बवासीर (Piles) के रोगियों ने क्या खाना चाहिए और क्या नहीं ?

बवासीर (Piles) के रोगियों ने क्या खाना चाहिए और क्या नहीं ? बवासीर (Piles) के रोगियों ने क्या खाना चाहिए और क्या नहीं ?
बवासीर को आयुर्वेद में अर्श और अंग्रेजी में Piles कहा जाता हैं। यह एक ऐसा रोग है जो हमारे खानपान संबंधी गलत आदतों की वजह से होता हैं। बवासीर को ठीक करने के लिए आयुर्वेदिक उपचार सबसे श्रेष्ठ माना जाता हैं। बवासीर के आयुर्वेदिक और एलॉपथी उपचार की जानकारी हम पहले ही इस ब्लॉग पर प्रकाशित कर चुके हैं।

आज के इस लेख में हम आपको बवासीर के रोगियों ने खाने में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए इसकी जानकारी देने जा रहे हैं। अगर बवासीर का रोगी खाने में ठीक से परहेज करता है तो उसकी आधी बीमारी तो ऐसे ही ठीक हो जाती हैं। बवासीर में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए इस विषय में भी काफी भ्रम फैला हुआ हैं।

इस लेख में हम आपको आयुर्वेद के हिसाब से बवासीर रोगी को अपने आहार में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं इसकी विशेष जानकारी देने जा रहे हैं।

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बवासीर (Piles) के रोगियों ने क्या खाना चाहिए और क्या नहीं ?


बवासीर (Piles) के रोगियों ने क्या खाना चाहिए ? Food to eat in Piles in Hindi

बवासीर के रोगी ने अपने आहार में नीचे दिए हुए आहार को शामिल करना चाहिए :
  • अनाज : बवासीर के रोगी पुराना चावल, लाल चावल, गेहू, जव, कुलीथ, जवार, मुंग, तुर (छौंक लगाई हुई दाल) आदि आज का सेवन कर सकते हैं। 
  • सब्जियां : गिलोय, पुनर्नवा, पडवल, पालक, टिंडल, भिंडी, लौकी, सुरण, आलू (Steamed Potato) आदि सब्जियों का सेवन किया जा सकता हैं। सूरनकंद की सब्जी सर्वाधिक लाभकर हैं। उबले हुए आलू की सब्जी, अदरक, लहसुन, सौंठ, सफ़ेद प्याज ये सभी पथ्यकारक हैं। 
  • सूरनकंद सब्जी : पाइल्स के रोगी के लिए यह सब्जी श्रेष्ठ हैं और इसी लिए हम आपको इसे बनाने की विधि बता रहे हैं। 100 से 200 ग्राम सुरण को इमली के पानी में को कुछ देर भिगोकर रखे और बाद में उसके टुकड़े कर उबाले। इसके बाद इस पर हरा धनिया, अजवाइन सैंधा नमक एवं जीरा पाउडर डालकर इसे सब्जी की तरह सेवन करे। इस एक कटोरी हफ्ते में 3 से 4 बार सेवन कर सकते हैं। 
  • तेल : सरसों का तेल सबसे अधिक लाभदायक हैं। मुमकिन हो तो सरसों केतेल में बनी सब्जियों का सेवन करे। 
  • सुप : टोमॅटो सुप, बीत सुप, मिक्सस वेज सुप, पालक सुप, कुलथे का सुप सेवन करे। 
  • फल : बवासीर के रोगी के लिए निम्बू, आंवला, अंजीर, मनुक्का, बदाम, अंगूर, अमरुद, अनार, केला, नारियल संतरा और मौसंबी यह फल लाभकर हैं। 
  • दुग्धाहार : दूध और दूध से बने आहार जैसे की ताजी मीठी छांछ, मख्खन, शुद्ध देसी घी बवासीर में लाभदायक हैं। इसमें भी पाचन संबंधी समस्या दूर करने में छांछ सबसे अधिक उपयोगी हैं। 
  • पानी : शरीर में पानी की कमी से कब्ज हो सकता है। रोजाना कम से कम ८ से १० ग्लास पानी जरूर पिए। उबालकर ठंडा (room temperature) किया हुआ पानी और अजवाइन का पानी बेहद लाभकर हैं। छांछ का सर्वाधिक सेवन करे। आप छांछ में अजवाइन, सौंठ या त्रिफला चूर्ण मिलाकर भी ले सकते हैं। 
  • अन्य लाभदायक व्यंजन : चावल / राजगिरा के लाहियों का चिवड़ा या लड्डू, निम्बू का अचार, आंवले का अचार, बीट का सलाद, हरे धनिये की चटनी, मीठे नीम के पत्तों की चटनी, गीले नारियल की चटनी, गेहू की रोटी, जवार की रोटी, मूंगदाल की खिचड़ी। अदरक, पुदीना, हरा धनिया, गिला नारियल, गीली हल्दी, मीठा नीम इन सभी चीजों का चटनी बनाने में उपयोग कर सकते हैं। 
  • कब्ज का उपाय : बवासीर में कब्ज नहीं होना चाहिए। 10 से 15 मनुक्का 1 कप पानी में रातभर भिगोए और सुबह खाली पेट इस मिश्रण को सेवन करे। रात को सोते समय 1 कप गर्म दूध में 2 चमच्च देसी घी डालकर पिए।  
  • अवश्य पढ़े : बवासीर के लक्षण क्या हैं ?

बवासीर (Piles) के रोगियों ने क्या नहीं खाना चाहिए ? Food to avoid in Piles in Hindi

बवासीर के रोगियों को निचे दिए हुए आहार पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए। 
  • अनाज : मकई, नाचनी 
  • दालें : उड़द दाल, चना दाल, मटर, वाल, चना, चवली, मटकी, छोले 
  • सब्जियां : बैंगन, तलाहुआ या भुनाहुआ आलू, दोडका, करेला, मेथी, शककरकन्द, शेपू, अम्बाडी, उड़द, मटर, चना, वाल, मटकी, तामड़ा भोपला / लाल कद्दू। 
  • फल : कच्चा केला, पका हुआ आम, जामुन, अननस, तरबूज, बेर 
  • अन्य वर्जित आहार : दही, अधिक जलपान, साबूदाना, अचार-पापड़, तली हुई चीजे, काजू, पिस्ता, अखरोट, मूंगफली,स्वीट कॉर्न, कॉर्न फलैक्स, भुट्टा ये सभी चीजे मना हैं।  
  • ब्रम्हचर्य : बवासीर के रोगी ने अधिक शारीरिक सम्बन्ध नहीं बना चाहिए। शुक्रक्षय से हानि होती है। 
  • सेकना : हलके गर्म पानी में कासीसादी तेल डालकर अवगाह स्वेद / Sitz Bath लेने से बेहद लाभ होता हैं।
  • नींद : बवासीर के रोगी ने दिन में अधिक सोना और रात को देर रात तक जागना नहीं चाहिए। रात में अच्छी नींद जरुरी हैं। 
  • योग : बवासीर के रोगी को पवन मुक्तासन, मंडूकासन और अनुलोम विलोम प्राणायाम जरूर करना चाहिए। 
  • जरूर पढ़े : बवासीर का आयुर्वेदिक और एलॉपथी उपचार 
अगर आपको बवासीर के साथ अन्य कोई रोग है जैसे की डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर तो अपने डॉक्टर की सलाह से उन रोगों में मना की हुई चीजों से भी आपको परहेज करना चाहिए।

अगर आपको यह बवासीर में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए की जानकारी उपयोगी लगती है तो कृपया इसे शेयर जरूर करे। 
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Saturday, March 23, 2019 2019-03-23T09:43:24Z

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