मेरुदंड (Spine) को लचीला बनाना योगासन का उद्देश हैं। प्रायः यह पाया गया है की जिन व्यक्तियों का मेरुदंड लचीला होता हैं, वह अधिक स्वस्थ और रोग मुक्त जीवन जीते हैं। आज हम यहाँ पर मेरुदंड को लचीला बनाने वाले महत्वपूर्ण योगासन ' पस्चिमोतानासन ' संबंधी जानकारी दे रहे हैं। आगे की ओर झुकनेवाले इस आसन के अभ्यास के उपरांत यह पाया गया है की व्यक्ति अपने आप में परिवर्तन का अनुभव करता हैं। उनके स्वास्थ्य और स्वभाव में अधिक अंतर आता हैं। वह अपेक्षाकृत अधिक समझदार और ग्रहणशील बन जाता हैं। 

पस्चिमोतानासन संबंधी अधिक जानकारी निचे दी गयी हैं :

Paschimottanasan-Yoga-in-Hindi

पस्चिमोतानासन योग करने की विधि 
  • एक स्वच्छ, सपाट जगह चटाई या दरी बिछाकर इस आसान का अभ्यास करे। 
  • हथेलियों को जांघो (Thighs) पर रखकर पैरो को सामने की ओर फैलाकर बैठे। 
  • दोनों पैरो को एक दुसरे के समीप रखे। 
  • श्वास को लेते हुए हाथो को सर के ऊपर उठाए। 
  • अब धीरे-धीरे आगे की ओर झुककर हाथो से पैरो के अंगूठे को पकड़ने का प्रयास करे। 
  • माथे (Forehead) का स्पर्श घुटनों से होने दे। 
  • पैरो के अंगूठे को पकड़कर कुहनियो को जमीन से लगाने का प्रयास करे। 
  • क्षमतानुसार रकने के बाद शरीर को उठाए तथा हाथों को निचे लाए।  
  • हाथो को उठाते समय श्वास ले और सामने झुकते हुए श्वास छोड़ना हैं। 
  • आगे झुकते समय घुटने उठने की संभावना होती हैं। घुटनों को सीधा रखने का प्रयास करे। 
  • पेट को जांघो से लगाकर अभ्यास करने पर अधिक लाभ मिलता हैं। 
  • अभ्यास के समय को धीरे-धीरे अपने क्षमतानुसार बढाए। 
  • अधिक लाभ पाने हेतु सबह खाली पेट करे। 
पस्चिमोतानासन के लाभ
  • कमर व नितंब के मांसपेशियों को मजबूत करता हैं। 
  • मेरुदंड लचीला और मजबूत बनता हैं। 
  • पेट पर जमी हुई अनावश्यक चर्बी को कम करता हैं। 
  • मोटापा, कब्ज, अपचन, बवासीर आदि से छुटकारा मिलता हैं। 
  • प्रजनन प्रणाली को सशक्त बनाता हैं। 
  • पीठ के दर्द को कम करता हैं। 
  • मानसिक संतुलन को बढाता हैं। 
  • स्त्रियों में मासिक धर्म संबंधी विकार दूर होते हैं। 
  • आध्यात्मिक रूप से विशेष लाभकर।  
  • अधिक क्रोध करने वाले व्यक्तिओ को क्रोध कम करने में सहायक हैं। 

पस्चिमोतानासन में क्या सावधानी बरते ?

पस्चिमोतानासन करते समय निम्नलिखित सावधानी बरतना जरुरी हैं :
  • अचानक झटके से कमर को झुकाना या उठाना नहीं चाहिए। 
  • सिर को जबरदस्ती घुटने को लगाने का प्रयास न करे। 
  • आसन अपने क्षमतानुसार ही करे। धीरे-धीरे अभ्यास होने पर ही आसान का अंतराल बढाए। 
  • कमर या रीढ़ की गंभीर समस्या होने पर अपने डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही यह आसान करे। 
पस्चिमोतानासन को Forward Bend Yoga Pose भी कहा जाता हैं। शीर्षासन के बाद यह दूसरा सबसे अधिक लाभकर योगासन माना जाता हैं। स्वस्थ जीवन और शांत मन की प्राप्ति के लिए आज से ही इस योगासन का अभ्यास करना शुरू करे।

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  1. सुझाव की जरुरत बिलकुल भी नही लगती आपकी पोस्ट में ! मेरुदण्ड में दर्द की शिकायत एक आम बीमारी है उसके विषय में आपकी पोस्ट बहुत लाभकारी सिद्ध हो सकती है !

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