Migraine किसे कहते है ?

Migraine जिसे हम सामान्य भाषा में अर्धकपारी या अर्धशिशि भी कहते है, एक प्रकार का सिरदर्द का रोग है। Migraine में सिर के एक हिस्से में जबरदस्त दर्द होता है। यह दर्द कुछ घंटो से लेकर कुछ दिनों तक भी हो सकता है। Migraine में सरदर्द के समय सिर के निचे की धमनी बड़ी हो जाती है और सिर का दर्द वाले हिस्से में कभी कभी सूजन आ जाती है।

Migraine के क्या लक्षण है ? 

Migraine के लक्षण निचे दिये गए है :
  1. सिरदर्द  के आधे या कभी पुरे हिस्से में जबरदस्त दर्द होना। 
  2. आँखों में दर्द होना, धुंदला दिखाई देना या आँखो के सामने बिजली चमकना। 
  3. हाथ और पैर ठन्डे / सुन्न पड़ जाना। 
  4. भूक कम लगना / जी मचलाना (Nausea ) / उलटी होना। 
  5. आवाज और रोशनी के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाना। 
  6. कमजोरी। 
  7. ज्यादा पसीना आना। 
  8. कही पर भी ध्यान केंद्रित न कर पाना। 
Migraine होने के क्या कारण है ?

आज दुनिया में Migraine के मरीजों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। Migraine बीमारी का कोई ठोस कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है। आज के भागदौड़ वाली जिंदगी के कारण बढ़ते हुए तनाव, खान पान की आदते, असंयम, अनुवांशिकता और उच्च रक्तचाप इत्यादि कारणों से पीड़ित व्यक्ति में Migraine होने की आशंका ज्यादा पायी जाती है। 

Migraine के मरीज ने किन बातों का ख़ास ध्यान रखना चाहिए ?

Migraine के मरीजों ने क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए इस संबंधी अधिक जानकारी निचे दी गयी है :

Migraine-causes-symptoms-treatment-In-Hindi


क्या करे
  1. संतुलित आहार ले। ज्यादा समय तक भूखे पेट न रहे। 
  2. भरपूर मात्रा में पानी पीना चाहिए।  
  3. पर्याप्त नींद ले। अधूरी नींद या ज्यादा सोने से भी Migraine का दर्द बढ़ सकता है। 
  4. डॉक्टर की सलाह अनुसार दवाई लेना चाहिए। कुछ दवाइयों के कारण भी Migraine हो सकता है. इसलिए बिना डॉक्टरी सलाह के कोई दवा नहीं लेना चाहिए। 
  5. तनाव मुक्त रहने की कोशिश करे। योग, प्राणायाम या संगीत सुनकर मन को शांत रखने की आदत डाले और तनाव से दूर रहने की कोशिश करे। 
  6. गलत तरीके से उठने, बैठने या सोने से आप के पीठ, गर्दन या सिर से जुड़े स्नायु में आकुंचन आने से भी दबाव के कारण Migraine का दर्द बढ़ सकता है। हमेशा काम करते वक्त, बैठते समय या आराम करते समय शरीर का आसान / Posture सही रखने की कोशिश करे।     
  7. नियमित हर रोज कम से कम 30 मिनिट तक व्यायाम करे। 
  8. क्रोध, शोक, भय इत्यादि भावनाओ को दबाने से भी Migraine हो सकता है। इसलिए भावनाओ को दबाने के बजाए इन्हे अपने परिचित और विश्वस्त लोगो के साथ बांटे / Share करे। 
  9. Hormonal Imbalance की वजह से भी Migraine हो सकता है। इसी कारण Migraine का प्रमाण पुरुषो से ज्यादा स्त्रियों में पाया जाता है। इसीलिए Hormonal Imbalance की समस्या होने पर, डॉकटर से इसका इलाज जरूर करा लेना चाहिए। 
  10. Migraine का दर्द होने पर दर्द वाले हिस्से पर ठन्डे पानी की पट्टी रखने से रक्त धमनियां फ़ैल जाती है और दर्द कम हो जाता है।  

क्या न करे
  1. डॉक्टर की सलाह बिना कोई दवा न ले। बाजार में Migraine के इलाज के लिए कई तरह की दवा मिलती है परन्तु उनके कुछ side effects भी है।
  2. तेज धुप में बाहर न जाए। तेज रोशनी की तरफ न देखे। गर्मी के दिनों में बाहर जाते समय टोपी / Hat का इस्तेमाल करे। 
  3. ज्यादा समय तक Computer या Mobile पर काम करने या Games खेलने से बचे।  
  4. ज्यादा नजदीक से T.V. या Computer न देखे। 
  5. कम रोशनी में या धुंदली जगह पर काम न करे।
  6. किसी भी तरह के सिरदर्द को हलके में न ले। 
  7. ज्यादा उचाई वाली जगह पर न जाए। 
  8. तेज गंध / Scent वाली जगह पर काम न करे। तेज गंध वाले इत्र, Deodrant इत्यादि का प्रयोग न करे। 
  9. निचे दिए हुए कुछ खाद्यपदार्थों से Migraine का हमला होने की आशंका ज्यादा होती है। अगर आपको निचे दिए हुए खाद्यपदार्थों (Migraine Triggers) से Migraine होता है, तो इनका उपयोग न करे। 
  • Junk Food या डिब्बा बंद पदार्थ। 
  • Caffeine युक्त पदार्थ। 
  • पनीर, चीज, चॉकलेट। 
  • नूडल्स। 
  • कुछ प्रकार के नट्स। 
  • शराब, तंबाकू। 
  • प्याज, केला। 
  • अचार, पापड़।      
भारत के साथ दुनिया भर में बढ़ते तनाव के कारण Migraine के मरीजो की संख्या में लगातार बढ़त हो रही है। बार बार होने वाले Migraine के सिरदर्द को हमें हलके में नहीं लेना चाहिए। Migraine का दर्द बढ़कर कभी लकवा या Brain Haemorrhage का कारण भी बन सकता है।

अगर आपको सिरदर्द के साथ ऊपर दिए गए लक्षणों में से कोई लक्षण दिखाई देते है तो अपने डॉक्टर से जांच करा लेना चाहिए। Migraine के उपचार के लिए आज कई सुरक्षित दवा बन चुकी है। दवा के साथ ऊपर दी गयी सावधानिया बरत कर हम आसानी से Migraine पर विजय पा सकते है।   


Image courtesy : iosphere at FreeDigitalPhotos.net

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  1. हेलो सर, मैं जब कीसी भी लेख की continue reading के link पे click करता हूँ तो वह मुझे start की heading पे लेके जाता हैं। Please help.....

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    1. Kindly check now, I have resolved the problem. If it you face such problem again in reading any article, do reply.
      Thanks for visiting the blog !

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  2. Sir
    I was having symptoms similar to Migraine from the age of 10. The frequency and severity of headaches kept reducing till the age of 30. Then one day i had a stroke about 5 yrs back. It was diagnosed as AVM. Luckily i was treated though it caused tunnel vision in my eyes. Is there any cure for this?
    I had CT scan 2 yrs before stroke but doctors could not identify that there was AVM.

    Can you suggest some methods to the readers for early diagnosis of this problems.

    Sudhir Jha

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    Replies
    1. Thanks Sudhir for visiting the blog and commenting here.

      ArterioVenous Malformation (AVM) can only be diagnosed by CT Scan or MRI of the brain. So if any one is suffering from long standing headache and vertigo problem, one should consult a neurophysician or neurosurgeon and do the required investigations. Also, I have just written an article on Stroke in which I have mention about FAST to identify stroke easily.

      Here is the link - http://www.nirogikaya.com/2014/10/stroke-in-hindi.html

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  3. हाँ ! पहले इसे लोग इग्नोर कर देते थे लेकिन अब समझने लगे हैं ! बेहतरीन और उपयोगी पोस्ट लिखी है आपने डॉक्टर साब

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  4. I m happy and certified with you. And thanks to give us knowledge. Thanks dear dr..

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