वर्षा ऋतू में हर कोई बारिश का लुफ्त उठाना चाहता है। वर्षा ऋतू, जहा मौसम को खुशनुमा बनाता है वही अपने साथ में पीलिया, डेंगू, टाइफाइड और मलेरिया जैसे कोई रोगों को भी ले आता हैं। आज हम ऐसे ही एक बारिश के मौसम में फैलने वाले और कई वर्षों से स्वास्थ्य के लिए खतरा बने हुए रोग की जानकारी लेनेवाले हैं।

अफ्रीका और भारत जैसे देशों में मलेरिया के कारण हर वर्ष लाखों लोगो की मृत्यु हो जाती हैं। भारत सरकार द्वारा हर वर्ष मलेरिया के उन्मूलन के लिए कई प्रयत्न किये जाने के बावजूद भी मलेरिया रोग का नाश कर पाना बेहद मुश्किल साबित हो रहा हैं। भारत सरकार के इस प्रयास को आगे बढ़ाने के लिए आज हम यहाँ पर मलेरिया के ईलाज और मलेरिया के बचाव संबंधी जानकारी दे रहे हैं।

Malaria treatment and prevention in Hindi
Malaria का ईलाज कैसे किया जाता हैं ?
  • मलेरिया का निदान होने पर अगर रोगी व्यक्ति में मलेरिया का संक्रमण सामान्य है और रोगी को ठीक से भूक लग रही है, Blood pressure सामान्य है और अन्य कोई तकलीफ नहीं है तो डॉक्टर मलेरिया का दवा या इंजेक्शन का कोर्स लिख कर ईलाज करते हैं। 
  • अगर रोगी व्यक्ति में मलेरिया का संक्रमण तेज है और व्यक्ति बहुत कमजोर महसूस कर रहा है तो डॉक्टर रोगी को दवाखाने में भर्ती होने की सलाह देते है। रोगी व्यक्ति ने डॉक्टर की सलाह मानकर दवाखाने में भर्ती हो जाना चाहिए। 
  • कुछ रोगियों में मलेरिया के संक्रमण के कारण रक्त में Platelets की संख्या सामान्य से बेहद कम हो जाती हैं। ऐसी परिस्तिथि में Platelets के बेहद कमी के कारण शरीर के अंदर या बाहर रक्तस्त्राव (bleeding) होने का खतरा रहता हैं। Blood transplant की तरह ऐसे समय Platelet transfusion की जरुरत पड़ती हैं। 
  • कुछ रोगियों में समय पर ईलाज न लेने के कारण मलेरिया के अधिक तेज संक्रमण से बुखार दिमाग में चढ़ जाने से Cerebral Malaria हो सकता है, सांस लेने में तकलीफ हो सकती है और पीड़ित Coma में भी जा सकता हैं। ऐसे समय रोगी को अतिदक्षता विभाग (ICU) में रखकर ईलाज करना पड़ता हैं। 
  • मलेरिया की गोली खाने में कडवी रहती है और इसमें acidity भी अधिक बढती है इसलिए रोगी व्यक्ति को खाने में साधा आराम से पाचन हो सके ऐसा आहार देना चाहिए। कम से कम 2 लीटर पानी अवश्य पीना चाहिए। 
  • मलेरिया का समय पर ईलाज लेने से इसके कारण होनेवाले प्राणघातक दुष्परिणाम से आसानी से बचा जा सकता हैं। इसलिए जरुरी है की बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर से अपनी जांच कराए। 
  • मलेरिया का ईलाज करते समय डॉक्टर रोगी व्यक्ति को Primaquine दवा 14 दिन के लिए देते हैं। इस दवा के कारण लीवर में छिपे हुए मलेरिया के परजीवी का खात्मा किया जाता हैं। यह दवा आपकी G6PD रक्त जांच सामान्य आने पर ही दी जाती हैं। अगर P.Vivax मलेरिया में इस गोली का कोर्स नहीं लिया गया तो दोबारा कुछ दिनों के बाद लीवर में छिपे मलेरिया परजीवी के कारण मलेरिया होने का खतरा बना रहता हैं। 

Malaria से बचने के लिए क्या सावधानी बरतना चाहिए ?

मलेरिया से बचने के लिए निचे दी हुई सावधानी बरतनी चाहिए :
  • मलेरिया का संक्रमण मच्छर के काटने के कारण होता है इसलिए कोशिश करे की मलेरिया को फैलाने वाले मच्छर आपके घर के आस-पास न पनपे। 
  • घर के अन्दर और आस-पास पानी जमा न होने दे। कोई भी बर्तन में खुले में पानी न जमने दे। 
  • बर्तन को खाली कर रखे या उसे उलटा कर कर रख दे। 
  • अगर आप किसी बर्तन, ड्रम या बाल्टी में पानी जमा कर रखते है तो उसे ढक कर रखे। 
  • अगर किसी चीज में हमेशा पानी जमा कर रखते है तो पहले उसे साबुन और पानी से अच्छे से धो लेना चाहिए, जिससे मच्छर के अंडे को हटाया जा सके।  
  • घर में कीटनाशक का छिडकाव करे। 
  • कूलर का काम न होने पर उसमे जमा पानी निकालकर सुखा कर दे। जरुरत होने पर कूलर का पानी रोज नियमित बदलते रहे। 
  • किसी भी खुली जगह में जैसे की गड्डो में, गमले में या कचरे में पानी जमा न होने दे। अगर पानी जमा है तो उसमे मिटटी डाल दे। 
  • खिड़की और दरवाजे में जाली लगाकर रखे। शाम होने से पहले दरवाजे बंद कर दे। 
  • ऐसे कपडे पहने जो पुरे शरीर को ढक सके। 
  • रात को सोते वक्त मच्छरदानी लगाकर सोए। 
  • अन्य मच्छर विरोधी उपकरणों का इस्तेमाल करे जैसे की electric mosquito bat, repellent cream, sprays etc. 
  • अगर बच्चे खुले में खेलने जाते है तो उने शरीर पर mosquito repellent cream लगाए और पुर शरीर ढके ऐसे कपडे पहनाए। 
  • अपने आस-पास के लोगो को भी मच्छर को फैलने से रोकने के लिए प्रोत्साहित करे। 
  • अपने आस-पास में अगर कोई Dengue Fever या Malaria के मरीज का पता चलता है तो इसकी जानकारी स्वास्थय विभाग एवं नगर निगम को दे, जिससे तुरंत मच्छर विरोधी उपाय योजना की जा सके।  
  • मलेरिया के ज्यादातर मरीजो की मृत्यु platelet या खून के अभाव में होती है। मेरी आप सभी से request है की जरुरत के समय रक्तदान / Blood Donation करने से बिलकुल न घबराए और साल में कम से कम दो बार Blood Donation जरुर करे। 
  • अगर आप ऐसे क्षेत्र में जा रहे है जहाँ पर मलेरिया का संक्रमण अधिक पाया जाता है तो उस क्षेत्र में जाने से पहले आप अपने डॉक्टर से Malaria prophylaxis के लिए दवा ले सकते है जिससे आपको मलेरिया नहीं होंगा। 
  • मलेरिया की vaccine बनाने का काम कई कंपनिया कर रही है पर यह लेख लिखे जाने तक कोई ऐसी vaccine का शोध अभी तक नहीं लगा है जिससे मलेरिया से संरक्षण मिले। आनेवाले वर्षों में हो सकता है ऐसी कोई वैक्सीन तैयार हो जाये जिसे लगाने से मलेरिया में कमी आ जाये। 
  • कई लोग Platelet Count बढाने के लिए पपीते के पत्ते का रस पिने के सलाह देते है। पपीते के पत्ते का रस पिने के बाद कई मरीजो में platelet count में सुधार होते हुए देखा गया है। आजकल Papaya extract की दवा भी मेडिकल में मिलती हैं। कुछ डॉक्टर Platelet बढ़ाने के लिए इनका उपयोग कर सकते हैं। इसका कोई ठोस पुरावा नहीं है और न कोई research हुआ है। 
भारतीय लोगों तक मलेरिया के संबंधी उपयोगी स्वास्थ्य जानकारी देने के लिए और मलेरिया को काबू में करने के लिए आप से विनंती है की यह लेख अपने मित्र-परिवार के साथ जरुर share करे।  

मलेरिया के कारण और निदान संबंधी अधिक जानकारी के लिए यह पढ़े - मलेरिया के कारण और निदान / Malaria causes and diagnosis in Hindi

Image courtesy of Stuart Miles at FreeDigitalPhotos.net
आपसे अनुरोध है कि आप आपने सुझाव, प्रतिक्रिया या स्वास्थ्य संबंधित प्रश्न निचे Comment Box में या Contact Us में लिख सकते है !
अगर आपको यह लेख उपयोगी लगता है और आप समझते है की यह लेख पढ़कर किसी के स्वास्थ्य को फायदा मिल सकता हैं तो कृपया इस लेख को निचे दिए गए बटन दबाकर अपने Google plusFacebook  या Tweeter account पर share जरुर करे !
Keywords : Malaria treatment and prevention in Hindi.मलेरिया का ईलाज और बचाव संबंधी जानकारी 
loading...
Labels:

Post a Comment

  1. aapne mleriya ki jankari di hai,dhnyvad esi trh taifaid or any rogo ki jankari or vchao ke sath unke liye dbaye bhi likhe to achchh hoga .

    ReplyDelete
    Replies
    1. प्रमोद तिवारीजी, निरोगिकाया ब्लॉग पर भेट देने हेतु और अपनी प्रतिक्रिया देने हेतु धन्यवाद l निरोगिकाया पर हमने मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड, TB जैसे कई रोगों संबंधी जानकारी दी हैं l
      यह सभी जानकारी आप इस लिंक पर क्लिक कर देख सकते हैं - http://www.nirogikaya.com/search/label/Disease

      Delete

Author Name

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.