आज दुनियाभर में योग को लेकर उत्सुकता और आशा का वातावरण हैं। अधिक से अधिक लोग योग के प्रति जानना चाहते है और योग से होनेवाले शारिरिक और मानसिक लाभ लेना चाहते हैं। जहाँ लोग योग संबंधी अधिक जानकारी जुटाना चाहते है वही योग से जुड़े कुछ मिथक भी सामान्य जनता के बिच संभ्रम / confusion की स्तिथि निर्माण कर रहा हैं। योग से जुड़े ऐसे ही कुछ सामान्य भ्रम को दूर करने का प्रयास हम इस लेख द्वारा कर रहे हैं। 

योग से जुड़े भ्रम और सच संबंधी अधिक जानकारी के लिए आगे पढ़े :

Yoga Myths and Facts in Hindi
भ्रम 1 - योग का मतलब शरीर को उल्टा सीधा कर व्यायाम करना हैं !
सच - योग में शरीर को मनचाहे तरीके से उल्टा-सीधा नहीं किया जाता है। योग एक विज्ञानं है जिसे हजारो वर्षो के गहन अभ्यास का निचोड़ हैं। शरीर की शुद्धि के लिए योगासन, मन की शुद्धि के लिए प्राणायाम और आत्मा के शुद्धि के लिए ध्यान किया जाता हैं। योगासन करने के मतलब विभिन्न शारीरिक मुद्राओं के माध्यम से आनंद की अनुभूति करना है। योग में किये जानेवाले हर क्रिया के पीछे कुछ कारण और विज्ञानं हैं।

भ्रम 2 - योग यह चलना, दौड़ना, तैराकी करना या साइकिल चलाना जैसा व्यायाम नहीं हैं ! योग की गिनती व्यायाम के प्रकारों में नहीं करनी चाहिए !
सच - योग के कई प्रकार है और यह सच है की योग कुछ योग प्रकारों में अन्य व्यायाम के समान aerobic exercise नहीं होती है और calories भी burn नहीं होती हैं। जैसे हर व्यायाम का अपना एक लाभ है उसी तरह हर योग का अपना तरीका और फायदे हैं। कुछ योग पद्धति से मानसिक शांतता मिलती है तो कुछ योग प्रकार से शरीर मजबूत और लचीला बनता हैं। अगर अपने आवश्यकता अनुसार सहि तरीके से योग विशेषज्ञ के देखरेख में योग किया जाये तो शरीर को स्थिरता, लचीलापन और मजबूती मिलती हैं। ऐसे कई योग है जिनसे वही लाभ होते है जो अन्य किसी प्रकार के व्यायाम से मिलते हैं। 

भ्रम 3 - शीशे (Mirror) के सामने योग करना गलत हैं क्योंकि इससे योग से प्राप्त उर्जा (Energy) में कमी आ जाती हैं !
सच - यह एक भ्रम हैं। जब आप शीशे में देखकर कोई योग करते है तो आपको अपनी गलतियो के बारे में पता चलता हैं। शीशे में देखकर आप अपने योग का posture भी सही कर सकते हैं।

भ्रम 4 - योग केवल दुबले और लचीले लोग ही कर सकते हैं ! 
सच - योग का नाम लेते ही हमारे आँखों के सामने या तो पद्मासन लगाकर ध्यान में बैठे साधू की या सर्वांगासन जैसे कठिन योग कर रहे व्यक्ति का चित्र आता हैं। योग को लेकर मन में बैठे ऐसे भ्रांति के कारण कई लोग योग करने से कतराते हैं। अगर आप योग करना चाहते हैं तो योग विशेषज्ञ की सलाह लेकर आसान योग और प्राणायाम क्रिया से शुरुआत कर सकते हैं। अभ्यास के साथ जैसे-जैसे आपका वजन और पेट योग से कम होता है और शरीर पहले से ज्यादा लचीला  बनता है आप अधिक कठिन योग क्रिया भी कर सकते हैं। 

भ्रम 5 - योग करने से पसीना कम निकलता है इसलिए योग करने के तुरंत बाद आप नहा सकते हैं !
सच - योग भी एक प्रकार का व्यायाम है और योग करने से शरीर में ऊर्जा / energy उत्पन्न होती है। योग करने के तुरंत बाद नहाने से यह कम हो जाती है इसलिए योग करने के बाद कम से कम 15 से 20 मिनिट बाद नहाना चाहिए। योग का अधिक लाभ लेने के लिए योग करने से पहले नहाना अधिक लाभकर हैं। नहाने से शरीर के सभी रोमछिद्र खुल जाते है जिससे ताजगी बनी रहती हैं और आलस नहीं आता हैं।

भ्रम 6 - योग और प्राणायाम से केवल तनाव मुक्ति होती हैं !
सच - योग और प्राणायाम से शारिरीक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभ होया हैं। तनाव कम करने के अलावा शरीर लचीला बनाना, मांसपेशिया मजबूत बनाना, एकाग्रता बढ़ाना, रक्तसंचार में सुधार और जोश बढ़ाने जैसे कई लाभ मिलते हैं।

भ्रम 7 - योग और खाने का कोई संबंध नहीं है !
सच - हम जब कोई आहार लेते है तो हमारे शरीर की अधिक उर्जा उस खाने को पचाने के लिए लिए जरुरत होती हैं। खाने के तुरंत बाद कोई योग नहीं करना चाहिए। खाने के तुरंत बाद केवल वज्रासन किया जा सकता हैं। अन्य सभी योग का अधिक लाभ लेने के लिए या तो सुबह खाली पेट करना चाहिए या खाने के 4 घंटे बाद कोई योग करना चाहिए। 

भ्रम 8 - गर्भावस्था (Pregnancy) में योग नहीं करना चाहिए !
सच - यह एक और आम धारणा है की गर्भावस्था में महिला ने योग नहीं करना चाहिए। ऐसे कई योग है जो महिला को गर्भावस्था में करना चाहिए। योग करने से गर्भावस्था में शरीर लचीला रहता है और नार्मल प्रसव होने के chance अधिक रहते हैं। गर्भावस्था में अपने डॉक्टर और योग विशेषज्ञ की सलाह लेकर आपके लिए योग्य योग क्रिया जरुर करनी चाहिए। गर्भावस्था के बाद भी योग करने से मोटापा नहीं होता है और शरीर मजुबुत और लचीला बना रहता हैं। 

भ्रम 9 - योग का कोई नुकसान या side-effect नहीं हैं !
सच - योग से जुडी यह धारणा आम है की योग करने से केवल लाभ ही होता है और इसके कोई नुकसान नहीं हैं। यह बात शतप्रतिशत सही हैं की अगर डॉक्टर की सलाह से और योग विशेषज्ञ की देखरेख में आप आपके लिए जो योग योग्य है वह योग करते है तो उससे आपको कोई नुकसान नहीं होता हैं। अगर आप अपने मन से किताब में पढ़कर या किसी का सुनकर कोई योग या प्राणायाम करते है या अपने क्षमता से अधिक प्रयास करते है तो आपको परेशानी हो सकती हैं। उदहारण के तौर पर अगर कोई हर्निया का रोगी कपालभाती करता है तो उस व्यक्ति को निश्चित तकलीफ होनी हैं। योग की कुछ क्रियाए दिखने में आसान है परन्तु उसके पीछे भी बहुत बड़ा विज्ञान होने के कारण संपूर्ण जानकारी और सलाह लेकर ही योग करना चाहिए। 

स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने के लिए योग जरुर करना चाहिए। योग करने से पहले किसी अच्छे योग विशेषज्ञ से योग करने का सही तरीका सीखना चाहिए। अगर आपको पहले कोई बीमारी है तो अपने डॉक्टर की राय लेकर ही योग करना शुरू करे।

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Keywords : Yoga Myths and Facts in Hindi, योग से जुड़े भ्रम और सच 

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