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हर्निया का कारण, लक्षण और उपचार

By Dr Paritosh Trivedi On, Tuesday, May 22, 2018


Hernia एक ऐसा रोग है जो बच्चो से लेकर वृद्ध तक किसी को भी हो सकता हैं। यह रोग पुरुष और महिलाए दोनों में पाया जाता हैं। शरीर का कोई अंग जब उसे उस स्थान पर रखने वाले tissue, muscle या layer में से  बाहर निकल जाता है तब उसे हर्निया कहा जाता हैं।

हर्निया यह रोग का प्रमाण ज्यादातर पेट में होता है पर यह इसके अलावा यह जांघ (thighs), नाभि (Umbilicus) और ऊसन्धि (Groin) भाग में भी हो सकता हैं। हर्निया में अगर बाहर निकला हुआ शरीर का हिस्सा अटक जाता (strangulation) हैं तो ऐसी स्तिथि में रोगी की तुरंत surgery करना पड़ता हैं।

हर्निया के कारण, लक्षण और उपचार से जुड़ी अधिक जानकारी नीचे दी गयी हैं :

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हर्निया का कारण, लक्षण और उपचार 


हर्निया क्या होता हैं ? What is Hernia in Hindi

मनुष्य के शरीर के अंदर कुछ अंग खोखले स्थानों में मौजूद होते हैं। इन खोखले स्थानों को body cavity कहा जाता हैं। दरअसल यह body cavity चमड़ी की झिल्ली / layer से ढकी होती है। जब इन cavity की झिल्लियां कभी-कभी फट जाती हैं तो अंग का कुछ भाग बाहर निकल जाता हैं। इस विकृति को हर्निया कहा जाता हैं। इसके अलावा muscle कमजोर होने से भी ऐसा हो सकता हैं।

हर्निया के क्या कारण हैं ?

हर्निया के कारण इस प्रकार हैं :

  1. स्नायु में कमजोरी / Muscle Weakness : जन्म से muscle कमजोर होना, लम्बे समय से खांसी या कब्ज होना, वृद्धावस्था या पहले किसी ऑपरेशन में muscle को चोट पहुंचना यह Muscle में कमजोरी आने के कुछ प्रमुख कारण हैं। 
  2. तनाव या खिंचाव / Strain : मोटापा, गर्भावस्था, खांसी, कब्ज, भारी वजन उठाना, पेट में पानी भर जाना या चोट के कारण Muscle में खिंचाव आने से भी हर्निया हो सकता हैं। 
  3. जन्मजात / Congenital : जन्मजात विकृति के कारण भी हर्निया हो सकता हैं। 




हर्निया के लक्षण क्या हैं ? Hernia symptoms in Hindi

हर्निया के लक्षण इस प्रकार हैं :

  1. सूजन / Swelling : यह हर्निया का प्रमुख लक्षण होता हैं। शरीर में जहा पर कोई हिस्सा बाहर निकल जाता है वहां सूजन नजर आती हैं। यह सूजन सोने पर कम हो जाती है और खड़े रहने पर, खांसने पर, वजन उठाने पर या झुकने पर बढ़ जाती हैं। 
  2. दर्द / Pain : हर्निया में रोगी को दर्द की शिकायत रहती हैं। इस प्रकार का दर्द खड़े होने, मांसपेशियों में खिचाव होने या कुछ भारी सामान उठाने पर बढ़ सकता हैं।
  3. जलन / Burning sensation : कभी-कभी हर्निया में भारीपन के साथ ही जलन की समस्या भी होती हैं। Umbilical hernia में रोगी को पेट में और छाती में जलन हो सकती हैं। 
कभी-कभी रोगी को शुरुआत में कोई तकलीफ नहीं होती है और किसी अन्य वजह से डॉक्टर के पास जांच कराने के लिए जाते वक्त जांच में शारीरिक परीक्षण या sonography में इसका पता चल जाता हैं।

हर्निया के कितने प्रकार हैं?

हर्निया कई प्रकार के होते हैं। हर्निया में body cavity से बाहर निकलने वाले अंगों के अनुसार भी इसका वर्गीकरण किया जाता हैं। सामान्यतः हर्निया के 3 प्रकार होते हैं :
  1. Inguinal Hernia - वेक्षण हर्निया 
  2. Umbilical Hernia - नाभी हर्निया 
  3. Femoral Hernia - जघनास्थिक हर्निया 

Inguinal Hernia in Hindi 

  • Inguinal Hernia यह जांघ के जोड़ यानि Inguinal क्षेत्र में होता हैं। यह हर्निया का सबसे आम प्रकार है और लगभग 70 % हर्निया में Inguinal Hernia ही होता हैं। 
  • आंत / Intestine का कोई हिस्सा जब पेट के निचले हिस्से की परत में छेद कर Inguinal canal से बाहर निकल जाता है तब उसे Inguinal Hernia कहा जाता हैं। 
  • यह Inguinal Hernia कभी-कभी Inguinal canal से होता है अंडकोष तक पहुंच जाता है जिससे अंडकोष में भी सूजन होती है और यह तय करना मुश्किल हो जाता है की रोगी को Inguinal Hernia है या Hydrocele !
  • Inguinal Hernia पुरुषों में अधिक पाया जाता हैं। 

Umbilical Hernia in Hindi 

  • इस प्रकार के हर्निया में नाभी हर्निया की थैली नाभी से बाहर निकल जाती हैं। 
  • लगभग 10% से कम हर्निया के मामले Umbilical Hernia के होते हैं। 
  • ज्यादातर मोटे व्यक्तिओं में Umbilical Hernia होने का खतरा अधिक रहता हैं। 
  • कभी-कभी जन्मजात भी Umbilical Hernia हो सकता है जो बढ़ती की उम्र के साथ कम भी हो जाता हैं। आगे बच्चा 1 साल का होने के बाद भी Umbilical Hernia ठीक नहीं होता है तो इसका उपचार कराना पड़ता हैं। 


Femoral Hernia in Hindi 

  • Femoral Hernia में आंत का कुछ हिस्सा जांघ की ओर जानेवाली नली से बाहर निकल जाता हैं। 
  • यह हर्निया पुरुषों में अधिक पाया जाता हैं। 
  • हर्निया के 20 % मामले Femoral Hernia के होते हैं। 

Hiatus hernia in Hindi 

  • जब आपके आमाशय / Stomach का कुछ ऊपरी हिस्सा diaphragm से निकलकर अन्ननलिका / Esophagus में चला जाता हैं तब इसे Hiatus hernia कहा जाता हैं। 
  • Hiatus hernia के कारण आमाशय का acid अन्ननलिका में पहुंचने से सीने में जलन, दर्द, जी मचलाना, ulcer आदि समस्या निर्माण हो जाती हैं। 

हर्निया का निदान कैसे किया जाता हैं ?

  1. शारीरिक परिक्षण / Physical Examination : हर्निया का ज्यादातर मामलों में रोगी की शारीरिक जांच करने से ही पता चल जाता है की रोगी को हर्निया है या नहीं। रोगी की सूजन अगर सो जाने पर कम होती है और खड़े होने पर बढ़ जाती है तो हर्निया का शक हो जाता हैं। 
  2. Endoscopy : रोगी के पेट की जांच एंडोस्कोपी में दूरबीन द्वारा की जाती हैं। इसमें एक छोटी नली जिसके आगे एक छोटा कैमरा लगा होता है रोगी के पेट के अंदर छोड़ा जाता हैं और जांच की जाती हैं। 
  3. Ultrasound Sonography : सोनोग्राफी में छोटा हर्निया भी पकड़ा जा सकता हैं। 
  4. Barium X-Ray : रोगी को एक दवा पिलाई जाती है और उसके बाद कई सारे X-Ray निकाले जाते हैं। 

हर्निया का उपचार कैसे किया जाता हैं ? Hernia treatment in Hindi

हर्निया के उपचार की जानकारी नीचे दी गयी हैं :
  1. ऑपरेशन / Surgery : हर्निया के लिए ऑपरेशन कराना ही सबसे बेहतर विकल्प होता हैं। अगर हर्निया छोटा है तो कोई बात नहीं पर अगर हर्निया बड़ा है और इसके कारण रोगी को खतरा हो सकता है तो रोगी को ऑपरेशन कराना चाहिए। सबसे बेहतर उपाय Hernioplasty surgery कराना होता है जिसमे एक जाली लगाकर हर्निया के छेड़ को बंद कर दिया जाता हैं। यह ऑपरेशन Open और / दूरबीन Laproscopy दोनों तरह से किया जा सकता हैं। Laproscopy surgery में रोगी की recovery जल्द हो जाती है पर दुबारा हर्निया होने का खतरा अधिक होता हैं। Open surgery में recovery में समय लगता है पर हर्निया दुबारा होने का खतरा कम रहता हैं। यह कम खर्चीला भी होता हैं। 
  2. दवा / Medicine : हर्निया में दर्द कम करने के लिए दर्दनाशक दवा दी जाती है पर इससे तात्कालिक आराम मिलता हैं। Hiatus hernia में acidity कम करने के लिए Ranitidine, Levosulpride, Pantoprazole, Omeprazole, Ondansetrone आदि दवा दी जाती हैं।


हर्निया से बचने के लिए क्या करे ?

जिन लोगों में हर्निया की केवल शुरुआत हुई है या जिन्हे हर्निया नहीं है ऐसे लोगों ने हर्निया से बचाव के लिए कुछ बातों का ख्याल रखना चाहिए, जैसे की :
  1. वजन उठाना / Weight lifting : अधिक वजन वाला सामान नहीं उठाना चाहिए। अगर आप व्यायाम कर रहे है तो gym में हमेशा abdominal belt लगाकर वजन उठाये। अपने क्षमता से अधिक वजन उठाने का प्रयास ना करे। 
  2. कब्ज / Constipation : अगर कब्ज की तकलीफ ज्यादा दिनों से है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाकर उपचार कराना चाहिए। कब्ज होने पर मल त्याग के लिए जोर लगाने से हर्निया हो सकता हैं। जरूर पढ़े - कब्ज का घरेलु आयुर्वेदिक उपचार 
  3. खांसी / Cough : अगर cough की तकलीफ ज्यादा दिनों से है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाकर उपचार कराना चाहिए।
  4. धूम्रपान / Smoking : धूम्रपान ना करे। 
  5. मोटापा : अगर आपका वजन सामान्य से ज्यादा है तो weight loss करना चाहिए। पढ़े - Weight loss कैसे करे ?
  6. आहार / Diet : ऐसा आहार खाने से बचे जिससे कब्ज होती है या पचने में अधिक समय लगता हैं। शाकाहार लेना चाहिए और खाने में सलाद का प्रमाण अधिक रखना चाहिए। Hiatus hernia में रोगी की acidity बढ़ जाती हैं। यह पढ़े - एसिडिटी और गैस की समस्या का उपचार  
  7. योग / Yoga : नियमित Yoga करने से आपके पेट के muscle strong रहते है और आपको hernia होने का खतरा कम हो जाता हैं। नीचे दिए हुए योगा अगर आपको हर्निया नहीं है तो ही करे क्योंकि इससे हर्निया होने का खतरा कम होगा पर अगर आपको हर्निया पहले से ही है तो फिर कोई भी Yoga या exercise करने से पहले आपको अपने डॉक्टर की राय लेना चाहिए। Yoga की पूरी जानकारी पढ़ने के लिए Yoga के नाम पर click करे :
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