विष्वभर में महिलाओं में स्तन का कर्करोग / ब्रैस्ट कैंसर (Breast Cancer) के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा हैं। आधुनिक युग की बिगड़ी जीवनशैली और लापरवाही के चलते इसका खतरा महिलाओं में बढ़ रहा हैं। समय पर जांच और उपचार में देरी होने से कैंसर स्तन से शरीर के अन्य भाग में फैलने से रोगी की स्तिथि गंभीर हो सकती हैं।

यह सच है की ब्रैस्ट कैंसर का रोकथाम पूरी तरह से महिलाओं के हाथ में नहीं हैं फिर भी कुछ विशेष एहतियात बरतकर और मुलभुत जानकारी से परिचित होकर महिलाए इस खतरे की संभावना को कम कर सकती हैं। अगर शुरूआती दौर में ही इस समस्या का निदान हो जाये तो तुरंत उपचार कर इसे फैलने से रोका जा सकता हैं।

Breast Cancer के बचाव और उपचार की जानकारी निचे दी गयी हैं :

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ब्रैस्ट कैंसर से बचने के लिए क्या एहतियात बरतने चाहिए ?

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ब्रैस्ट कैंसर से बचने के लिए क्या सावधानी और एहतियात बरतने चाहिए इसकी जानकारी निचे दी गयी हैं :
  • स्तन परिक्षण / Breast Examination : समय-समय पर अपने स्तन की जांच खुद करे या साल में एक बार किसी अनुभवी महिला रोग विशेषज्ञ से अपनी जांच कराये। अगर स्तन में किसी प्रकार की गाँठ या दर्द का अनुभव होता है तो तुरंत अपने डॉक्टर से मिले। अगर आपके परिवार में माँ, मौसी या अन्य किसी को पहले स्तन कैंसर हुआ है तो यह आपको होने की संभावना भी अधिक रहती है। इसलिए 30 वर्ष के आयु के पश्च्यात हर वर्ष अपने महिला डॉक्टर से जांच कराये और 40 वर्ष के पश्च्यात हर वर्ष मैमोग्राफी भी अवश्य कराये।  
  • गर्भनिरोधक (हॉर्मोन) गोलीया / Hormone Tablets : कुछ महिलाए लम्बे समय तक बिना डॉक्टर की सलाह लिए गर्भनिरोधक या हॉर्मोन रिप्लेसमेंट गोलिया लेते रहती हैं। इन गोलियों का ऐसे इस्तेमाल करने से मोटापा और स्तन कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता हैं। महिलाए ऐसी दवा का अपने डॉक्टर की सलाह से कम उपयोग कर ब्रैस्ट कैंसर के खतरे को कम कर सकती हैं। 
  • स्तनपान / Breastfeeding : आजकल की कामकाजी महिलाए डिलीवरी के बाद बच्चे को केवल 6 महीने ही स्तनपान कराती है। बच्चों को कम से कम 1 वर्ष के आयु तक स्तनपान अवश्य कराना चाहिए। यह बच्चों के स्वास्थ्य के लिए और माँ के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद आवश्यक हैं। स्तनपान कराने से महिलाओं में होरमोंस नियंत्रित रहते है और स्तन के कैंसर का खतरा भी कम हो जाता हैं। 
  • गर्भावस्था / Pregnancy : आजकल महिलाओ की शादी देरी से हो रही है और शादी के बाद भी बच्चे के लिए महिलाए देरी से प्लानिंग करती हैं। अधिक उम्र में गर्भवती होने से महिलों में होरमोंस में गड़बड़ी आ जाती है जिससे गर्भपात और कैंसर का खतरा बढ़ जाता हैं। महिलाओं के लिए सही वक्त पर शादी करना और माँ बनना स्वास्थ्य के दृष्टी से बेहद जरुरी हैं। 
  • नशा / Habits : भारत में महिलाओं में सिगरेट, शराब और तम्बाखू जैसे नशीली चीजो के सेवन का प्रमाण ऐसे तो कम है पर कुछ बेहद गरीब और कुछ बेहद अमीर घर की महिलाओ में ऐसे नशे की आदत देखी गयी हैं। ऐसे सभी नशीली चीजों से महिलाओं से दूर रहना बेहद जरुरी हैं। 
  • आहार / Diet : महिलाओं ने समतोल पौष्टिक आहार लेना चाहिए जिससे उन्हें सभी पौष्टिक तत्व पर्याप्त मात्रा में मिले और उनमे मोटापे की समस्या भी निर्माण न हो सके। बाजार में मिलने वाले अधिक तीखे, तले हुए और केमिकल युक्त फास्टफूड का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा आहार करने से कैंसर का खतरा बढ़ जाता हैं। 
  • योग / Yoga : शरीर को स्वस्थ और निरोगी रखने के लिए अनुलोम-विलोम, कपालभाती, सूर्यनमस्कार, पश्चिमोत्तानासन, त्रिकोणासन, मयूरासन जैसे योग रोज करने चाहिए। इनसे शरीर की रोग-प्रतिकार शक्ति बढती है जो की शरीर में हर रोज निर्माण होनेवाले सूक्ष्म कैंसर कारक पेशी का खात्मा कर देते हैं। 

Breast Cancer का उपचार कैसे किया जाता हैं ?

Treatment and Remedies of Breast Cancer in Hindi

स्तन कैंसर होने पर उसकी तीव्रता और प्रकार के अनुसार दवा, रेडियो थेरेपी, कीमोथेरेपी और सर्जरी कर उपचार किया जाता हैं।
  • दवा / Medicine : अगर गाँठ सामान्य है तो डॉक्टर विटामिन इ की दवा देते हैं। मासिक के दौरान भी कुछ गाठे उभरती है जो मासिक के साथ खत्म हो जाती हैं। इसके लिए डॉक्टर प्राइमरोज आयल और विटामिन इ देते हैं। दवा हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही लेना चाहिए।  
  • शल्य कर्म / Surgery : आजकल सर्जरी में पुरे स्तन को नहीं हटाया जाता हैं। सर्जरी में केवल स्तन के पीड़ित हिस्से को ही निकाला जाता हैं। सर्जरी कराने के 2 से 3 हफ्ते बाद स्त्री अपने सामान्य जीवन में वापस आ सकती हैं। 
  • विकिरण / Radiation : अब रेडिएशन उपचार भी काफी प्रगत हो चूका हैं। रेडिएशन से अब शरीर में विषैले तत्व कम तैयार होते हैं और ठीक होने में समय भी कम लगता हैं। ब्रैस्ट कैंसर में ऑपरेशन या कीमोथेरेपी के बाद बचे हुए कैंसर के सेल्स का खात्मा करने के लिए रेडिएशन दिया जाता हैं। ऑपरेशन और कीमोथेरेपी के एक महीन बाद रेडिएशन किया जाता हैं। रेडिएशन कुछ मिनटों तक ही दिया जाता है और 3 से लेकर 6 हफ़्तों तक 1 सप्ताह में 2 से 3 बार दिया जाता हैं।  
  • औषधि चिकित्सा / Chemotherapy : अगर कैंसर दुबारा होने की या शरीर में फैलने की संभावना है तो रोगी को किमोथेरेपी दिया जाता हैं। इसमें भी अब काफी सुरक्षित दवा का निर्माण किया जा चूका हैं।किमोथेरेपी से रोगी को ठीक करने में 2 महीने तक का समय लग सकता हैं। इसके बाद रेडिएशन की जरुरत पड़ती है तो 2 महीने और लगते हैं। 
जिस महिला को किमोथेरेपी, रेडिएशन और सर्जरी 3 की जरुरत पड़ती है वह 6 से 9 महीने में ठीक हो सकती हैं।
स्तन कैंसर भी दूसरी बिमारियों की तरह है जिसका इलाज संभव हैं। इसलिए डरने की जरुरत या इलाज से दूर भागकर जादू-टोने का सहारा लेने की जरुरत नहीं हैं।      

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