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प्लेटलेट की संख्या बढ़ाने के 8 घरेलू तरीके

प्लेटलेट की संख्या बढ़ाने के 8 घरेलू तरीके प्लेटलेट की संख्या बढ़ाने के 8 घरेलू तरीके
भारत में कोरोना वायरस का असर कम होते ही डेंगू और मलेरिया जैसे बुखार का आतंक पहनना शुरू हो गया है।  इन जानलेवा बुखारों में शरीर का तापमान तो काफी बढ़ता है साथी मरीज के शरीर का एक-एक जोड़ दुखने लगता है। सबसे बड़ी समस्या होती है प्लेटलेट काउंट कम होने की। 

सामान्यतः एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में 1.5 लाख से 4.5 लाख / cumm प्लेटलेट्स होते हैं।  सामान्य प्लेटलेट पेशी की उम्र 5 से 9 दिन तक होती हैं। शरीर में हर रोज हजारों प्लेटलेट पेशी के टूटने और निर्माण होने की प्रक्रिया सामान्यतः चलती रहती हैं। प्लेटलेट की संख्या 1.5 लाख से कम होने पर उसे प्लेटलेट की कमी या Thrombocytopenia कहा जाता हैं। प्लेटलेट की संख्या 20 हजार से कम होने पर रोगी के जान को खतरा हो सकता हैं और ऐसे में रोगी को प्लेटलेट चढ़ाना (Platelet Transfusion) बेहद जरुरी हो जाता हैं।

जब कभी हमें कोई चोट लगती है और कही से रक्तस्त्राव या Bleeding होना शुरू हो जाता है तब इस रक्तस्त्राव को रोकने का महत्वपूर्ण कार्य प्लेटलेट द्वारा किया जाता हैं। प्लेटलेट्स की संख्या बेहद कम हो जाने पर रोगी को बाह्य या अंधरुनि रक्तस्त्राव शुरू हो सकता है जैसे की नाक या दांत से खून निकलना, पेशाब में खून आना, चमड़ी के निचे लाल थक्के जमना इत्यादि। ऐसे लक्षण नजर आने पर रोगी को तुरंत उपचार करना जरुरी होता हैं।

डॉक्टर के अनुसार कुछ नेचुरल फूड नियमित लिए जाने से प्लेटलेट कम होने की समस्या या थ्रोंबोसाइटोपेनिया की समस्या को काफी हद तक ठीक  किया जा सकता है। आइए इस लेख में हम जानते है की प्लेटलेट की संख्या बढ़ाने के लिए हम अपने आहार में क्या-क्या शामिल कर सकते हैं :
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प्लेटलेट की संख्या बढ़ाने के 8 घरेलू तरीके

  1. गिलोय : डेंगू की शुरुआत होते ही गिलोय ली जाए तो मरीज को काफी लाभ मिलता है। यह खून में प्लेटलेट बढ़ाने और बुखार कम करने में मदद करता है। आयुर्वेद में गिलोय  को और रसायन वनस्पति बताया गया है जो हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर रोगों से शरीर की रक्षा करता है और बुढ़ापा भी दूर भगाता हैं। यह तनाव दूर करने में भी उपयोगी है। गिलोय में रेशे, पोटेशियम, कार्बोहायड्रेट, फाइबर, आयरन और कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है। इसमें मौजूद कई बायो एक्टिव तत्व ब्लड ग्लूकोस को कंट्रोल करने और कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी मददगार होता है। गिलोय में कीमोथेरेपी के साइड इफेक्ट कम करने की भी क्षमता है। आप घर पर गिलोय का काढ़ा बनाकर पि सकते है या फिर अपने डॉक्टर की राय लेकर  बाजार में मिलनेवाले गिलोय की गोली, सिरुप या गिलोय सत्व भी ले सकते हैं। 
  2. पालक : पालक में कैल्शियम, जिंक, पोटेशियम और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में होता है। विटामिन K  भरपूर मात्रा में होने के कारण इससे ना सिर्फ हड्डियां मजबूत होती है बल्कि प्लेटलेट की संख्या भी बढ़ती है।100 ml पालक के रस में बराबर मात्रा में पानी मिलाकर पीने से शरीर को भरपूर ऊर्जा मिलेगी और कब्ज भी दूर होगा। 
  3. सीताफल : सीताफल में विटामिन A भरपूर मात्रा में होता है। यह प्लेटलेट की संख्या बढ़ाने में सहायक होता है। प्रतिदिन तीन बार सीताफल का जूस पीने से आराम मिलता है। 
  4. तुलसी : तुलसी की जड़, उसकी शाखाएं, पत्ते और बीज सभी का अपना महत्व है। बखार में तुलसी बहुत फायदेमंद होती है। यह एंटीबायोटिक की तरह काम करती है। इसमें मौजूद विटामिन A और विटामिन C  प्लेटलेट्स का लेवल बढ़ाने में सहायक है। यह तनाव कम करती है,  शरीर में ऑक्सीजन का संचार दुरुस्त करती है, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है, बुढ़ापा आने की रफ्तार धीमी करती है, सूजन - जलन कम करती है, गैस्ट्रिक अल्सर से बचाती है, कोलेस्ट्रोल और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करती है। यह बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन से लड़ती है। पाचन में सुधार लाती है और शरीर को एंटी ऑक्सीडेंट की खुराक देती है। मलेरिया बुखार में भी इससे आराम मिलता है। 
  5. पपीते के पत्तों का रस : पपीते के पत्तों का रस प्लेटलेट्स बढ़ाने में सहायक होता है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि यह डेंगू ठीक करने में भी उपयोगी है। यह एंटी मलेरिया और एंटी कैंसर की तरह भी काम करता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक पपीते के पत्ते में फंगस, बैक्टीरिया, परजीवी और कृमि और यहां तक कि कई तरह के कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने वाले 50 से ज्यादा तत्व होते हैं। पपीते के पत्तों में विटामिन A, C,  E जैसे कई पोषक तत्व होते हैं जो बीमारियों से लड़ने की शक्ति बढ़ाते हैं। ईसमें थोड़ा सा नींबू का रस मिलाकर या फिर यूं ही दिन में दो से तीन बार पिने से लाभ मिलता हैं। पपीते के पत्ते का रस आप अपनी क्षमतानुसार 10 से 20 ml दिन में 2 से 3 बार ले सकते हैं। अगर इसे पिने से उलटी होती है तो यह नहीं लेना चाहिए। 
  6. गेहू के ज्वारे का रस : गेहूं के ज्वारे का रस पीने से लाल रक्त कोशिकाएं और वाइट ब्लड सेल्स बढ़ते हैं साथ ही प्लेटलेट की संख्या में भी इजाफा होता है। हर रोज आधा कप वाइट व्हीटग्रास जूस पीना सेहत के लिए वैसे ही गुणकारी होता है। 
  7. कीवी : कीवी फल में प्रचुर मात्रा में विटामिन C, E और पोलीफेनोल होता हैं। रोजाना एक कीवी फल सुबह और शाम खाने से प्लेटलेट पेशी की संख्या तेजी से बढ़ना शुरू होती हैं। कीवी फल खाने से कोलेस्ट्रॉल भी नियंत्रित होता हैं। 
  8. पानी : साधारण और शुद्ध पेयजल भी अपने आप में एक औषधि है। हमारे ब्लड सेल्स पानी और प्रोटीन से बने होते हैं। प्लेटलेट्स की कमी होने पर प्रचुर मात्रा में पानी पीना चाहिए इससे प्लेटलेट्स की संख्या की गिरावट पर ब्रेक लगता है। 
प्लेटलेट्स की संख्या 1 लाख से कम हो जाने पर रोजाना जांच कराना जरुरी होता हैं। इस समय घरेलु उपाय के साथ अपने डॉक्टर की राय लेकर उपचार भी जारी रखना चाहिए। साधारणतः एक बार प्लेटलेट्स फिर बढ़ने शुरू हो जाए तो रोगी ठीक होना शुरू हो जाता हैं। 

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बुधवार, सितंबर 01, 2021 2021-09-01T12:17:09Z

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