उच्च रक्तचाप या Hypertension, जिसे हम बोलचाल की भाषा में High BP भी कहते हैं यह एक ज्वालामुखी की तरह हैं। उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्ति को काफी समय तक कोई लक्षण नजर नहीं आता हैं। ज्वालामुखी की तरह ही यह ऊपर से शांत रहता है पर जब यह फूटता है तब रोगी को लकवा, ह्रदय रोग, गुर्दे / किडनी की बीमारी इत्यादि गंभीर परिणाम हो जाते हैं।

उच्च रक्तचाप को काबू में करने के लिए हमें अपने डॉक्टर की सलाह अनुसार नियमित दवा लेनी चाहिए। दवा लेने के साथ-साथ हमें कुछ विशेष बातों का ख्याल भी रखना चाहिए जिससे की दवा की मात्रा कम रहे और शरीर के अन्य उपयोगी अंग जैसे की गुर्दे / Kidney, यकृत / Liver, ह्रदय / Heart और रक्त वाहिनियों पर होनेवाले side effects से बचा जा सके।

उच्च रक्तचाप / Hypertension या हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखने के लिए हमें निचे दिए हुए सुझाव और बातों का ख्याल रखना चाहिए :

how-to-control-lower-blood-pressure-hypertension-in-hindi
रक्तचाप / Blood Pressure को कैसे control करे ?
  • नमक / Salt : खाने में उपयोग किये जानेवाले नमक में Sodium का प्रमाण ज्यादा होता हैं। Sodium की अधिकता से शरीर में water retention अधिक होता है जिससे शरीर पर सूजन आती है और रक्तचाप बढ़ जाता हैं। रक्तचाप से पीड़ित व्यक्तिओं ने दिनभर में 2400 mg से अधिक नमक का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। खाने के एक चमच्च में लगभग 2500 mg नमक आता हैं। 
  1. ज्यादा नमक वाले खाद्य पदार्थों का उपयोग न करे जैसे की - अचार, पापड़, चिप्स, सॉस, कोल्ड ड्रिंक्स इत्यादि। 
  2. खाने की मेज पर अपने पास नमक की डिबिया न रखे। 
  3. आपके आहार में नमक का इस्तेमाल कम करे। नमक के कमी के कारण खाने में स्वाद की कमी महसूस होने पर निम्बू का रस छिड़क दे। 
  4. आप चाहे तो अपने डॉक्टर की सलाह लेकर आहार में Low Sodium (LONA) Salt का इस्तेमाल कर सकते हैं। 
  • संतुलित आहार / Balanced diet : अपने आहार में साबुत अनाज, फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, कम fat युक्त दुग्धजन्य पदार्थ का समावेश कर आप अपने रक्तचाप के पारे / mercury को 10 से 15 mmHg तक निचे ला सकते हैं। आप जरा सी सावधानी बरत कर खाने का मजा भी ले सकते हैं और रक्तचाप को नियंत्रित भी कर सकते हैं।  
  1. आप क्या आहार लेते है इसकी लिस्ट बनाये और अपने डॉक्टर / डायटीशियन को बताये। आहार में उचित बदलाव कर आप स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं। 
  2. Hypertension के रोगी को ज्यादा मात्रा में भोजन नहीं करना चाहिए साथ ही गरिष्ठ भोजन से भी परहेज करना चाहिए। 
  3. पालक, गोभी, बथुआ जैसी सब्जियों का सेवन करने से Blood pressure सामान्य रहने में मदद होती हैं। 
  4. बादाम, बिना मलाई का दूध, छाछ, सोयाबीन का तेल, गुड और शहद का सेवन कर सकते हैं।  
  5. आहार में Potassium युक्त सब्जिया और फल का इस्तेमाल ज्यादा करे। Potassium के कारण शरीर में Sodium का असर कम हो जाता हैं। 
  6. बाजार से कोई भी सामान खरीदते समय पहले Food label पढ़ने की आदत डाले। 
  7. जो आहार आपके स्वास्थ्य के लिए सही है वही ख़रीदे और इस्तेमाल करे। याद रहे - जो व्यक्ति आपने आहार को नियंत्रण में नहीं रख सकता वह कभी अपने स्वास्थ्य को भी नियंत्रण में नहीं रख सकता हैं।  
  • वजन नियंत्रण / Weight Control : अगर आपका वजन आपके उम्र और उचाई के हिसाब से अधिक है तो आपका रक्तचाप बढ़ सकता हैं। अपने वजन को नियंत्रित कर आप अपने स्वास्थ्य के दो सबसे बड़े शत्रु उच्च रक्तचाप और मधुमेह से दूर रह सकते हैं। आपका वजन ज्यादा है या नहीं और अगर ज्यादा है तो उसे नियंत्रित कैसे करे इसकी संपूर्ण जानकारी लेने के लिए यह पढ़े - वजन नियंत्रण के आसान उपाय !
  • कमर / Waist का माप : वजन नियंत्रण के साथ आपको अपने कमर के माप पर भी ध्यान देना चाहिए। अध्ययन से पता चला है की पुरुषों में कमर का माप 40 inch या 102 cm से ज्यादा और महिलाओं में कमर का माप 35 inch या 89 cm से ज्यादा होने पर Blood pressure बढ़ने का खतरा अधिक रहता हैं। अपने कमर के घेरे को कम करने के लिए आप व्यायाम और योग का सहारा ले सकते हैं। 
  • नियमित व्यायाम / Daily Exercise : आपको अपने काम-काज के अतिरिक्त रोजाना कम से कम 30 मिनिट तक अपने क्षमता अनुसार कोई व्यायाम रोजाना करना चाहिए। नियमित व्यायाम करने से आपका वजन नियंत्रित रहता है, आप ज्यादा fresh अनुभव करते है और साथ ही आपके रक्तचाप का पारा भी 5 से 10 mmHg तक निचे गिर सकता हैं। आप तेज चलना, साइकिल चलाना, तैराकी, जॉगिंग, दौड़ना, नाचना या कोई खेल खेलना जैसे व्यायाम कर सकते हैं। अगर आपको कोई बीमारी हैं तो कोई भी व्यायाम शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की राय अवश्य लेना चाहिए।  
  • धूम्रपान / शराब : रक्तचाप को नियंत्रण में रखने के लिए आपको धूम्रपान, शराब, तम्बाखू, गुठ्खा और ड्रग्स जैसे आदतों से दुरी बनाकर रखनी चाहिए। इन सभी बुरी आदतों का side effect हमारी नसों पर और शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर होता हैं। इस सभी आदतों से छुटकारा पाने के लिए यह पढ़े - धूम्रपान कैसे छोड़े !
  • तनाव / Stress : Blood Pressure बढ़ने का एक अहम कारण मानसिक तनाव भी हैं। तनाव चाहे लंबे समय से हो या क्षणिक, Blood pressure को बढ़ाता ही हैं। अपने Blood pressure को नियंत्रित करने के लिए हमें हर हाल में तनाव से दूर रहकर खुशहाल जिंदगी जीने की कोशिश करनी चाहिए। तनाव को दूर करने के लिए आप योगा, प्राणयाम और हास्योपचार / Laughter therapy का सहारा भी ले सकते हैं। तनाव को दूर करने के लिए हमेशा सकारात्मक सोच रखे, सकारात्मक मित्रों के साथ रहे, सकारात्मक किताबे पढ़े। 
  • योग / Yoga : योग और प्राणायाम के नियमित अभ्यास से आप अपने रक्तचाप को नियंत्रण में रख सकते हैं। नियमित योग करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बना रहता हैं। रोजाना ध्यान / Meditation करने से आप अपने विचारों को नियंत्रित कर क्रोध, शोक,  ईर्ष्या और तनाव जैसे रक्तचाप बढ़ाने वाले मानसिक विकारों से दुरी बना कर रख सकते हैं। रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए आप निचे दिए हुए योग / प्राणायाम का अभ्यास योग विशेषज्ञ से सीखकर कर सकते हैं :
  1. भ्रामरी प्राणायाम 
  2. अनुलोम-विलोम 
  3. सुखासन 
  4. शवासन 
  5. पश्चिमोत्तनासन 
  6. वज्रासन 
  7. योग निद्रा 
  8. अर्धहलासन 
  9. योग निद्रा 
  10. जानुशीर्षासन 
  • खर्राटे / Snoring : शोध से पता चला है की जो व्यक्ति रात में नींद लेते समय खर्राटे लेते हैं ऐसे व्यक्तिओ में रक्तचाप बढ़ाने वाले हॉर्मोन Aldosterone की अधिकता होती हैं। खर्राटे लेने वाले लगभग सभी व्यक्तिओं को Hypertension की शिकायत होती हैं। रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए हमें खर्राटे लेने की आदत से छुटकारा पाना चाहिए। खर्राटों से छुटकारा पाने के लिए यह पढ़े - खर्राटे के कारण और उपचार 
  • स्वास्थ्य परिक्षण / Health Check Up : उच्च रक्तचाप / Hypertension से पीड़ित व्यक्ति को लंबे समय तक कोई लक्षण समस्या न होने के कारण बिना जांच किये इसका पता नहीं चलता हैं। सामान्य व्यक्ति को 30 वर्ष आयु के पश्च्यात हर वर्ष कोई समस्या न होने पर भी स्वास्थ्य जांच कराना चाहिए जिससे की Diabetes या High BP जैसे समस्या का निदान जल्द होकर उपाय योजना शुरू की जा सके। अगर आपके परिवार में इन समस्या का ईतिहास है तो 20 वर्ष के आयु से ही अपना स्वास्थ्य परिक्षण कराना चाहिए।  
उच्च रक्तचाप यह हमारे जीवनशैली से जुड़ा रोग हैं। अगर हम शुरुआत से ही योग्य आहार, विहार और व्यायाम का नियमित पालन करे तो इस रोग से दूर रह सकते हैं।  

Image courtesy of renjith krishnan at FreeDigitalPhotos.net
अगर आपको यह लेख उपयोगी लगता है और आप समझते है की यह लेख पढ़कर किसी के स्वास्थ्य को फायदा मिल सकता हैं तो कृपया इस लेख को निचे दिए गए बटन दबाकर अपने Google plus, Facebook , Whatsapp या Tweeter account पर share जरुर करे !
loading...

Post a Comment

Author Name

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.