भारत में आजकल कैंसर के मरीजो की संख्या तेजी से बढ़ रही हैं। कैंसर शरीर में कई जगहों पर हो सकता हैं। अन्य प्रकार के कैंसर की तरह त्वचा का कर्करोग / Skin Cancer भी एक भयानक रोग हैं। 

शरीर में हर समय पुरानी त्वचा कोशिका की जगह नयी कोशिका निर्माण होना एक आम बात हैं। कभी-कभी जरुरत न होने पर भी यह त्वचा असमान्य रूप से विभाजित होने लगती है जिससे स्किन कैंसर हो जाता हैं। स्किन कैंसर का उपचार करना बेहद कठिन होता हैं इसलिए जरुरी है की आप इससे बचने के लिए हर संभव प्रयास करे। 

त्वचा का कर्करोग / Skin Cancer के कारण, लक्षण, प्रकार और बचने के उपाय की जानकारी निचे दी गयी हैं :

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त्वचा का कर्करोग / Skin Cancer के कारण, लक्षण, प्रकार, उपचार और बचने के उपाय

त्वचा का कर्करोग / Skin Cancer क्या हैं ?
What is Skin Cancer in Hindi Language

त्वचा की कोशिका / Cells में असामान्य वृद्धि को त्वचा का कर्करोग / Skin Cancer कहते हैं। त्वचा के कर्करोग का कारण है सामान्य पेशी में बदलाव और बिना नियंत्रण कई गुना हो जाना। इन पेशी से ट्यूमर बन जाता है। यह ट्यूमर रक्त प्रवाह से अन्य अंगों तक पहुंचा जाते हैं। यह टिश्यू को घेरने लगते है, अतिक्रमण करते हैं और जिंदा रहने के लिए ऑक्सीजन और न्यूट्रिएंट्स का भी शोषण करने लगते हैं। 

त्वचा का कर्करोग / Skin Cancer के कितने प्रकार हैं ?
Types of Skin Cancer in Hindi Language

त्वचा का कर्करोग / Skin Cancer के तीन प्रमुख कैंसर है।  
  1. आधार कोशिका कैंसर (Basal cell Carcinoma)
  2. स्क्वैमस कोशिका कैंसर (Squamous cell Cancer) 
  3. मेलेनोमा (Melenoma)

त्वचा का कर्करोग / Skin Cancer का क्या कारण हैं ?
Causes of Skin Cancer in Hindi Language

त्वचा का कर्करोग / Skin Cancer के विविध कारणों की जानकरी निचे दी गयी हैं : 
  • पराबैगनी किरणें / Ultraviolet Rays : त्वचा कैंसर का प्रमुख कारण है अल्ट्रावायलेट रेडिएशन से अत्याधिक एक्सपोज़र होना। जिन लोगों की त्वचा अधिक डार्क होती है उन्हें तुलनात्मक रुप से त्वचा कैंसर का खतरा कम है पर त्वचा कैंसर कई तरह का होता है और उनका कारण अल्ट्रा वायलेट रेडिएशन है। हर त्वचा की अपनी खासियत है हर हर त्वचा के ट्यूमर की प्रतिक्रिया अलग-अलग होती है। 
  • रोग-प्रतिकार शक्ति / Immunity : जिन लोगों की रोग प्रतिकार शक्ति कमजोर होती है उन्हें स्किन कैंसर होने का खतरा अधिक रहता हैं। एड्स के रोगी, कीमोथेरेपी और स्टेरॉयड दवा खाने वाले लोगो को त्वचा का कर्करोग / Skin Cancer होने का खतरा अधिक होता हैं। 
  • क्ष-किरणे / X-Ray या आर्सेनिक से अधिक संपर्क में आना। 
  • पैप्पीलोमा वायरस वायरस के कारण जननेंद्रिय स्क्वैमस कोशिका कैंसर हो सकता है, जिसका पुरुषों के बजाय महिलाओं के लिए खतरा ज्यादा है।
  • जिन व्यक्तियों को एक प्रकार का Skin Cancer है उन्हें अगले 2 वर्ष में दूसरे प्रकार के Skin Cancer होने का खतरा अधिक रहता हैं। 
  • त्वचा का कर्करोग से पीड़ित परिवार के सदस्य। 
  • हलकी रंग की त्वचा, बाल या आँख हैं। 
  • आपके शरीर पर खास प्रकार के या अधिक प्रमाण में मस्से हैं। 

त्वचा का कर्करोग / Skin Cancer के लक्षण क्या हैं ?Symptoms of Skin Cancer in Hindi Language

  • त्वचा का कैंसर का एक लक्षण है तिल का रूप रंग बदलना। तिल त्वचा पर होते हैं और सामान्यतः कैंसर के विकसित नहीं होते हैं। तिल कई तरह के होते हैं और एक ही व्यक्ति की त्वचा पर कई तिल हो सकते हैं। यदि कोई तील अन्य तिल से अलग दिखने लगे या उसका रंग बदलने लगे तो चिकित्सक को दिखाएं। उनका परामर्श लें। यह सही है कि हर असामान्य तिल कैंसर नहीं होता पर इस संभावना को नकारा भी नहीं जा सकता हैं। 
  • मुंह में ऐसा छाला होने जो कई दिनों तक ठीक न होना। 
  • त्वचा पर लाल रंग की चक्ति निर्माण होना जिसकी किनार अनियमित है और जिसमे दर्द नहीं होता हैं। 
  • त्वचा पर मस्सा जैसा उभार निर्माण होना। 

त्वचा का कर्करोग / Skin Cancer से बचने के लिए क्या करे ?
Skin Cancer Prevention tips in Hindi

  • अल्ट्रा वॉयलेट रेडिएशन से बचाने वाले फैब्रिक या वस्त्र पहनें। 
  • फूड फॉर ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अमेरिका के अनुसार हम कितना भी बढ़िया सनस्क्रीन लगा ले  पर अल्ट्रावायलेट रेडिएशन से वस्त्र ही बचाते हैं। यह नहीं सोछे कि आपके घर में सूर्य की रोशनी नहीं आती है तो आपके लिए त्वचा कैंसर का खतरा नहीं है।  
  • सुबह 10 से शाम को 4 के बिच तेज धुप में ना घूमे। 
  • सूर्य की तेज रोशनी हो तो खुले में ना घूमें और ना बैठे। सीधी अल्ट्रावायलेट किरणों से बचें। दोपहर के समय चाहे गर्मी कम हो अल्ट्रावायलेट किरणे आप को क्षति पहुंचा सकती है। 
  • सूर्य की तेज किरणों से बचने के लिए टोपी, फूल बाहि का शर्ट और पैंट पहने। 
  • धुप में घूमना जरुरी है तो त्वचा पर कम से कम SPF 30 या उससे ज्यादा का सनस्क्रीन जरूर लगाए। धुप में बाहर निकलने के 15 मिनिट पहले से ही सनस्क्रीन लगाना चाहिए। 
  • ऑक्युलर  स्किन कैंसर की शुरुआत आँख से होती है। यह कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। सूर्य की रोशनी में खुले में बाहर निकले तो सनग्लासेस अवश्य लगाएं। 
  • त्वचा पर कोई भी विकृत चकता नजर आये तो त्वचा रोग विशेषज्ञ की राय अवश्य लेना चाहिए। 
  • विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में लेना चाहिए। इससे त्वचा के कर्करोग होने की आशंका कम होती हैं। 
  • ग्रीन टी, टमाटर, अंगूर, आवला जैसे पदार्थ जिनमे फ्लावनोईड अधिक है उनका सेवन करे। यह कर्करोग से सुरक्षा देते हैं। 
  • त्वचा पर नारियल तेल या बदाम के तेल से मालिश करे। इनमे प्राकृतिक SPF होता हैं। 
  • सुबह शाम दूध के साथ हल्दी मिलाकर पिए। यह कैंसर विरोधी हैं। 
  • फ़ास्ट फ़ूड और अधिक केमिकल युक्त आहार पदार्थ का सेवन ना करे। 
त्वचा का कर्करोग / Skin Cancer से बचाव ही इसका सबसे अच्छा उपाय हैं। शरीर पर त्वचा में कोई विशेष बदलाव या संदेह होने पर अपने डॉक्टर की तुरंत राय अवश्य लेना चाहिए। 
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