सांस की नली में कुछ अटक जाने को Choking कहते हैं। हमारे गले में भोजन और सांस की नली समांतर होती हैं। जब हम कोई खाना खाते है तब भोजन अन्ननलिका (Esophagus) की जगह श्वसनलिका (Trachea) में नहीं जाने के लिए एपिग्लॉटिस (Epiglottis) नामक कैप श्वसन नलिको ढक देता हैं। कभी-कभी किसी दुर्घटनावश या हड़बड़ाहट में खाने से अन्न का कोई टुकड़ा सांस की नली में फंस जाता है और परिणाम होता है Choking !

Choking यह एक तरह से दम घुटने या सांस न ले पाने जैसी स्तिथि होती हैं और कभी-कभी खास कर बच्चों में जानलेवा होती हैं। Choking हो जाने पर हम तुरंत प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) कर किसी के प्राण बचा सकते हैं।

Choking में किये जानेवाली प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी निचे दी गयी हैं :

Choking के लक्षण
  1. दम घटना 
  2. सांस लेने में तकलीफ होना 
  3. सांस लेते समय जोर-जोर से आवाज करना 
  4. बोल न पाना 
  5. नाख़ून, जुबान या उंगलियां नीली पड़ जाना 
Choking प्राथमिक चिकित्सा : वयस्कों में / Choking First-Aid : Adults  

Choking First Aid technique in Hindi.
  • पीड़ित व्यक्ति से पूछे की क्या उसके गले में कुछ अटक गया हैं।
  • अगर पीड़ित इशारों में हामी भरे या दबी हुई आवाज में हामी भरे और अगर पीड़ित खांस रहा है तो उसे और जोर से खांसने के लिए कहे। 
  • अगर पीड़ित खाँसना बंद करे या नहीं खांस रहा है तो तुरंत उसके पीछे जाये। 
  • पीड़ित के पीछे जाकर अपने दाए हाथ की मुट्ठी बनाकर उसके नाभि से थोड़ा ऊपर रखे। अब बाए हाथ को मुट्ठी के ऊपर रखते हुए घेरा बना ले। 
  • पीड़ित को आगे की तरफ थोड़ा झुकने को कहे। 
  • अब नाभि और छाती के बीच तेजी से कसाव देते हुए अंदर और ऊपर की ओर झटका दे। इसे Abdominal thrust या Heimlich Maneuver भी कहा जाता हैं। 
  • अब पीड़ित के श्वसन नली से अवरोध दूर हुआ या नहीं यह देखे। अवरोध दूर न होने की स्तिथि में फिरसे Abdominal thrust देना चाहिए। 3 बार यह क्रिया करने पर भी कोई लाभ न होने पर तुरंत डॉक्टर को बुलाना चाहिए और डॉक्टर के आने तक यह प्राथमिक चिकित्सा चालू रखना चाहिए। 
  • अगर पीड़ित व्यक्ति बेहोश होने लगता है तो तुरंत उसे लिटाकर संजीवनी क्रिया / Cardio-Pulmonary-Resuscitation (CPR) शुरू करनी चाहिए। पीड़ित के मुंह में अगर कुछ अटका हुआ दिख रहा है तो उसे उंगली से बाहर निकालने की कोशिश करे। 
Choking प्राथमिक चिकित्सा - बच्चों में  / Choking First-Aid - Infants 

Choking First Aid technique in Hindi.
  • बच्चे का चेहरा निचे की ओर रखे और उसका शरीर आपके हाथ पर रखे। 
  • अपने हाथ के तलवों से बच्चे के पीठ पर 5 बार थप्पड़ / slap मारे। 
  • ध्यान रहे की बच्चे का चेहरा उसके छाती की level से निचे की ओर रहना चाहिए। 
  • अब बच्चे का मुंह देखे और अगर कोई चीज नजर आती है तो उसे बाहर निकाल दे। 
  • ऐसा करने पर भी अगर बच्चे के गले में अटकी हुई चीज बाहर नहीं निकलती है तो बच्चे को अपने हाथ पर उल्टा लिटा दे जिससे उसका चेहरा ऊपर की ओर आ जायेंगा। 
  • बच्चे का चेहरा छाती के level से निचे होना चाहिए। 
  • अब अपनी दो उंगली बच्चे के दोनों स्तन / nipple को जोड़नेवाली काल्पनिक रेखा के एक इंच निचे रखे। 
  • इस जगह पर दोनों उंगलिओं से अटकी हुई वस्तु को बाहर निकालने के लिए जोर से 4 से 5 बार दबाव / thrust दे।     
  • अब बच्चे का मुंह जाचे। 
  • सफलता न मिलने पर सम्पूर्ण क्रिया को दोहराए और डॉक्टर को फोन करे अथवा तात्कालिक पीड़ित को अस्पताल ले जाये। 
  • बच्चा बेहोश होने की स्तिथि में संजीवनी क्रिया / Cardio-Pulmonary-Resuscitation (CPR) शुरू करनी चाहिए।
Choking से बचने के लिए क्या करना चाहिए ?

Choking जैसी जानलेवा स्तिथि से बचने के लिए निचे दिए हुए सुझाव का पालन करना चाहिए :
  1. खाना खाते समय हमेशा धीरे-धीरे अच्छे से चबाकर ही खाना चाहिए। 
  2. खाना खाते समय अपना पूरा ध्यान खाने की ओर ही रखे और पेपर पढ़ना, बाते करना या टीवी देखना जैसी आदते नहीं रखनी चाहिए। 
  3. छोटे बच्चे खाना खा रहे हो या खेल रहे हो तब घर के किसी बड़े व्यक्ति का उनपर ध्यान अवश्य होना चाहिए। 
  4. बच्चे आसानी से खा सके ऐसा खाना ही बच्चों को देना चाहिए। 
  5. कोई भी छोटी वस्तु या धोकादायक वस्तु को बच्चों की पहुंच से दूर ही रखे। 
हमारी छोटीसी सावधानी हमें Choking जैसे जानलेवा स्तिथि से बचा सकती है। अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी है तो कृपया इसे शेयर अवश्य करे। आपका एक शेयर किसी के प्राण बचाने में मददगार साबित हो सकती हैं। Choking संबंधी जानकारी अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे - Choking First Aid Technique

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