहीं लेना चाहिए। 
  • केला और दूध : अधिकतर लोग केला और दूध को हमारे सेहत के लिए अच्छा मानते है और वजन बढ़ाने के लिए इसे खाने की राय भी देते हैं। आहार विशेषज्ञों की माने तो जिन लोगो को कफ की शिकायत रहती है उन्होंने इसे बिलकुल नहीं खाना चाहिए क्योंकि की इन दोनों को खाने से कफ जल्दी बढ़ जाता हैं। 
  • खाना और चाय : कई बार लोग घर पर या होटल में खाने के बाद या पहले चाय लेते हैं। लोगों का मानना है की इससे खाना अच्छे से पचता हैं। असल में खाना के तुरंत पहले या बाद में चाय, कॉफ़ी या कोल्ड ड्रिंक्स लेने से इनमे मौजूद कैफीन आहार पदार्थों के पोषक तत्वों का नाश कर देता हैं। 
  • घी और शहद : उलटे गुणों और मिजाज के खाद्य पदार्थ ज्यादा समय तक साथ में खाये जाये तो नुक्सान पंहुचा सकते हैं। घी और शहद साथ में लम्बे समय तक साथ लेना जहर के समान हैं। इसी प्रकार दो चिकने पदार्थ बराबर मात्रा में मिलाकर लेना हानिकारक हैं। 
  • दूध और नमकीन : दूध एक एनिमल प्रोटीन है और इसके साथ ज्यादा चीजे मिलने से प्रतिक्रिया हो सकती है। दूध में मिनरल और विटामिन के अलावा लैक्टोस शुगर होता हैं। दूध के साथ नमक लेने से मिल्क प्रोटीन जम जाते हैं और पोषण कम हो जाता हैं। इन्हे साथ में लेने से त्वचा रोग हो जाते हैं। 
  • पनीर और अंडा : पनीर और अंडा दोनों प्रोटीन से भरपूर होते हैं। इसलिए सामान्य तौर पर प्रोटीन के साथ प्रोटीन लेने से मना किया जाता हैं। दोनों में उपस्तिथ प्रोटीन को पचाना मुश्किल होता हैं और इसमें ऊर्जा की भी अधिक जरुरत पड़ती हैं। 
  • दही और दूध : दूध और दही दोनों की तासीर अलग हैं। दही एक खमीर चीज हैं और दही को दूध में मिलाने से दूध खराब हो जाता हैं।     
  • अन्य / Others : कुछ आहार को साथ में खाने के अलावा अकेले भी अगर सही तरह से न खाया जाये या गलत संस्कार किया जाये तो भी शरीर पर विपरीत परिणाम होते हैं। जैसे की -
  1. अगर आलू को बेहद ज्यादा तला जाये तो उसमे Acrylamide या कैंसर कारक तत्व निर्माण होता है। इसलिए बाजार में मिलनेवाले चिप्स बिलकुल नहीं खाना चाहिए। 
  2. शहद को गर्म कर खाना भी शरीर के लिए नुकसानदेह है। बाजार में मिलनेवाले कुछ तैयार शहद को गर्म कर पैक किया जाता है। 
  3. तेल को बार-बार गर्म कर उपयोग करने से उनमे कैंसर कारक तत्व निर्माण होते है। इसलिए बाजार में एक ही तेल को बार-बार उपयोग कर मिलनेवाले फास्टफूड आहार जैसे की कचोरी, समोसा इत्यादि का सेवन करना गलत हैं। 
  4. गर्म चाय या कॉफ़ी पिने के तुरंत बाद ठंडा पानी नहीं पिन चाहिए। 
  5. हमेशा ताजा और गर्म आहार लेना चाहिए। बचा हुआ भोजन फ्रिज में अगले दिन दोबारा गर्म कर खाने से भी शरीर पर प्रतिकूल परिणाम होता हैं। बाजार में मिलनेवाले रेडी मिक्स सब्जियां नहीं खानी चाहिए। 
  6. तेज धुप से चलकर आने के तुरंत बाद, शारीरिक परिश्रम करने के तुरंत बाद और भोजन करने के तुरंत बाद पानी नहीं पिन चाहिए। थोड़े अवकाश के बाद ही पानी पीना चाहिए।
  7. रात के समय सत्तू नहीं खाना चाहिए। 
पृथ्वी पर कई तरह के आहार पदार्थ है और हर आहार का अपना महत्त्व हैं। अगर हम योग्य समय पर सही तरह से आहार लेते है तो आसानी से अपने आप को स्वस्थ और सदृढ़ रख सकते हैं। विरुद्ध आहार के सेवन बल, बुद्धि, वीर्य और आयु का नाश होता हैं, नपुंसकता, वंधत्व, त्वचारोग, पागलपन, बवासीर, सोरायसिस, एसिडिटी, सफ़ेद दाग और ज्ञानेन्द्रिय की विकृति जैसे रोग उत्पन्न होते हैं।

यह स्वास्थ्य जानकारी वैद्य राजेश सिंह ने मुंबई से हमें ईमेल द्वारा भेजी हैं। आशा है यह स्वास्थ्य जानकारी
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