ताड़ासन, यह योग आसन करने से शरीर ताड के वृक्ष के समान मजबूत बनने से इसे यह नाम दिया गया हैं। अंग्रेजी में इसे Palm Tree Pose कहा जाता हैं। शरीर को मजबूत और सुडौल बनाने के साथ अपनी लंबाई / Height बढ़ाने के लिए यह श्रेष्ठ आसन माना जाता हैं।

ताड़ासन की विधि, लाभ और सावधानी से जुडी सारी जानकारी निचे दी गयी हैं :

Tadasana-Yoga-Health-Benefits-steps-Hindi
ताड़ासन विधि 
  • एक समतल और स्वच्छ जगह देखकर वहाँ चटाई, दरी या योगा मेट बिछा दे। 
  • अपने दोनों पैरों को आपस में मिलाकर और दोनों हथेलियों को बगल में रखकर सीधे खड़े हो जाये। 
  • दोनों हाथों को पार्श्र्वभाग से दीर्घ श्वास भरते हुए ऊपर उठाये। 
  • हाथों को ऊपर लेजाकर हथेलियों को मिलाये और हथेलियां आसमान की तरफ ऊपर की ओर होनी चाहिए। हाथों की उंगलियां आपस में मिली होनी चाहिए। 
  • जैसे-जैसे हाथ ऊपर उठे, वैसे-वैसे पैर की एड़ियां भी ऊपर उठी रहनी चाहिए। 
  • हाथ ऊपर उठाते समय पेट अंदर लेना चाहिए। 
  • शरीर का भाग पंजों पर रहेंगा। 
  • शरीर ऊपर की ओर पूरी तरह से तना रहना चाहिए। 
  • कमर सीधी, नजर सामने की ओर गर्दन सीधी रखनी चाहिए। 
  • ताड़ासन की इस स्तिथि में लम्बी सांस भरकर 1 से 2 मिनिट तक रुकना चाहिए। 
  • अब धीरे-धीरे सांस छोड़कर निचे आकर पूर्व स्तिथि में आना हैं।
  • 1 से 2 मिनिट रुककर दोबारा इसी क्रिया को दोहराना हैं। 
  • इस आसन को प्रतिदिन अपने क्षमता और अभ्यास अनुसार 10 से 15 बार करे।  
  • इसी आसान में आप अपने पैरो में थोड़ा अंतर रख एक बाजु में झुककर तिर्यक ताड़ासन भी कर सकते हैं।
ताड़ासन के लाभ 
  1. दीर्घ श्वसन से फेफड़े / Lungs सुदृढ़ एवं विस्तृत होते हैं। 
  2. आपके पैर और हाथ के स्नायु मजबूत बनते हैं। 
  3. शारीरिक और मानसिक संतुलन बढ़ता हैं। 
  4. आत्मविश्वास बढ़ता हैं। 
  5. पाचन तंत्र मजबूत बनता हैं। 
  6. यह आसन कद की वृद्धि बढ़ाने के लिए सर्वोत्तम हैं। 
  7. इस आसन से शरीर के समस्त स्नायु सक्रीय एवं विकसित होते हैं।   
  8. आपका शरीर मजबूत और सुडौल बनता हैं। 
  9. Flat feet की समस्या नहीं होती हैं। 
  10. महिलाओं में मासिक से जुडी समस्या कम होती हैं। 
  11. शरीर का आलस्य दूर करने के लिए सर्वोत्तम क्रिया हैं। 
ताड़ासन में सावधानी 
  1. अगर आपके पैर में कोई समस्या है या आप खड़े नहीं रह सकते है तो यह आसन नहीं करना चाहिए। 
  2. गर्भावस्था में यह आसन नहीं करना चाहिए। 
  3. अगर आप बीमार है या आपका कोई ऑपरेशन हुआ है तो डॉक्टर की सलाह लेकर ही यह आसन करना चाहिए। 
  4. अगर आप सिरदर्द या निम्न रक्तचाप / Low Blood Pressure के रोगी है तो यह आसन न करे। 
  5. आसन करते समय आसन की अवधि अभ्यास के साथ धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए। 
  6. आसन करते समय कोई परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। 
जो लोग अपनी कम लंबाई से लेकर या नाजुक शरीर से परेशान हैं उन्होंने इस योग का अवश्य अभ्यास करना चाहिए। ताड़ासन यह एक सरल और बहुउपयोगी आसान है जिसका अभ्यास आप आसानी से कर सकते हैं।
अगर आपको यह लेख स्वास्थ्य की दृष्टी उपयोगी लगता है तो कृपया इस लेख को निचे दिए गए बटन दबाकर अपने Google plus, Facebook या Tweeter account पर share अवश्य करे !
loading...
Labels:

Post a Comment

Author Name

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.