आपने कई बार अनुभव किया होंगा की डॉक्टर आपके शरीर की सम्पूर्ण जांच करने के लिए या फिर किसी किडनी रोगी की स्तिथि जांच ने के लिए विविध रक्त जांच कराते हैं। उन जांच में एक किडनी की विशेष जांच होती है जिसे Serum Creatinine Test या क्रिएटिनिन जांच कहते हैं। Kidney function test करने के लिए यह जांच की जाती हैं। 

हमारे शरीर में किडनी / गुर्दे, हार्मोन बनाने व शरीर से लगभग 110 प्रकार के विषैले तत्व को बाहर निकालने का काम करती है। इन तत्वों की मात्रा बढ़ने पर ब्लड में क्रिएटिनिन की मात्रा भी बढ़ जाती है जो दर्शाता है कि किडनी ठीक से काम नहीं कर रही है। क्रिएटिनिन ब्लड टेस्ट किडनी की कार्य क्षमता बताता है। 

क्रिएटिनिन क्या है और यह जाच क्यों और कैसे की जाती है इसकी सम्पूर्ण जानकारी निचे दी गयी हैं :


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क्रिएटिनिन किडनी ब्लड टेस्ट की जानकारी हिंदी में Creatinine Kidney Blood test in Hindi

क्या है क्रिएटिनिन ? What is Creatinine in Hindi 

शरीर में भोजन उर्जा में बदलते समय क्रिएटिन पदार्थ का निर्माण होता है जो बाद में टूटकर क्रिएटिनिन में बदल जाता है। स्वस्थ किडनी पेशाब के रास्ते क्रिएटिनिन को बाहर निकालती है। लेकिन प्रोटीन की अधिकता, शरीर में पानी की कमी, रक्त संचार में रुकावट व शुगर लेवल के बढ़ने से किडनी क्रिएटिनिन को बाहर नहीं निकाल पाती है जो किडनी के खराब होने की ओर इशारा करता है। क्रिएटिनिन की मात्रा बढ़ने से यह बाहर निकलकर ब्लड में मिलकर इसे दूषित कर देता है। क्रिएटिनिन की सामान्य मात्रा पुरुषों में 0.7 से 1.3 व महिलाओं में 0.66 से 1.1 मिलीग्राम प्रति डेसी लीटर होनी चाहिए। इससे अधिक होने पर यह पता चलता है की आपकी किडनी ठीक से कार्य नहीं कर रही है। क्रिएटिनिन बेहद ज्यादा बढ़ जाने पर डायलेसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की आशंका रहती है। 

क्रिएटिनिन की जांच कब की जाती है ?

डॉक्टर रोगी की जांच कर निचे दिए हुए लक्षण पाए जाने पर क्रिएटिनिन जांच करने की सलाह देते हैं :
  1. भूख न लगना 
  2. हाथ-पैर या पेट के निचले हिस्से में सूजन 
  3. कमर के निचले हिस्से में लगातार दर्द 
  4. पेशाब करने में कठिनाई होना 
  5. झागदार पेशाब आना 
  6. पेशाब के साथ रक्त आना  
  7. जी मचलाना, उलटी होना  
  8. किडनी फेलियर 
  9. ब्लड प्रेशर बढ़ जाना  
  10. गर्भवती महिलाओं में बच्चे के किडनी का विकास ठीक से हो रहा है या नहीं यह देखने के लिए Amniotic fluid निकालकर यह जांच की जाती हैं। 
इस टेस्ट के साथ कुछ अन्य जांच भी की जा सकती है जैसे Blood Urea Nitrogen (BUN), Blood Urea, Creatinine Clearance, Uric Acid इत्यादि। 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को वर्ष में एक बार यह टेस्ट रुटीन चेकअप के दौरान करना चाहिए। इसके अलावा डॉक्टर की सलाह से पथरी, डायबिटीज व हाई ब्लड प्रेशर के मरीज को लंबे समय तक एंटीबायोटिक्स लेने वालों को यह टेस्ट साल में एक बार अवश्य करवाना चाहिए।क्रिएटिनिन जांच कराने में 80 से लेकर 120 रूपए तक का खर्च आता हैं। 

क्रिएटिनिन ब्लड टेस्ट करवाते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए  ?

ब्लड सैंपल देने से 1 घंटे पहले खूब पानी पिए। कोई दवा लेते हैं तो डॉक्टर को जरूर बताएं। अगर आपको पहले कोई अन्य बीमारी है या आप कोई दवा ले रहे है तो इसकी सुचना अवश्य दे। 

क्रिएटिनिन ब्लड टेस्ट से क्या पता चलता हैं ?

क्रिएटिनिन ब्लड टेस्ट करने पर अगर क्रिएटिनिन की मात्रा सामान्य से अधिक आती है निचे दी हुई बातों का पता चलता हैं :
  1. आपकी किडनी ठीक तरह से कार्य नहीं कर रही हैं। 
  2. अगर आपको किडनी फेलियर है तो आपको दवा या डायलिसिस से इसे नियंत्रित करना चाहिए। 
  3. अगर आपका क्रिएटिनिन लेवल पहले से कम हुआ है तो इसका मतलब आपकी दवा बराबर शुरू हैं। 
  4. क्रिएटिनिन अन्य कारणों से भी बढ़ सकता हैं। जैसे :
  • शरीर में पानी की बेहद कमी / Dehydration 
  • घातक संक्रमण / Infection 
  • मांसपेशी में गंभीर चोट या जलना 
  • ब्लड प्रेशर में कमी 
  • घातक रक्तस्त्राव 
  • किसी दवा का दुष्परिणाम जैसे एंटीबायोटिक, दर्दनाशक दवा 
आजकल के व्यस्त जीवन में किडनी के रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है ऐसे में जरा सी भी शंका होने पर डॉक्टर से मिलकर जांच करा लेना उचित रहता हैं। आशा है आपको Creatinine Blood Test For Kidney Function in Hindi यह जानकारी उपयोगी लगी होंगी। कृपया इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुचाने के लिए शेयर अवश्य करे।
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