आज दुनिया में भारत सबसे युवा देश है। भारत की लगभग 65% जनसँख्या की उम्र 35 या उससे कम हैं। भारत इतना युवा देश होने के बाद सबसे स्वस्थ देश होना चाहिए था पर असल में तस्वीर कुछ और ही हैं। युवाओं में बढ़ने वाला तनाव और मोटापे की समस्या के कारण 20 से 25 वर्ष के आयु में ही डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्या निर्माण हो रही हैं। 

आज इस लेख में हम उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) से जुड़े कुछ अहम सवालों के जवाब दे रहे हैं। 
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1. उच्च रक्तचाप या High Blood Pressure / Hypertension किसे कहते हैं ?

हमारे शरीर में रक्त, रक्त नलिकाओं में बहते समय रक्त नलिकाओं के दिवार पर जो दबाव निर्माण करता है उसे रक्तचाप या ब्लड प्रेशर कहा जाता हैं। सामान्यतः एक युवा स्वस्थ व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg रहता हैं। अगर यह दबाव लगातार 140/90 mmHg या उससे अधिक रहता है तो उसे उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेशर कहा जाता हैं। समय पर हाई ब्लड प्रेशर का ईलाज न कराने से इस कारण ह्रदय रोग, स्ट्रोक और किडनी रोग जैसे गंभीर दुष्परिणाम हो सकते हैं।

2. ब्लड प्रेशर हमेशा दो अंकों में क्यों लिखा जाता हैं ? उनका क्या मतलब होता हैं ?

ब्लड प्रेशर की जांच करते समय दो घटनाये महत्वपूर्ण होती है और उन्ही दो घटनाओ के समय के दबाव को ब्लड प्रेशर में लिखे जाता हैं।
  1. Systolic Blood Pressure : इसे सामान्य भाषा में ऊपर का रक्तचाप कहा जाता हैं। जब आपका ह्रदय धड़कता है तब रक्तनलिका में कितना दबाव निर्माण होता है यह इससे पता चलता हैं। 
  2. Diastolic Blood Pressure : इसे सामान्य भाषा में निचे का रक्तचाप कहा जाता हैं। जब आपका ह्रदय / दिल / Heart धड़कने के बाद शिथिल / relax होता है तब रक्तनलिकाओं में कितना दबाव रहता है यह इससे पता चलता हैं। 
3. डॉक्टर के पास जाकर या घर पर ब्लड प्रेशर की जांच करते समय ब्लड प्रेशर सही आने के लिए मैंने किन बातों का ख्याल रखना चाहिए ?

ब्लड प्रेशर की जांच करना यह एक बेहद आसान और दर्दरहित प्रक्रिया है। आपका ब्लड प्रेशर सही तरह से मापा जाये इसके लिए आपने कुछ बातों का ख्याल रखना जरुरी हैं। 
  • ब्लड प्रेशर की जांच करने से 30 मिनिट पहले तक कॉफी और धूम्रपान का सेवन न करे। 
  • ब्लड प्रेशर गिनने के पहले अगर पेशाब लगी हो तो पेशाब करने के बाद ब्लड प्रेशर की जांच करे। अन्यथा ब्लड प्रेशर ज्यादा भी आ सकता हैं। 
  • 5 मिनिट शांत बैठने के बाद ही ब्लड प्रेशर की जांच करे।  
  • ब्लड प्रेशर गिनते समय किसी प्रकार के तनाव या चिंता में न रहे। अक्सर कुछ व्यक्तिओ का ब्लड प्रेशर डॉक्टर के केबिन में जाने के बाद बढ़ जाता हैं। 
  • हमेशा 3 बार ब्लड प्रेशर की जांच करे और उनका औसत निकाले। 
  • अगर एक हाथ में ब्लड प्रेशर सामान्य आता है तो दूसरे हाथ में भी ब्लड प्रेशर गिने और जिस हाथ में अधिक ब्लड प्रेशर आता है उस हाथ में ही आगे से ब्लड प्रेशर की जांच करे। 
  • अगर आपको कोई दवा शुरू है तो उसकी जानकारी डॉक्टर को देना चाहिए। ऐसी कुछ दवाए है जिनको लेने से ब्लड प्रेशर बढ़ने की संभावना रहती हैं। 
  • ब्लड प्रेशर की जांच होने के बाद उसको अपने पास किसी कार्ड या किताब में तारीख, समय और स्तिथि (खड़े, लेटकर या बैठकर) के साथ लिखकर रिकॉर्ड बनाना चाहिए। 
4. क्या मुझे हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी हो सकती हैं ?

उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी किसी भी व्यक्ति को हो सकती हैं। कुछ ऐसी बातें है जिनकी वजह से हाई ब्लड प्रेशर होने की संभावना अधिक होती है, जैसे की -
  1. मोटापा 
  2. अधिक नमक या सोडियम युक्त आहार का सेवन करना 
  3. फल और सब्जियों से मिलनेवाला पोटैशियम का कम सेवन करना 
  4. व्यायाम का अभाव या आलस्य 
  5. अधिक शराब पीना या धूम्रपान करना 
  6. मधुमेह होना 
  7. आपके घर में किसी को हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी होना 
5. मैं अपने ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में कैसे रख सकता हूँ ?

अगर आपका ब्लड प्रेशर बेहद ज्यादा है तो उसे नियंत्रण में लाने के लिए डॉक्टर आवश्यकता अनुसार अलग-अलग दवा का इस्तेमाल करते हैं। दवा के साथ आप आहार, व्यायाम और योग की मदत से अपने ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रख सकते हैं। 
  • अपने वजन को नियंत्रण में रखे। 
  • रोजाना अपने क्षमतानुसार व्यायाम करे। 
  • योग विशेषज्ञ की सलाहनुसार योग और प्राणायाम करे। 
  • समतोल आहार ले। आहार में नमक और सोडियम युक्त पदार्थों का प्रमाण अल्प रखे। 
  • शराब और धूम्रपान न करे। 
  • अगर आप मधुमेह के रोगी है तो अपनी ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखे। 
  • अधिक समय तक बैठे न रहे और क्रियाशील रहे। 
  • डॉक्टर की दी हुई दवा समय पर लेते रहे। 
6. कौन सा ब्लड प्रेशर खतरनाक होता हैं ?

Systolic Blood Pressure (ऊपर का) और Diastolic Blood Pressure (निचे का) यह दोनों ही ब्लड प्रेशर का बढ़ना समान रूप से खतरनाक होते हैं। यह धारणा गलत है की केवल Diastolic Blood Pressure (निचे का) ही खतरनाक होता हैं। विशेष कर 50 वर्ष के ऊपर के व्यक्तिओं में Systolic Blood Pressure (ऊपर का) अधिक महत्वपूर्ण होता हैं। 

7. मेरा ब्लड प्रेशर बढ़ने पर मुझे क्या लक्षण नजर आ सकते हैं ?

ब्लड प्रेशर बढ़ने के कोई विशेष लक्षण नहीं होते हैं और इसीलिए इसे शांत कातिल या Silent Killer भी कहा जाता हैं। ब्लड प्रेशर बढ़ने से न तो चक्कर आते, न सरदर्द होता है और ना ही नाक से खून निकलता हैं। ब्लड प्रेशर बढ़ने पर कोई विशेष लक्षण नजर नहीं आता है इसलिए कोई तकलीफ न होने पर भी वर्ष में एक बार अपने डॉक्टर के पास जाकर अपना ब्लड प्रेशर की जांच अवश्य करना चाहिए। अगर आपको ब्लड प्रेशर की बीमारी है तो डॉक्टर की सलाहनुसार दिए हुए समय पर नियमित जांच करते रहना चाहिए। 

8. हाई ब्लड प्रेशर के क्या दुष्परिणाम हैं ?

लंबे समय तक ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में न रखने पर शरीर पर निचे दिए हुए गंभीर परिणाम हो सकते हैं :
  1. रक्तनलिका में चर्बी जमना / Artherosclerosis : किसी प्रकार का कोई परिश्रम या व्यायाम न करना और साथ ही अधिक चर्बी युक्त आहार का सेवन करने से रक्त नलिकाओं में खून का थक्का या चर्बी जमना शुरू हो जाता हैं। हाई ब्लड प्रेशर के दबाव के कारण यह समस्या अधिक गंभीर हो जाती हैं। 
  2. ह्रदय रोग / Heart Disease : उच्च रक्तचाप के कारण ह्रदय कमजोर होना (Heart Failure), ह्रदय को पर्याप्त रक्त न मिलना (Ischemic Heart Disease) और ह्रदय का आकार बढ़ना जैसे गंभीर विकार निर्माण होने का खतरा रहता हैं। 
  3. गुर्दे के रोग / Kidney Disease : हाई ब्लड प्रेशर के कारण किडनी के अंदर की सूक्ष्म रक्त नलिकाए और रक्त को अशुद्धता साफ़ करनेवाले फ़िल्टर में खराबी आने से गंभीर किडनी विकार निर्माण हो सकते हैं। 
  4. आघात / Stroke : हाई ब्लड प्रेशर के कारण दिमाग के रक्त नलिकाओं में रक्त का थक्का ज़मने से दिमाग की किसी हिस्से को रक्त न मिलने से या उच्च ब्लड प्रेशर के दबाव से कोई रक्त नलिका के फटने से होनेवाले रक्तस्त्राव के कारण आघात / Brain stroke जैसे गंभीर स्तिथि निर्माण हो सकती हैं। 
  5. आँखों की समस्या / Eye Disease : हाई ब्लड प्रेशर के दबाव के कारन आँखों में रेटिना की सूक्ष्म रक्तवाहिनी को क्षति पहुचने से आँखों की रौशनी भी जा सकती हैं। 
9. हाई ब्लड प्रेशर होने पर मुझे किस तरह का आहार लेना चाहिए ?

हाई ब्लड प्रेशर होने पर डॉक्टर आपको DASH आहार लेने की सलाह देते हैं। DASH का मतलब होता हैं Dietary Approach to Stop Hypertension यानि ऐसा आहार लेना जिससे की उच्च रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सके। DASH में इन बातों का महत्व होता हैं :
  1. आहार में फल, हरी पत्तेदार सब्जियों और कम फैट युक्त दुग्धजन्य आहार का अधिक समावेश करना। 
  2. आहार में अधिक saturated fat और cholesterol वाले पदार्थों का कम उपयोग करना।  
  3. आहार में साबुत अनाज का अधिक उपयोग करना। 
  4. मिठाई और लाल मांस का कम प्रयोग करना। 
  5. आहार में मैग्नीशियम, पोटैशियम और कैल्शियम युक्त आहार का अधिक समावेश करना। 
  6. सोडियम युक्त आहार का कम समावेश करना। 
10. मेरा ब्लड प्रेशर अब सामान्य हो गया है। क्या मैं अब दवा लेना बंद कर सकता हूँ। 

हाई ब्लड प्रेशर के ज्यादातर मरीज यही गलती करते हैं। जिस तरह डायबिटीज के रोगियों में दवा लेकर ब्लड शुगर नियंत्रण में आने पर भी दवा लेना जरुरी होता है ठीक उसी तरह ब्लड प्रेशर नियंत्रण में आने पर भी दवा लेना जरुरी होता हैं। जब आप कोई दवा लेते हैं तो उस दवा के प्रकार के अनुसार उस दवा का असर रक्त में 12 से लेकर 72 घंटों तक रहता हैं, इसलिए कई बार दवा न लेने के बाद भी ब्लड प्रेशर के रोगियों में ब्लड प्रेशर सामान्य आ सकता हैं। कभी भी अपने मन से दवा बंद नहीं करनी चाहिए। आपकी दवा की मात्रा बढ़ाना, कम करना या बंद करने का फैसला डॉक्टर ही ले सकते हैं। अचानक दवा बंद करने के कारण कुछ समय बाद ब्लड प्रेशर काफी ज्यादा बढ़ने से दिमाग की छोटी नस फटने से लकवा भी हो सकता हैं। 

हमने यहाँ पर  हाई ब्लड प्रेशर को लेकर आपके मन में उठ रहे ज्यादा से ज्यादा प्रश्नों का आसान भाषा में जवाब देने कोशिश की है। ब्लड प्रेशर से जुडी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी पढ़ने के लिए यहाँ click करे - हाई ब्लड प्रेशर का कारण, लक्षण और उपचार।
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