दुनिया भर में आधुनिक जीवनशैली और मिथ्याहार के कारण मधुमेह के रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसा अनुमान है की 2020 तक भारत, मधुमेह पीड़ित देशो में प्रथम स्थान प्राप्त कर चूका होंगा। भारत में आज ऐसे करोडो लोग है जिन्हें मधुमेह तो नहीं हैं पर उन्हें मधुमेह होने की आशंका सबसे ज्यादा हैं। ऐसे करोडो Prediabetes पीड़ित लोग अगर उचित कदम उठाए तो मधुमेह जैसे भयावह बीमारी से उन्हें बचाया जा सकता हैं।

Prediabetes क्या है और उसके लक्षण, कारण और एहतियात संबंधी अधिक जानकारी निचे दी गयी हैं :

Prediabetes क्या हैं ?

Prediabetes यह एक शारीरिक अवस्था है जिसमे हमारी रक्त शर्करा मात्रा (Blood Glucose level) सामान्य से ज्यादा रहती हैं। यह मात्रा इतनी भी ज्यादा नहीं रहती है की हम इसे मधुमेह कह सकते हैं। इस स्तिथि को हम मधुमेह का द्वार भी कह सकते हैं। इस अवस्था में अगर हम थोडा भी आहार-विहार में चुक करते है तो हमे मधुमेह / Type 2 Diabetes Mellitus हो जाता हैं।

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Prediabetes क्यों होता हैं ?

सामान्य तौर पर रक्त शर्करा की मात्रा नियंत्रण करने के लिए शरीर में Insulin हॉर्मोन का स्त्रवन होता रहता हैं। किसी कारणवश इस Insulin की कार्यक्षमता कम (Insulin Resistance) होने के कारण शरीर के पेशी (Cells) रक्त शर्करा का ठीक से उपयोग नहीं कर पाते है और रक्त में शर्करा (Glucose) की मात्रा बढ़ने लगती हैं। समय के साथ वजन बढने, अत्यधिक मीठा आहार, हार्मोनल बदलाव, निष्क्रिय जीवनशैली और व्यायाम के अभाव के कारण Insulin की कार्यक्षमता और प्रमाण में और कमी आ जाती है और व्यक्ति को मधुमेह हो जाता हैं।

Prediabetes के लक्षण क्या हैं ?

कई लोगो में Prediabetes का कोई भी लक्षण नजर नहीं आता हैं। कुछ लोग बिना लक्षण अनेक वर्षो तक इससे पीड़ित रह सकते हैं। निचे दिए हुए लक्षण नजर आने पर आपको Prediabetes की शंका होनी चाहिए।
  1. बिना वजह ज्यादा प्यास लगना  
  2. बार-बार पेशाब होना 
  3. बिना वजह कमजोरी महसूस होना 
  4. आँखों से धुंधला दिखाई देना 
  5. बिना वजह वजन कम होना 
Prediabetes होने का अधिक खतरा किसे रहता हैं ?

निचे दिए हुए व्यक्तिओ को Prediabetes होने का खतरा अधिक रहता हैं :
  1. सामान्य से ज्यादा वजन 
  2. 45 वर्ष से अधिक आयु 
  3. परिवार में किसी सदस्य को मधुमेह होना 
  4. गर्भावस्था में मधुमेह का इतिहास 
  5. उच्च रक्तचाप 
  6. PCOD का ईतिहास 
  7. रक्त जांच में Triglycerides या HDL की मात्रा सामान्य से अधिक होना 
  8. निष्क्रिय जीवनशैली
  9. रोजाना 6 घंटे से कम नींद  
Prediabetes का निदान (Diagnosis) कैसे किया जाता हैं ?

Prediabetes का निदान निचे दिए हुए जांच कर किया जाता हैं। 
  • खाली पेट रक्त शर्करा जांच (Fasting Blood Sugar Test) : इसमें व्यक्ति को 8 घंटे तक खाली पेट रख कर रक्त शर्करा की जांच की जाती हैं। रक्त शर्करा की मात्रा और उसका निष्कर्ष नुचे दिया गया हैं। 
  1. सामान्य खाली पेट रक्त शर्करा मात्रा - 100 mg/dl से कम 
  2. Prediabetes - 100 mg/dl से 125 mg/dl के बिच 
  3. मधुमेह - 126 mg/dl या उससे ज्यादा 
  • खाने के बाद की रक्त शर्करा जांच (Post Prandial Blood Sugar Test) : इसमें व्यक्ति को खाना खाने के समाप्ति के समय के ठीक 2 घंटे बाद रक्त शर्करा की जांच की जाती हैं। रक्त शर्करा की मात्रा और उसका निष्कर्ष नुचे दिया गया हैं।  
  1. सामान्य खाने के बाद की रक्त शर्करा मात्रा - 140 mg/dl से कम 
  2. Prediabetes - 140 mg/dl से 199 mg/dl के बिच 
  3. मधुमेह - 200 mg/dl या उससे ज्यादा 
  • औसत रक्त शर्करा जांच (HbA1C Test) : इस जांच में व्यक्ति की पिछले 2 से 3 महीने की औसत रक्त शर्करा का पता चलता हैं। इस जांच के लिए हम कभी भी रक्त जांच करने के लिए दे सकते हैं। रक्त शर्करा की मात्रा और उसका निष्कर्ष नुचे दिया गया हैं।   
  1. सामान्य औसत रक्त शर्करा मात्रा - 5.6 % या उससे कम 
  2. Prediabetes - 5.7 % से 6.4 % के बिच 
  3. मधुमेह - 6.5 % या उससे ज्यादा 
  • मौखिक शर्करा सहिष्णुता जांच (Oral Glucose Tolerance Test) : यह जांच सामान्यतः गर्भावस्था में मधुमेह होने की आशंका देखने के लिए की जाती हैं। इस जांच में व्यक्ति को 8 घंटे तक खाली पेट रखकर रक्त शर्करा की जांच की जाती हैं। इसके बाद एक निर्धारित मात्रा में मीठा पेय पिने के लिए दिया जाता है और 2 घंटे के बाद दोबारा रक्त शर्करा की जांच की जाती हैं। रक्त शर्करा की मात्रा और उसका निष्कर्ष नुचे दिया गया हैं।  
  1. सामान्य OGTT रक्त शर्करा मात्रा - 140 mg/dl से कम 
  2. Prediabetes - 140 mg/dl से 199 mg/dl के बिच 
  3. मधुमेह - 200 mg/dl या उससे ज्यादा 
Prediabetes से पीड़ित व्यक्तिओ ने मधुमेह होने से बचने के लिए क्या एहतियात बरतने चाहिए ?

हर वर्ष लगभग 11% Prediabetes व्यक्तिओ को मधुमेह हो जाता हैं। Prediabetes से पीड़ित व्यक्तिओ ने मधुमेह से बचने के लिए निचे दिए हुए एहतियात बरतने चाहिए :
  • आहार (Diet) : अल्प आहार लेने की जगह पर्याप्त पौष्टिक आहार लेना चाहिए। आहार में Low Glycemic Index वाले खाद्य पदार्थ का समावेश करने चाहिए। कम calorie, कम Fat और ज्यादा Fiber युक्त आहार लेना चाहिए। इसके लिए आप आहार विशेषज्ञ / Dietitian की सलाह भी ले सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए यह पढ़े -  Low Glycemic Index आहार और Negative calorie foods 
  • व्यायाम (Exercise) : हफ्ते में कम से कम 5 दिन रोजाना 30 मिनिट तक कोई व्यायाम करे। आप अपनी क्षमतानुसार तेज चलना, दौड़ना, साइकिल चलाना, तैराकी करना या aerobic व्यायाम कर सकते हैं। रोजाना व्यायाम करने से आपको मधुमेह होने का खतरा 30 से 40 % तक कम हो सकता हैं। 
  • वजन नियंत्रण (Weight loss) : सामान्य से ज्यादा वजन होना या मोटापा यह आपके लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। अगर आपका वजन ज्यादा है तो आपको Prediabetes के बाद मधुमेह होने का खतरा लगभग 80% से ऊपर हो जाता हैं। अगर आप आपके बढे हुए वजन को सिर्फ 10 % भी कम कर देते है तो भी आप मधुमेह होने के खतरे को आधा कर सकते हैं। आपने कोशिश करनी चाहिए की आपका B.M.I 18 से 25 के बिच होना चाहिए। वजन बढ़ने के कारण और वजन कम करने के विभिन्न आसान उपाय जानने के लिए यह पढ़े - वजन बढ़ने के कारण और उपाय 
  • योग (Yoga) : मधुमेह के खतरे से बचने के लिए आप योग का सहारा भी ले सकते हैं। मधुमेह से बचने के लिए आप अर्ध-मत्स्येन्द्रासन, धनुरासन, वक्रासन, हलासन और पूर्ण शलभासन जैसे योगासन के साथ कपालभाती नाड़ीशोधन प्राणायाम भी कर सकते हैं। 
  • दवा (Medicine) : आपकी रक्त शर्करा मात्रा और पारिवारिक ईतिहास देखकर डॉक्टर रक्त शर्करा कम करने के लिए कुछ दवा दे सकते हैं। अपने डॉक्टर की सलाह्नुसार समय पर दवा लेना चाहिए। रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को नियंत्रण में रखना चाहिए। 
ऊपर दिए हुए एहतियात बरतने से शरीर में Insulin की कार्यक्षमता फिर से बढने लगती हैं और रक्त शर्करा की मात्रा नियंत्रण में आने से आपको मधुमेह जैसे रोग से रक्षण मिल सकता हैं। अगर आप Prediabetes के श्रेणी में आते है तो आपको हर वर्ष अपने डॉक्टर से रक्त शर्करा की मात्रा अवश्य जांच कराना चाहिए।

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  1. Replies
    1. नमस्कार अशोकजी !
      ब्लॉग पर भेट देने हेतु धन्यवाद !!

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