कम नींद लेने के स्वास्थ्य दुष्परिणाम

कम नींद लेने के स्वास्थ्य दुष्परिणाम कम नींद लेने के स्वास्थ्य दुष्परिणाम
हमारा शरीर एक प्रकार की जटिल मशीन है और जैसे हर मशीन को समय-समय पर रिचार्ज और आराम की जरुरत होती है उसी प्रकार हमारे शरीर को भी आराम देने के लिए और रिचार्ज करने के लिए पर्याप्त नींद बेहद आवश्यक हैं। अच्छी नींद लेने के कितने फायदे हो सकते हैं, इसका अंदाजा बहुत कम लोगों को होता हैं।

हमारे शरीर को रोजाना 6-7 घंटे नींद की आवश्यकता होती है। दिनभर में शरीर और दिमाग को जो क्षति पहुँचती है उसे भरने का काम रात में नींद के दौरान होता हैं। पर्याप्त नींद के अभाव में हमारा शरीर और मन पूरी तरह से स्वस्थ नहीं रह सकता हैं।

आज इस लेख में हम आपको नींद का महत्त्व और पर्याप्त नींद न लेने से क्या हानि हो सकती है इसकी संक्षिप्त महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं। अधिक जानकारी निचे दी गयी हैं :

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कम नींद लेने के स्वास्थ्य दुष्परिणाम

  • मोटापा / Obesity : अमेरिकी सेहत विशेषज्ञों के मुताबिक पर्याप्त मात्रा से कम नींद लेने वालों का Body Mass Index (BMI) ज्यादा रहने की आशंका अधिक रहती हैं। अधिक BMI मतलब मोटापे की समस्या और मोटापे का मतलब ह्रदय रोग, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बिामिरियों को निमंत्रण देना। एक अध्ययन में पाया गया है की जो लोग केवल 5 घंटे या इससे कम मात्रा में नींद लेते है उनके शरीर में घ्रेलिन हॉर्मोन 15% ज्यादा और लेप्टिन हॉर्मोन 10% कम निर्माण होता हैं। याद रहे की घ्रेलिन हॉर्मोन भूक को बढ़ाने का काम करता है और लेप्टिन हॉर्मोन भूक को कम करता हैं।
  • याददाश्त / Memory : मेमोरी को संचित रखने में नींद बेहद अहम भूमिका निभाती हैं। कम नींद लेने वालों की तुलना में पर्याप्त नींद लेने वाले चीजों को ज्यादा बेहतर तरीके से याद रख पाते हैं। यही कारण है की रात को देर तक जागकर पढ़ने की बजाए अगर रात में जल्दी सोकर अच्छी नींद लेकर सुबह पढाई करे तो हमें ज्यादा अच्छी तरह से पढ़ा हुआ याद रहता हैं। अध्ययन में यह बात भी सामने आयी है की देर रात तक जागकर काम करनेवालों की सोचने के क्षमता धीमी पड़ जाती हैं और इसका असर अगले दिन भी देखने को मिलता हैं।   
  • अवश्य पढ़े - याददाश्त बढ़ाने के उपाय
  • कर्करोग / Cancer : डिप्रेशन से लेकर बुजर्गों पर किये गए अध्ययनों में पाया गया है की जिन्हे ठीक से नींद नहीं आती थी उनके रक्त में रोग से लड़ने वाली कोशिकाओं की कमी थी। इसके अलावा नींद के दौरान मेलाटोनिन नामक एंटीऑक्सीडेंट भी उत्पन्न होता हैं जो की कैंसर से लड़ सकता हैं। देर रात तक नाईट शिफ्ट में काम करने से महिलाओं की नींद कम रहती है और इस कारण स्तन कैंसर का खतरा 70% तक बढ़ जाता हैं। 
  • अवश्य पढ़े - Cancer का कारण, लक्षण और उपचार
  • पेट में अलसर / Gastric Ulcer : पर्याप्त नींद न लेने से पेट में अलसर होने की आशंका भी बढ़ जाती हैं। जापान में हुए एक अध्ययन के मुताबिक स्टमक लाइनिंग के डैमेज को ठीक करने वाला केमिकल नींद में उत्सर्जित होता हैं। इस केमिकल के बिना पेट में अलसर का खतरा बढ़ जाता हैं। 
  • अवश्य पढ़े - एसिडिटी का घरेलु आयुर्वेदिक उपचार
  • चयापचय / Metabolism : सही ढंग से न सोने से और पर्याप्त नींद न लेने से कार्बोहायड्रेट मेटाबोलिज्म और हॉर्मोन फंक्शन में ऐसी गड़बड़ी आ सकती हैं जो उम्र संबंधी डिसऑर्डर की तीव्रता को बढ़ा सकती हैं।  
पर्याप्त मात्रा में नींद लेना क्यों जरुरी है और हर उम्र के व्यक्ति के लिए कितनी नींद आवश्यक है इसकी सम्पूर्ण जानकारी पढ़ने के लिए यहाँ click करे - नींद के लाभ  

यह स्वास्थ्य जानकारी श्री संजीत कालिया जी ने इटावा से हमें ईमेल द्वारा भेजी हैं। अगर आपके पास भी कोई उपयोगी स्वास्थय लेख है तो हमें ceo.nirogikaya@gmail.com पर ईमेल द्वारा भेज सकते हैं। 
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Tuesday, April 19, 2016 2018-04-04T10:16:22Z

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