हृदयाघात / Heart attack जिसे हम सामान्य भाषा में दिल का दौरा या MI (Myocardial Infarction) भी कहते हैं एक बहुत बड़ी समस्या हैं। जब ह्रदय / Heart की मांसपेशियों को रक्त के साथ Oxygen पहुँचानेवाली कोई रक्त वाहिका किसी कारण से अवरुद्ध (block) हो जाती है और ह्रदय के किसी हिस्से में रक्त प्रवाह बंद हो जाता है तब दिल का दौरा पड़ता हैं। कई बार तो यह दिल का दौरा / Heart attack छोटा होता हैं पर कई बार किसी व्यक्ति की जान भी जा सकती हैं।

पहले यह समस्या केवल 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में पायी जाती थी परन्तु अब लोगों की बिगड़ी हुई जीवनशैली के कारण 20 से 25 वर्ष के युवा भी इस समस्या से पीड़ित मिलते हैं। यदि Heart attack में पीड़ित को समय पर उपचार नहीं मिलता हैं तो हृदय के मांसपेशी के उस भाग की मृत्यु हो जाती हैं। पीड़ित व्यक्ति को जितने जल्दी मदद मिलती है उसके ह्रदय को उतनी कम क्षति पहुचती हैं। दिल का दौरा पड़ने पर जल्द मदद मिलने के लिए आपको दिल के दौरे के सभी लक्षणों की जानकारी होना बेहद आवश्यक हैं।

अमेरिकन हार्ट असोसिएशन के अनुसार कुछ व्यक्तिओं में दिल के दौरे के लक्षण 1 महीने पहले से ही दिखने लग जाते हैं। ऐसे में अगर पहले ही लक्षणों को पहचान लिए जाये तो दिल के दौरे को रोकना काफी हद तक सफल हो सकता हैं।

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दिल का दौरा पड़ने के लक्षण क्या हैं ?
What are the symptoms of Heart attack?

दिल के दौरे के लक्षणों की जानकारी निचे दी गयी हैं :
  • सांस लेने में तकलीफ / Difficulty in Breathing : दिल का दौरा पड़ने पर दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ने के कारण सांस लेने में तकलीफ होती हैं। यदि बिना किसी कारण अक्सर थकान होती हैं या हमेशा थका-थका महसूस हो तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए। थकान और सांस लेने में तकलीफ महिलाओं में आम होती है और इसकी शुरुआत दिल का दौरा पड़ने के कई दिनों पहले हो जाती हैं। 
  • सीने में दर्द / Chest Pain : यह दल के दौरे का सबसे सामान्य लक्षण हैं। छाती के बीच में बैचेनी, दबाव, दर्द, जकड़न और भारीपन अनुभव करने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कुछ लोगो में जैसे की मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति में दिल के दौरे के समय कभी-कभी सीने में दर्द का अनुभव नहीं होता हैं। 
  • अधिक पसीना आना / Profuse Sweating : बिना किसी काम और व्यायाम के सामान्य से ज्यादा पसीना आना ह्रदय की समस्यायों की पूर्व चेतावनी का संकेत हैं। रक्त धमनियों में अवरोध होने के कारण रक्त को दिल तक पहुचाने के लिए बहुत अधिक प्रयास करना पड़ता हैं। इस कारण अतिरिक्त तनाव में शरीर का तापमान को निचा बनाये रखने के लिए अधिक पसीना आता हैं। अगर आपको हमेशा अन्य व्यक्तिओं के तुलना में अकारण अधिक पसीना आते रहता है और चिपचिपी त्वचा का अनुभव होता हैं तो डॉक्टर का परामर्श लेना चाहिए। 
  • बदनदर्द / Bodyache : दिल के दौरे के समय शरीर के अन्य हिस्सों में भी दर्द हो सकता हैं। बाहों, कमर, गर्दन और जबड़े में दर्द, जकड़न और भारीपन महसूस होता हैं। कभी-कभी यह दर्द शरीर के किसी भी हिस्से में शुरू होकर सीने तक पहुचता हैं। इन लक्षणों को दुर्लक्ष नहीं करना चाहिए और इनकी जांच की जानी चाहिए। 
  • तेज धड़कन / Fast Heart beat : तेज और अनियमित रूप से Pulse और दिल का धड़कन का चलना यह दिल के दौरे का लक्षण हो सकता हैं। यदि यह समस्या अचानक आ जाती है तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए।  
  • जी मचलाना और उलटी / Nausea & Vomiting : कई बार दिल के दौरे के समय अपचन और एसिडिटी के लक्षण नजर आते हैं। इन्हे पेट से जुडी समस्या समझकर दिल को अनदेखा करने से गंभीर दिल का दौरा पड़ सकता हैं। सामान्य रूप से पेट में दर्द, अपचन, सीने में जलन या उलटी की समस्या होने दिल का दौरा पड़ने का संकेत हो सकता हैं। ऐसे में डॉक्टर से जांच करा लेना बेहतर होता हैं।  
  • चिंता / Anxiety : लगातार होनेवाली चिंता और घबराहट को जीवन में होनेवाले विशिष्ट तनाव से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। रात में सोने में कठिनाई होना या घबराहट होना और अचानक उठ जाना यह दिल का दौरा पड़ने से पहले दिखने वाले लक्षण हो सकते हैं।  
कई बार दिल के दौरा को लंबे समय तक स्नायु का दर्द या पाचन और गैस से जुडी समस्या समझ कर अनदेखा करने पर ईलाज में देरी से ह्रदय को गंभीर क्षति पहुंच सकती हैं। दिल के दौरे के लक्षण नजर आने पर डॉक्टर का परामर्श लेना चाहिए और उनकी सलाह अनुसार आवश्यक जांच करानी चाहिए।  

Image courtesy of Nutdanai Apikhomboonwaroot at FreeDigitalPhotos.net
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