दुनिया में लगभग हर मिनिट किसी न किसी व्यक्ति कि ह्रदय कि बीमारी के कारण मृत्यु हो जाती है। ह्रदय कि समस्याए लगातार बढ़ रही है और इससे संबंधित भ्रांतिया भी। हमारे बिच ह्रदय रोग को लेकर कई भ्रांतिया है जिनकी सच्चाई समझना बेहद जरुरी है।

निचे ह्रदय रोग से सम्बंधित प्रमुख 10 भ्रांतिया और उनकी सच्चाई संबंधित जानकारी दी गयी है :

Top-10-Myths-about-Heart-Diseases-in-Hindi

भ्रान्ति - 1 : ह्रदय कि बीमारी ज्यादा उम्र के लोगो को ही होती है !

सच्चाई : यह सच है कि, ह्रदय कि बीमारी होने का अधिक खतरा वृद्धो में अधिक होता है परन्तु ह्रदय कि बीमारी किसी भी आयुवर्ग के पुरुषो और महिलाओ को प्रभावित कर सकती है। जो व्यक्ति स्वस्थकर जीवनचर्या का अनुकरण नहीं करते है उन्हें ह्रदय कि बीमारी के साथ Diabetes, Hypertension और Atherosclerosis होने का खतरा बना रहता है। जिन लोगो के परिवार में नजदिक के रिश्तेदारो में जैसे कि माता-पिता या भाई-बहन में कम आयु में ह्रदय कि बीमारी हुई होती है, उन्हें कम आयु में इस बीमारी के खतरे कि संभावना अधिक होती है।

भ्रान्ति - 2 : ह्रदय कि बीमारी पुरुषो कि बीमारी है, यह महिलाओ को प्रभावित नहीं करती है !

सच्चाई - ह्रदय कि बीमारी किसी भी आयुवर्ग के पुरुषो और महिलाओ को प्रभावित कर सकती है और 50 वर्ष के बाद पुरुषो के मुकाबले महिलाओ को अधिक प्रभावित करती है। 50 वर्ष आयु के पहले महिलाओ में Estrogen Hormone महिलाओ को  ह्रदय कि बीमारी के खतरे से बचाता है। जो युवा महिलाए Oral Contraceptive Pills लेती है या धूम्रपान करती है, या जिनके परिवार में ह्रदय कि बीमारी का इतिहास है, उन्हें इसका खतरा अधिक होता है।

भ्रान्ति - 3 : मुझे हल्का दिल का दौरा पड़ा है इसलिए घबराने कि जरुरत नहीं है !

सच्चाई - दिल का दौरा / Heart attack हल्का या भारी नहीं होता है। दिल के दौरे के बाद कई लोग तो हॉस्पिटल तक भी नहीं पहुच पाते है और जो पहुचते है उनमे से कुछ जीवित नहीं बच पाते है। दिल के दौरे को कभी हलके में न ले और सीने में दर्द, बहुत पसीना आना, जबड़े मे दर्द, हात में दर्द इत्यादि लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करे। दिल का दौरा पड़ने के बाद डॉक्टर के सलाह अनुसार अपने आहार विहार और दिनचर्या में आवश्यक बदलाव करे।

भ्रान्ति - 4 : "मुझे ह्रदय कि बीमारी के कोई लक्षण नहीं है फिर मुझे ह्रदय कि बीमारी कैसे हो सकती है ?"

सच्चाई : लगभग 30 % ह्रदय रोगियो में ह्रदय कि बीमारी का कोई लक्षण नहीं होते है और इसीलिए इसे Silent Killer भी कहा जाता है। कभी-कभी ह्रदय कि बीमारी के लक्षण को रोगी Acidity, अपचन या स्नायु का दर्द समझ कर उस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं देता है और फिर बिमारी अधिक बढ़ जाने के बाद ही ह्रदय कि बीमारी का निदान होता है। सीने में दर्द या जलन, सांस लेने में तकलीफ, सीने में भारीपन और पसीना आना इत्यादि कोई लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से जांच कराना चाहिए। 

भ्रान्ति 5 : आनुवांशिक होने पर ह्रदय रोग को रोकपाना मुश्किल होता है !

सच्चाई : यह सच है कि अगर आपके माता या पिता को ह्रदय रोग है तो आपको ह्रदय रोग होने का खतरा अधिक होता है, पर अगर आप संतुलित आहार-विहार करे तो इस खतरे को काफी हद तक कम कर सकते है। रोजाना व्यायाम, संतुलित आहार, 20 वर्ष कि आयु से ही Cholesterol का नियंत्रण, स्वस्थ वजन बनाए रखे। धूम्रपान न करे।

भ्रान्ति 6 : " मुझे सीने में दर्द नहीं होता है, इसका मतलब मुझे ह्रदय कि बीमारी नहीं है ! "

सच्चाई : यह सच है कि ज्यादातर ह्रदय कि बीमारी या Heart attack में सीने में दर्द होता है परन्तु जरुरी नहीं है कि हर Heart attack के समय सीने में दर्द हो। कुछ Heart attack के समय सिर्फ सांस लेने में तकलीफ होना, चक्कर आना, सीने में भारीपन, कंधे जबड़ा या गर्दन में दर्द इत्यादि लक्षण दिखाई देते है। ध्यान रहे कि इन लक्षणो में से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अपने डॉक्टर से ECG इत्यादि जांच करा ले।

भ्रान्ति 7 : Angioplasty, Stent या Bypass Surgery हृदय को बिलकुल ठीक कर देती है !

सच्चाई : Angioplasty, Stent या Bypass Surgery ह्रदय कि रक्त वाहिनियों को सही कर सकती है। यदि दिल के दौरे के कारण ह्रदय को क्षति हुई है तो ह्रदय गति में अचानक बदलाव या ह्रदय गति के रुकने से अचानक मृत्यु होने कि संभावना रहती है। इसलिए जरुरी है कि आप Angioplasty, Stent या Bypass Surgery के बाद अपने डॉक्टर से नियमित जांच करते रहे और उनके सलाह अनुसार दवा लेने के साथ-साथ आहार विहार में भी योग्य बदलाव करे।

भ्रान्ति 8 :Bypass Surgery के बाद डॉक्टर से जांच करवाना या दवा लेना जरुरी नहीं है !

सच्चाई : Bypass Surgery हो या Angioplasty और Stent लगाना, यह सिर्फ वर्त्तमान समस्या का समाधान करते है। यह इलाज कराने के बाद भी नियमित रूप से अपने डॉक्टर द्वारा जांच और दवा लेना जरुरी है। खासकर Ecosprin और Clopidogrel जैसी रक्त का थक्का न बनने देने वाली दवा और उच्च रक्तचाप कि दवा बिना किसी डॉक्टरी सलाह के कभी बंद न करे।

भ्रान्ति 9 : दिल का दौरा / Heart attack आने के बाद कोई व्यायाम नहीं करना चाहिए !

सच्चाई : दिल का दौरा / Heart attack आने के बाद आप अपने डॉक्टर कि सलाह अनुसार मध्यम व्यायाम करना शुरू कर सकते है। जो रोगी दिल का दौरा / Heart attack आने के बाद नियमित व्यायाम करते है वे व्यायाम न करने वाले सुस्त ह्रदय रोगियोसे ज्यादा लंबा और स्वस्थ जीवन जीते है। कोई भी व्यायाम शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर कि राय ले और धीरे-धीरे व्यायाम करने कि गति और अवधि को बढ़ाए।

भ्रान्ति 10 : " मेरी हृदयगती / Heart rate तेज चल रही है इसका मतलब मुझे Heart attack आया है ! "   

सच्चाई : दिन में हर समय हर गतिविधि के साथ  हृदयगती / Heart rate बदलते रहता है। जब आप बहोत खुश हो, उत्तेजित हो या व्यायाम कर रहे हो तब  हृदयगती / Heart rate बढ़ना सामान्य बात है। कभी-कभी  हृदयगती / Heart rate असामन्य रूप से तेज हो जाती है जिसे Arrhythmia भी कहते है। अक्सर यह कोई गम्भीर बात नहीं होती है फिर भी बिना वजह  हृदयगती / Heart rate असामन्य रूप से तेज या मंद हो जाने पर डॉक्टर द्वारा जांच कर इलाज कराना जरुरी है।

अगर आपको यह लेख उपयोगी लगता है तो कृपया इस लेख को निचे दिए गए बटन दबाकर अपने Google plus, Facebook या Tweeter account पर share करे !

आपसे अनुरोध है कि आप आपने सुझाव, प्रतिक्रिया या स्वास्थ्य संबंधित प्रश्न निचे Comment Box में या Contact Us में लिख सकते है !

Image courtesy : digitalart / FreeDigitalPhotos.net
loading...

Post a Comment

Author Name

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.