चिकनगुनिया / Chikungunya, यह मच्छर के काटने से फैलनेवाला एक बेहद पीड़ादायक संक्रामक रोग हैं। 2006 में भारत के कई राज्यों में चिकनगुनिया ज्वर का आतंक फ़ैल गया था। चिकनगुनिया यह एक अफ़्रीकी शब्द है जिसका मतलब होता हैं हड्डी टूटने जैसा दर्द ! जोड़ों को पीड़ा से निष्क्रिय बना देना वाला यह रोग एक सप्ताह में ही रोगी व्यक्ति को इतना कमजोर कर देता है की वह किसी कार्य करने में असमर्थ हो जाता हैं।

चिकनगुनिया का कारण, लक्षण, फैलाव और चिकित्सा की जानकारी निचे लेख में दी गयी हैं :

Chikungunya-causes-symptoms-treatment-Hindi
चिकनगुनिया कैसे होता हैं ?

चिकनगुनिया का फैलाव चिकनगुनिया Virus से संक्रमित Aedes aegypti मच्छर के काटने से होता हैं। चिकनगुनिया फैलाने वाला यह मच्छर जब किसी संक्रमित व्यक्ति या बंदर को काटता है तो उसकी लार में यह वायरस पहुंच जाता हैं। फिर यह संग्राहक मच्छर जब किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है तो वह व्यक्ति भी इस रोग का शिकार बन जाता हैं। एक बार इस रोग से पीड़ित होने पर अगले 7 से 10 दिन तक व्यक्ति सक्रामक अर्थात रोग फैलाने की क्षमता रखता हैं।

चिकनगुनिया के लक्षण क्या हैं ?

मच्छर काटने के 2 से 7 दिनों के बाद चिकनगुनिया के लक्षण नजर आते हैं। चिकनगुनिया के लक्षण इस प्रकार हैं :
  1. ठण्ड लगकर तेज बुखार आना
  2. सिरदर्द 
  3. मांसपेशियों में दर्द 
  4. जोड़ो में तेज दर्द  
  5. जोड़ों में सूजन और विकृति 
  6. जी मचलना 
  7. भूक कम लगना 
  8. कमजोरी आना 
  9. प्रकाश सहन न होना / Photo phobia
  10. शरीर पर चकते निकलना 
ज्यादातर मरीजों में शरीर में दर्द और जोड़ों में सूजन-दर्द की तकलीफ 7 से 10 दिनों तक बनी रहती हैं। वृद्ध आयु के मरीजों में यह लक्षण महीने भर तक रह सकते हैं।

चिकनगुनिया का निदान / Diagnosis कैसे किया जाता हैं ?

चिकनगुनिया का निदान करने के लिए निचे दी हुई जांच की जाती हैं :
  1. Complete Blood Count (CBC) Test : इस रक्त परिक्षण में सफेद रक्त कण (White Blood Cells) और Platelet Count में कमी आने पर चिकनगुनिया होने की आशंका होती हैं। 
  2. Reverse Transcriptase - Polymerase Chain Reaction (RT-PCR) Test : इस रक्त जांच में चिकनगुनिया के Gene की जांच की जाती हैं। 
  3. Virus Isolation : संक्रमण के शुरुआत के दिनों में रक्त से चिकनगुनिया के वायरस को अलग कर परिक्षण करने के लिए यह जांच की जाती हैं। 
  4. Enzyme-Linked Immunosorbent assays (ELISA) Test : इस रक्त जांच में चिकनगुनिया के antibodies रक्त में है या नहीं यह जांच की जाती हैं। पीड़ित व्यक्ति को डेंगू है या चिकनगुनिया यह इस जांच से पता चल जाता हैं। 
चिकनगुनिया का उपचार / Treatment कैसे किया जाता हैं ?

चिकनगुनिया के उपचार की जानकारी निचे दी गयी हैं :
  • चिकनगुनिया के विषाणु शरीर के अंदर नष्ट करने के लिए कोई विशेष दवा या वैक्सीन अभी तक उपलब्ध नहीं हैं। 
  • डॉक्टर चिकनगुनिया का उपचार करने के लिए लाक्षणिक दवा / Symptomatic Treatment देते हैं। 
  • डॉक्टर जोड़ो एवं अन्य दर्द के लिए दर्दनाशक दवा देते हैं। 
  • बुखार आने पर बुखार कम करने के लिए पेरासिटामोल दवा दी जाती हैं। 
  • चिकनगुनिया में रोगो को बहोत आराम करना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में आहार और पेय पदार्थ लेना चाहिए। 
  • ऐसे तो ज्यादातर मरीज घर पर दवा लेकर और आराम कर ठीक हो सकते है पर लक्षणों में वृद्धि होने पर अस्पताल में दाखिल होना पड़ता हैं। 
  • चिकनगुनिया के लक्षण नजर आने पर मेडिकल से दवा लेने की जगह डॉक्टर की सलाह अनुसार उचित मात्रा में ही दवा लेनी चाहिए। 
चिकनगुनिया से बचाव करने के लिए क्या एहतियात बरतने चाहिए ?

चिकनगुनिया मच्छर के काटने से फैलता है और इसलिए चिकनगुनिया से बचने के लिए निचे दिए हुए एहतियात बरतने चाहिए :
  • घर के अन्दर और आस-पास पानी जमा न होने दे। कोई भी बर्तन में खुले में पानी न जमने दे। 
  • बर्तन को खाली कर रखे या उसे उलटा कर कर रख दे। 
  • अगर आप किसी बर्तन, ड्रम या बाल्टी में पानी जमा कर रखते है तो उसे ढक कर रखे। 
  • अगर किसी चीज में हमेशा पानी जमा कर रखते है तो पहले उसे साबुन और पानी से अच्छे से धो लेना चाहिए, जिससे मच्छर के अंडे को हटाया जा सके।  
  • घर में कीटनाशक का छिडकाव करे। 
  • कूलर का काम न होने पर उसमे जमा पानी निकालकर सुखा कर दे। जरुरत होने पर कूलर का पानी रोज नियमित बदलते रहे। 
  • किसी भी खुली जगह में जैसे की गड्डो में, गमले में या कचरे में पानी जमा न होने दे। अगर पानी जमा है तो उसमे मिटटी डाल दे। 
  • खिड़की और दरवाजे में जाली लगाकर रखे। शाम होने से पहले दरवाजे बंद कर दे। 
  • ऐसे कपडे पहने जो पुरे शरीर को ढक सके। 
  • रात को सोते वक्त मच्छरदानी लगाकर सोए। 
  • अन्य मच्छर विरोधी उपकरणों का इस्तेमाल करे जैसे की electric mosquito bat, repellent cream, sprays etc. 
  • अगर बच्चे खुले में खेलने जाते है तो उने शरीर पर mosquito repellent cream लगाए और पुर शरीर ढके ऐसे कपडे पहनाए। 
  • अपने आस-पास के लोगो को भी मच्छर को फैलने से रोकने के लिए प्रोत्साहित करे। 
  • अपने आस-पास में अगर कोई Dengue Fever, Malaria या चिकनगुनिया के मरीज का पता चलता है तो इसकी जानकारी स्वास्थय विभाग एवं नगर निगम को दे, जिससे तुरंत मच्छर विरोधी उपाय योजना की जा सके।
  • गप्पी मछलियाँ मच्छर के लार्वा को खा जाती है इसलिए घरों के आस-पास जलाशय या बड़े गड्डे हो तो मलेरिया विभाग की मदद से इन मछलियों को जलाशयों में डलवाया जा सकता हैं। 
इस तरह साफ़-सफाई और बचाव के पर्याप्त तरीके अपनाकर मच्छर-जनित चिकनगुनिया और अन्य संक्रामक बुखारों पर भी नियंत्रण पाया जा सकता हैं।

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  1. Mera bukhar to 4 din me thik ho Gaya but sare sarir me Dard hai or gale me pata n aisa lag r hai kuch atka hua hai jiski wajah se kuch b khaya Piya n ja r hai pani b kadwa lag r hai

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    1. अंशुल जी,
      कृपया डॉ से मिले और चेकअप कराये. गले में तकलीफ एसिडिटी या गले में सुजन आने से हो सकती हैं.

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  2. mujhe bukhar hue 15 din ho gye jor se thand lg rha tha bukhar me aur 2-3 din me thik ho gya. lekin abhi 3-4 din se jodo me dard ho rha h. dono ghutno me aur haath ki kalaai me.aur gahri saas lene pr seene me bhi ho rha h. aur koi problem nhi h. kya ye chikungunya ke symptoms hain??mujhe kya krna chahiye??

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    1. कई वायरल बुखार में ऐसे लक्षण नजर आते है. बेहतर होंगा आप डॉक्टर से अपनी जांच और उपचार कराये.

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  3. Sir every doctor is giving same medicines for viral. If someone get fever in midnight then can give him these medicine.
    Please tell/guide me about that condition.

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    1. I am sorry but I cannot advice any medicine online. You can ask your doctor about keeping any emergency safe drug at home for fever.

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  4. Hiii doctor, mujhe ek month pehle poore body k jodon m dard or bukhaar hua tha or face par kuch daane ho gaye the doctor ne test likha tha par meri reports normal thi. Uske baad sab theek hua lekin dobara 1 week pehle fir se jodon m bahot dard hone laga h par fever nai h. Aisa q ho raha h. Ek doctor ne bola ki ye dard apne aap khatm ho jaayega iski koi medicine nai h. But this pain is unbearable..... M kya karun doctor?

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    1. कृपया आप किसी हड्डी के डॉक्टर को बताकर अपनी जांच कराये. वायरल फीवर में ऐसा होना मुमकिन हैं पर बार-बार तकलीफ है तो आर्थराइटिस से जुडी तकलीफ तो नहीं यह चेक करा लीजिये.

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  5. Sir mujhe 4 din se fever Ho rha h but mujhe ab sabhi jodo me dard Ho rha h aur ab poori body me khujli bhi Ho rhi h please koi solution batao sir

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    1. देवेन्द्रजी
      कृपया डॉक्टर को दिखाकर अपनी ब्लड टेस्ट कराये

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  6. Sir 3din se fever h medicine leta hu to fever control ho jata h lekin 6-7 hours baar fir aajata h siir mai bhi dard ho raha h aur body pain bhi ho raha aaj to kalayon mai bhi thoda thoda dard ho raha kia ye chickenguniya ke laxhan h???

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    1. सत्यमजी
      यह चिकुनगुनिया भी हो सकता है या अन्य सामान्य वायरल इन्फेक्शन भी हो सकता है. कृपया डॉक्टर से मिलकर अपनी जांच कराये.

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  7. sir actually i just relaxed from fever before 3 days .but today i just reallise that there are so much pain in my joints like in my foots and my fingers .there are no headache and there are some type of spots in my blood ..so can you please tell what i have to do

    Kushagra
    9058869951
    Ghaziabad

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    1. कुशाग्रजी,

      आपने दी हुई जानकारी से लगता है की आपको कोई वायरल इन्फेक्शन हुआ हैं. कृपया डॉक्टर से मिले और उपचार कराये.

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