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उत्तानपाद योग आसन की विधि, लाभ और सावधानी


शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ body को fit रखने के लिए भी रोजाना Yoga अवश्य करना चाहिए। जिन लोगों का पेट काफी बड़ा है ऐसे मोटापे से ग्रस्त व्यक्तिओं ने पेट पर जमा हुई चर्बी कम करने के लिए उत्तानपादासन योग अवश्य करना चाहिए। Belly fat कम करने के लिए यह उपयोगी आसन हैं।

यहाँ उत्तान का अर्थ है ऊपर की ओर उठा हुआ और पाद का अर्थ है पैर। इस आसन में पीठ के बल लेटकर पैरों को ऊपर उठाया जाता हैं। इसी कारण इस आसन का नामकरण उत्तानपादासन योग हुआ हैं। अंग्रेजी में इसे Raised feet Pose भी कहा जाता हैं।

उत्तानपादासन योग की विधि,  सावधानी की जानकारी निचे दी गयी हैं :

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हाइड्रोसील का कारण, लक्षण और उपचार


अंडकोष यानि की Testicle में पानी भर जाने को अंडकोषवृद्धि या Hydrocele / हाइड्रोसील कहा जाता हैं। सामान्य भाषा में इसे गोटी में सूजन आना भी कह सकते हैं। हाइड्रोसील में अंडकोष की थैली में पानी भर जाने के कारण अंडकोष फूल जाते है और यह समस्या पीड़ादायी भी हो सकती हैं। आयुर्वेद में इसे वृषण वृद्धि कहा जाता हैं।

सामान्यतः गर्भ में बच्चे का अंडकोष पेट में होता है और अंतिम महीनों में यह अंडकोष निचे आकर अंडकोष की थैली / Scrotum में आ जाते हैं। शुरुआत में अंडकोष के आसपास थोड़ा पानी होता है जिसे धीरे-धीरे त्वचा सोख लेती हैं। कुछ Pre mature बच्चों में यह पानी रह जाता हैं और उन्हें जन्मजात हाइड्रोसील होता है। 40 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों में हाइड्रोसील की समस्या अधिक पायी जाती हैं।

हाइड्रोसील का कारण, लक्षण, उपचार और घरेलु आयुर्वेदिक नुस्खों की जानकारी निचे दी गयी हैं :

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निपाह वायरस का कारण, लक्षण, उपचार और बचाव


National Institute of Virology के अनुसार हाल ही में केरल में अज्ञात संक्रमण के कारण हुई मृत्यु के पीछे निपाह / Nipah virus (NiV) का infection बताया गया हैं। इस निपाह वायरस के कारण केरल और नजदीकी राज्य में भय का वातावरण निर्माण हो गया हैं। विश्व स्वास्थ्य संघटन (WHO) और भारत सरकार ने भी निपाह वायरस को गंभीरता से लेते हुए high alert घोषित कर दिया हैं।

सबसे पहले 1988 में मलेशिया के कापुंग सुंगई निपाह शहर में इस वायरस का पता चला था और इसीलिए इस वायरस को निपाह नाम दिया गया हैं। सबसे पहले सूअर (Pig) में इस वायरस का संक्रमण हुआ था। 2004 में बांगलादेश में इस वायरस के प्रकोप से हजारों लोगों की मृत्यु हो चुकी हैं।

निपाह वायरस क्या हैं, इसका संक्रमण कैसे होता है, इसके उपचार और बचाव से जुड़ी अधिक जानकारी नीचे दी गयी हैं :

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हर्निया का कारण, लक्षण और उपचार


Hernia एक ऐसा रोग है जो बच्चो से लेकर वृद्ध तक किसी को भी हो सकता हैं। यह रोग पुरुष और महिलाए दोनों में पाया जाता हैं। शरीर का कोई अंग जब उसे उस स्थान पर रखने वाले tissue, muscle या layer में से  बाहर निकल जाता है तब उसे हर्निया कहा जाता हैं।

हर्निया यह रोग का प्रमाण ज्यादातर पेट में होता है पर यह इसके अलावा यह जांघ (thighs), नाभि (Umbilicus) और ऊसन्धि (Groin) भाग में भी हो सकता हैं। हर्निया में अगर बाहर निकला हुआ शरीर का हिस्सा अटक जाता (strangulation) हैं तो ऐसी स्तिथि में रोगी की तुरंत surgery करना पड़ता हैं।

हर्निया के कारण, लक्षण और उपचार से जुड़ी अधिक जानकारी नीचे दी गयी हैं :

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भूख न लगने के कारण, लक्षण और उपचार


भूख न लगना या भूख कम हो जाना इसे मेडिकल भाषा में loss of appetite या Anorexia कहा जाता हैं। शरीर के लिए जरुरी पोषण मिलने के लिए पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक आहार या balanced diet लेना जरुरी होता हैं। जिस तरह बिना ईंधन के गाड़ी नहीं चल सकती ठीक उसी तरह हमारा शरीर भी बिना आहार के ठीक नहीं रह सकता हैं।

आयुर्वेद में इस रोग को मंदाग्नि कहा गया हैं। आयुर्वेद के अनुसार जब हमारे शरीर की पाचक अग्नि वात, पित्त और कफादि दोष प्रकुपित होने के कारण मंद हो जाती है तब रोगी की भूख बेहद कम हो जाती हैं। कुछ लोग weight loss करने के लिए dieting करते है और कम खाते है पर इसे हम भूख कम लगना नहीं कह सकते है क्योंकि यहाँ व्यक्ति खुद होकर कम खाना खाता हैं।

भूख न लगने के कारण, लक्षण और उपचार से जुडी जानकारी निचे दी गयी हैं :

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