बच्चों को कब्ज से छुटकारा दिलाने के उपाय

बच्चों को कब्ज से छुटकारा दिलाने के उपाय बच्चों को कब्ज से छुटकारा दिलाने के उपाय
बच्चों को भी कब्ज (Constipation) हो सकता है !!!! यह चकित करने वाली बात है लेकिन सुबह आपकी छोटी शिशु का पेट ठीक से साफ नहीं होता या उसे पेट साफ करने के लिये जोर लगाना पड़ता है तो हो सकता है कि उसे कब्ज हो।

इससे बचने के लिये आप क्या करेंगी? अगर यह तकलीफ पुरानी है तो आपको जरूर बच्चों के डाक्टर के पास जाना पड़ सकता है पर डाक्टर की बतायी गयी पेट साफ करने वाली या अन्य दवाईयों के अलावा शिशु की कब्ज की बीमारी मिटाने के लिये आपको चाहिये कि उसके खान-पान के तरीके में कुछ बदलाव करें।

बच्चों को कब्ज से छुटकारा पाने के उपाय और घरेलु नुस्खों की जानकारी निचे दी गयी हैं। 


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बच्चों में कब्ज का घरेलु उपचार कैसे करे ?
Treatment and Home remedies for Constipation in Children

शिशु को कब्ज से बचाने के लिये उसकी तरल और रेषेदार खुराक बढ़ा दें। 
  1. तरल खुराक में क्या दें - उसे ज्यादा पानी पिलायें। अगर शिशु को सादा पानी अच्छा नहीं लगता तो उसे सूप, नारियल पानी, नींबू पानी और फलों के रस जैसे तरल चीजें पिलायें।
  2. रेशेदार खुराक में क्या दें - भूसी वाली दाल, सेम और अन्य फलियां शिशु के रोज के खाने में शामिल करें। ये चीजें रोज की तरी वाले खाने में, पानीदार खिचड़ी के साथ या सूप में मिला कर दी जा सकती हैं।
  3. अनाज - शिशु को सभी तरह के अनाज वाला खाना खिलायें जैसे जौ का दलिया, भूरा चावल, बाजरा, रागी और चावल का आटा आदि। ये चीजें जौ या किसी और अनाज का दलिया बनाकर, रागी और चावल के पापड़ के रूप में दी जा सकती हैं। यह पूरे अनाज का खाना कई तरह से दिया जा सकता है जैसे खिचड़ी, उत्पम, उपमा और इडली के साथ।
  4. फल और सब्जी - शिशु को ज्यादा से ज्याद फल और सब्जियों खिलायें। कड़े फलों जैसे सेब और नाशपाती का पीस कर खिलाया जा सकता है। अन्य फल जैसे केला, पपीता, चीकू, अमरूद और अंगूर को ऐसे ही या पीस कर दे सकते हैं। सूखे फल जैस अंजीर और आलूबुखारा भी कब्ज दूर करने में मदद करते हैं। इन्हे सूखा या रात भर पानी में भिगोने के बाद दे सकते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियों, मटर, सेम और गाजर भी कब्ज में फायदा करते हैं।
  5. क्या न खिलाये - साफ किये हुये अनाज या मैदा से बनी हुयी चीजें जैसे बे्रड, पावरोटी, पिज्जा का निचला हिस्सा और पास्ता आदि ज्यादा खिलाने से बचें।
  6. फाइबर - शिशु की हर खुराक में ज्यादा रेषेदार / फाइबर वाला एक खाना शामिल करने की कोषिष करें।
  7. दूध - कभी-कभी दूध की वजह से शिशु को कब्ज या पतले दस्त होते हैं अतः एक गिलास दूध पीने के बाद क्या होता है उन लक्षणों पर ध्यान दें।
हालांकि शिशुओं में कब्ज की बीमारी आसानी से दूर की जा सकती है लेकिन यदि यह एक खास समय के बाद भी ठीक न हो तो डाक्टर की सलाह जरूर लें।

सारांश-


छोटे शिशु को कब्ज की बीमारी होना आपको चकित कर सकता है पर उन्हे भी यह परेशानी हो सकती हैं। शिशु को दवाईयां दे कर यह बीमारी ठीक हो सकती है पर उसके खान-पान में बदलाव लाकर उसे कब्ज की बीमारी से बचा सकते हैं। अगर आप शिशु की खुराक में पानीदार और रेशे वाले खाने को बढ़ा दें तो शिशु को कब्ज की परेशानी से बचाया जा सकता है। उसे पानी, फलों का रस और सूप ज्यादा से ज्यादा पिलायें। 

सारे अनाज खास कर जौ, बाजारा और भूसी वाली दाल खिलायें। हरी पत्तेदार सब्जियां, फलों का गूदा और एक ज्यादा रेशेदार चीज उसकी रोज की खुराक में जरूर हो पर मैदे से बना ज्यादा खाना खिलाने से परहेज करें। दूध पिलाने के बाद इससे होने वाले असर पर ध्यान दें। ऐसा करने के बाद भी यदि शिशु को जल्दी आराम न मिले तो डाक्टर की सलाह लें। 


यह लेख हमारे साथ Parentune team ने साझा किया हैं। Parentune भारत की सबसे तेजी से बढ़ने वाली पेरेंटिंग कम्युनिटी है जो पेरेंट्स को अपने बच्चों के लिए उपयुक्त सलाह और सहयोग देती हैं। और जाने Parentune के बारे में - http://www.parentune.com/ 

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Friday, May 05, 2017 2017-05-19T10:59:39Z

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