रोग योग आयुर्वेद डाइट सलाह सभी लेख परिचय
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हर्निया का कारण, लक्षण और उपचार


Hernia एक ऐसा रोग है जो बच्चो से लेकर वृद्ध तक किसी को भी हो सकता हैं। यह रोग पुरुष और महिलाए दोनों में पाया जाता हैं। शरीर का कोई अंग जब उसे उस स्थान पर रखने वाले tissue, muscle या layer में से  बाहर निकल जाता है तब उसे हर्निया कहा जाता हैं।

हर्निया यह रोग का प्रमाण ज्यादातर पेट में होता है पर यह इसके अलावा यह जांघ (thighs), नाभि (Umbilicus) और ऊसन्धि (Groin) भाग में भी हो सकता हैं। हर्निया में अगर बाहर निकला हुआ शरीर का हिस्सा अटक जाता (strangulation) हैं तो ऐसी स्तिथि में रोगी की तुरंत surgery करना पड़ता हैं।

हर्निया के कारण, लक्षण और उपचार से जुड़ी अधिक जानकारी नीचे दी गयी हैं :

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भूख न लगने के कारण, लक्षण और उपचार


भूख न लगना या भूख कम हो जाना इसे मेडिकल भाषा में loss of appetite या Anorexia कहा जाता हैं। शरीर के लिए जरुरी पोषण मिलने के लिए पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक आहार या balanced diet लेना जरुरी होता हैं। जिस तरह बिना ईंधन के गाड़ी नहीं चल सकती ठीक उसी तरह हमारा शरीर भी बिना आहार के ठीक नहीं रह सकता हैं।

आयुर्वेद में इस रोग को मंदाग्नि कहा गया हैं। आयुर्वेद के अनुसार जब हमारे शरीर की पाचक अग्नि वात, पित्त और कफादि दोष प्रकुपित होने के कारण मंद हो जाती है तब रोगी की भूख बेहद कम हो जाती हैं। कुछ लोग weight loss करने के लिए dieting करते है और कम खाते है पर इसे हम भूख कम लगना नहीं कह सकते है क्योंकि यहाँ व्यक्ति खुद होकर कम खाना खाता हैं।

भूख न लगने के कारण, लक्षण और उपचार से जुडी जानकारी निचे दी गयी हैं :

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दस्त / Loose motions का उपचार और घरेलु आयुर्वेदिक नुस्खे


दस्त या loose motions के साथ उलटी होने की स्तिथि को Diarrhea या Acute GastroEnteritis कहा जाता हैं। सामान्य भाषा में इसे Food Poisoning भी कहा जाता हैं। आयुर्वेद में इस बीमारी को अतिसार कहा गया हैं। अक्सर बाहर का खाना या शादी / पार्टी में खाना खाने के कारण पेट में जंतु का संक्रमण होने से दस्त होने शुरू हो जाते हैं। अगर आपको दिन में 3 से ज्यादा बार पतले पानी जैसे loose motions होते है तो इसे डायरिया कहा जाता हैं।

पाचन शक्ति कमजोर होने की वजह से भी loose motions हो सकते हैं। पतले दस्त के साथ उलटी होना हमारे शरीर के लिए अच्छा संकेत नहीं होता हैं। ऐसी स्तिथि में शरीर में तेजी से पानी की कमी हो जाती हैं और ब्लड प्रेशर कम हो सकता हैं। विशेष कर बच्चों में हमें इस बात का ख्याल रखना चाहिए।

दस्त या loose motions का कारण, लक्षण, उपचार और घरेलु आयुर्वेदिक नुस्खों की जानकारी नीचे दी गयी हैं :

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Tonsils का कारण, लक्षण, उपचार, घरेलु उपाय और Yoga


Tonsils के सूजन को Tonsillitis कहा जाता हैं। Tonsils यह गले के अंदर दोनों बाजु जीभ /Tongue के पिछले भाग से सटी हुई lymph nodes हैं। Tonsils हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक शक्ति यानि की Immunity का एक हिस्सा है जो की खतरनाक Bacteria और Virus को शरीर के भीतर प्रवेश करने से रोकता हैं।

सामान्यतः Tonsils के कारण गले में दर्द या निगलने में तकलीफ नहीं होती हैं परन्तु अगर किसी infection के कारण Tonsils में सूजन आने से Tonsillitis हो जाता हैं जिससे गले में अवरोध निर्माण हो जाता हैं। वयस्क लोगों की तुलना में Tonsillitis का प्रमाण बच्चों में अधिक पाया जाता हैं। भारत में महिलाओं की तुलना में पुरुषों में Tonsillitis का प्रमाण अधिक पाया जाता हैं।

Tonsillitis का कारण, लक्षण, उपचार, घरेलु उपाय और Yoga से जुडी अधिक जानकारी निचे दी गयी हैं :

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साइटिका का कारण, लक्षण और उपचार


साइटिका एक ऐसा रोग है जिसमे रोगी को कमर से लेकर पैरों के तलवों तक बेहद ज्यादा दर्द होता हैं। Sciatica Nerve में तकलीफ होने के कारण यह समस्या निर्माण होती है और इसीलिए इसे साइटिका यह नाम दिया गया हैं। इसे Lumbar Radiculopathy नाम से भी जाना जाता हैं। आयुर्वेद में इस रोग का को गृध्रसी कहा जाता हैं। इस रोग में रोगी गिद्ध के समान चलता है और इसीलिए इसे यह नाम दिया गया हैं।

Sciatica यह हमारे शरीर की सबसे बड़ी और लंबी नस / nerve हैं। यह नस कमर से निकलकर दोनों पैरो में पिछले भाग से पैर के उंगली के टोक तक फैली होती हैं। आजकल ज्यादातर लोगों को गलत जीवनशैली के चलते साइटिका की तकलीफ का सामना करना पड़ रहा हैं।

साइटिका रोग के कारण, लक्षण, उपचार, घरेलु नुस्खे और योग से जुडी जानकारी नीचे दी गयी हैं :

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