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कैंसर (Cancer) का निदान (Diagnosis) कैसे किया जाता हैं ?

By Dr Paritosh Trivedi On, Friday, November 20, 2015


Diagnosis of Cancer in Hindi

आजकल आधुनिक विज्ञान में प्रगति के कारण कर्करोग / कैंसर (Cancer) जैसे जटिल रोग का भी प्रारंभिक अवस्था में ही निदान संभव हैं। कैंसर का प्रारंभिक अवस्था में ही निदान हो जानेपर उसे ठीक करना और उसे अन्य अंगों तक फैलने से बचाना संभव हो सकता हैं।

कैंसर के लक्षणों के आधार पर कैंसर की शंका होने पर निदान / Diagnosis करने हेतु विभिन्न जाँचे की जाती हैं। कैंसर के निदान हेतु जांच में रक्त, मूत्र इत्यादि सामान्य परिक्षण के अलावा कुछ विशेष जाँचे भी की जाती हैं।

इन जाँचों की अधिक जानकारी निचे दी गयी हैं :

Investigations-Diagnosis-Cancer-in-Hindi

कैंसर का निदान कैसे किया जाता हैं ? Diagnosis of Cancer in Hindi

  • शारीरिक परिक्षण / Physical Examination : कैंसर की आशंका होने पर व्यक्ति का संपूर्ण वैद्यकीय ईतिहास लिया जाता है और शारीरिक जांच की जाती हैं। शारीरिक जांच करने पर त्वचा, गांठ या पीड़ित अंग कैंसर से ग्रस्त है या नहीं इसका अनुमान लगाया जाता हैं। 
  • रक्त जांच / Blood test : कैंसर का निदान करने के लिए कई प्रकार की रक्त जांच की जाती हैं। 
  1. Complete Blood Test (CBC) : इस रक्त जांच में विभिन्न प्रकार के रक्त कोशिकाओ की जांच की जाती हैं। जांच करते समय कोई कैंसर की असामान्य पेशी का पता लगने पर कैंसर का निदान हो सकता हैं। 
  2. अस्थि मज्जा परिक्षण / Bone Marrow Test : Blood Cancer की शंका होने पर अस्थि मज्जा परिक्षण किया जाता हैं। 
  3. गाँठ चिन्हक / Tumour Marker : शरीर के अंदर किसी अंग में गाँठ तैयार होने पर उस गाँठ से निकलने वाले रसायन का परिक्षण द्वारा पता लगाकर कैंसर का निदान किया जा सकता हैं। उदा - Prostate Specific Antigen (PSA) से Prostate का कैंसर और Alpha Fetoprotein (AFP) का परिक्षण कर Liver के कैंसर का पता लगाया जा सकता हैं।  
  • स्मीअर परिक्षण / Smear Test : इस जांच में गर्भाशय (Uterus), ग्रीवा (Cervix), स्तन (Breast) इत्यादि के स्त्राव को कांच के Slide पर लेकर विभिन्न रंग में रंगकर Microscope में देखकर कैंसर के कोशिकाओं का पता लगाया जाता हैं। शरीर में किसी भी भाग में मौजूद गाँठ में सुई डालकर अंदर की कोशिकाए Syringe द्वारा खींचकर फिर उसका स्मीयर बनाकर Microscope से जांच की जाती हैं। Slide पर कैंसर की कोशिकाए मिलने पर कैंसर का निदान करने में सहायता मिलती हैं। 
  • बायोप्सी परिक्षण / Biopsy : शरीर के किसी भाग का या गाँठ का छोटासा टुकड़ा निकालकर उसकी slide बनाकर Microscope के निचे परिक्षण किया जाता हैं। इस जांच में कैंसर के कोशिकाए मिलने पर कैंसर का निदान होता हैं। स्मीयर परिक्षण के तुलना में यह परिक्षण अधिक विश्वसनीय माना जाता हैं।  
  • Mammogram : स्तन के कैंसर का परिक्षण करने के लिए एक विशेष पध्दति से स्तन का क्ष-किरण जांच की जाती हैं। महिलाओं ने रजोनिवृत्ति के बाद यह जांच हर वर्ष अवश्य करानी चाहिए। 
  • CT Scan : कैंसर का निदान करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर पीड़ित अंग का Plain या दवा देकर Contrast CT Scan किया जाता हैं। 
  • सोनोग्राफी / Ultra Sound Sonography : कैंसर का निदान करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर पीड़ित अंग की सोनोग्राफी की जाती हैं। 
  • MRI : कैंसर का निदान करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर पीड़ित अंग का MRI Scan किया जाता हैं।इसके साथ ही कैंसर कहा तक फैला हुआ है यह जानने के लिए डॉक्टर PET Scan भी कराते हैं। 
  • क्ष-किरण / X-Ray : कैंसर का निदान करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर पीड़ित अंग का X-Ray निकाला जाता हैं।   

  • अन्य / Others : कैंसर का निदान करने के लिए निचे दिए हुए अन्य परिक्षण किये जाते हैं। 
  1. Colonoscopy : इस परिक्षण में दूरबीन द्वारा आंत का परिक्षण कर कैंसर का निदान किया जाता हैं। 
  2. Colposcopy : इस परिक्षण में Microscope जैसे उपकरण का उपयोग कर ग्रीवा / Cervix के भाग का Magnify कर परिक्षण किया जाता हैं। 
  3. Cystoscopy : इस परिक्षण में मूत्रमार्ग /Urethra से दूरबीन अंदर प्रवेश कर मूत्राशय / Urinary Bladder का परिक्षण किया जाता हैं। 
  4. Endoscopy : इस परिक्षण में मुंह से दूरबीन अन्ननलिका में प्रवेश कर अन्ननलिका का परिक्षण कर कैंसर का निदान किया जाता हैं। 
ऊपर दिए हुए परिक्षण के अलावा कुछ अन्य परिक्षण का उपयोग भी कैंसर का निदान करने के लिए किया जाता हैं जिनकी जानकारी आप अपने डॉक्टर से ले सकते हैं। कई बार कैंसर का निदान करने के लिए केवल एक ही परिक्षण का उपयोग करने की जगह 2-3 परिक्षण कर कैंसर के निदान तक पंहुचा जाता हैं। ध्यान रहे की कैंसर का निदान जल्द होने पर उसके उपचार में आसानी होती है और इसके लिए कैंसर के लक्षण नजर आने पर डॉक्टर के सलाह अनुसार जांच अवश्य कराना चाहिए।

कैंसर रोग से जुड़े अन्य उपयोगी जानकारी भरे लेख :
  1. कैंसर क्या है और कैंसर के कारण क्या है जानने के लिए यहाँ क्लिक करे - Causes of Cancer in Hindi
  2. कैंसर के लक्षणों की जानकारी पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे - Symptoms of Cancer in Hindi
  3. कैंसर से बचने के उपाय जानने के लिए यहाँ क्लिक करे - Tips to prevent Cancer in Hindi
  4. कैंसर का उपचार कैसे किया जाता हैं - Cancer treatment in Hindi
Image courtesy of renjith krishnan at FreeDigitalPhotos.net
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