भारत में वर्षों से छांछ / Buttermilk का उपयोग आहार में स्वाद बढ़ाने के लिए और औषधी के रूप में किया जाता रहा हैं। यह भी कहा गया है की इसका उपयोग नियमित रूप से करने पर हम पेट और पाचन संबंधी विकारों से बच सकते हैं। छांछ को दूध और दही से भी ज्यादा स्वादिष्ट, पौष्टिक और लाभकारी माना जाता हैं। इसमें दूध और दही से भी ज्यादा Calcium पाया जाता है जो शरीर को सदृढ़ बनाता हैं। गर्मियों में इसका सेवन विशेष लाभकर होता हैं।

दही को मथ कर और उसमे स्वादानुसार कुछ मसाले मिलाकर छांछ को बनाया जाता हैं। छांछ बनाने के लिए हमेशा ताजे दही का इस्तेमाल करना चाहिए। छांछ के विभिन्न स्वास्थ्य लाभ की जानकारी निचे दी गयी हैं :

Health benefits of Buttermilk in Hindi
  • पाचक / Digestive : छांछ को भोजन के साथ लेने से पाचन अच्छे से होता हैं। यह आसानी से पचने वाला पेय हैं। भोजन के साथ छांछ लेने से अपचन, अम्लपित्त और कब्ज जैसी समस्या नहीं होती हैं। 
  • रक्तचाप / Blood Pressure : एक अध्ययन में यह पता चला है की रोजाना भोजन करते समय छांछ का सेवन करने से Blood pressure को नियंत्रित करने में मदद मिलती हैं। ध्यान रहे की छांछ में अधिक नमक नहीं मिलाना चाहिए। छांछ में एक विशेष प्रोटीन होता है को कोलेस्ट्रोल की अधिक मात्रा को कम करता हैं। 
  • कैल्शियम / Calcium : छांछ में Calcium का प्रमाण अधिक होने के कारण इसे नियमित सेवन करने से हड्डियां मजबूत बनती हैं।  
  • अम्लपित्त / Acidity : आधुनिक जीवनशैली और खान-पान की वजह से आजकल एसिडिटी की समस्या अधिक पायी जाती हैं। छांछ लेने से पाचन अच्छे से होता है और एसिडिटी नहीं होती है। 
  • पानी की कमी / Dehydration : गर्मी के कारण या जुलाब लगने से शरीर में पानी की कमी होने पर आप छांछ का सेवन कर सकते हैं। इससे पानी की कमी के साथ पौष्टिकता भी प्राप्त होती हैं। 
  • विटामिन / Vitamins : छांछ में लगभग सभी Vitamins जैसे Vitamin A, C, E, B और K पाया जाता हैं। इससे शारीरिक दुर्बलता कम होती हैं। 
  • रोग प्रतिकार शक्ति / Immunity : छांछ में शरीर के लिए आवश्यक Bacteria और लैक्टोस होता है जिससे रोग प्रतिकार शक्ति बढ़ती हैं।  
  • मोटापा / Obesity : जो लोग अपना वजन कम करने के लिए कम आहार ले रहे है उनके लिए छांछ वरदान समान हैं। इसमें Fats और Calories कम होते है और यह पौष्टिक भी होता हैं। बाजार में मिलने वाले high calories वाले शीत पेय पिने की जगह छांछ एक बेहतर विकल्प हैं।  
  • आँखे / Eyes : आँखों में जलन या आँखों की रौशनी बढ़ाने के लिए भी आप छांछ का नियमित सेवन कर सकते हैं। 
  • पीलिया / Hepatitis : आयुर्वेद के अनुसार आप पीलिया में एक कप छांछ में 10gm हल्दी मिलाकर दिन में 3 बार पिने से लाभ होता हैं। 
छांछ के नियमित सेवन करते रहने से बवासीर, मूत्र विकार, प्यास लगना, कब्ज, एसिडिटी, पित्त विकार और त्वचा रोग संबंधी विकार में बहुत फायदा होता हैं।

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