अस्थमा (Asthma) / दमा यह एक allergic रोग है जिसका समय पर उपचार (treatment) न करने पर रोगी व्यक्ति की हालत गंभीर हो सकती हैं। अस्थमा का रोकथाम करने के लिए रोगी व्यक्ति को दिए जानेवाले उपचार की जानकारी और महत्व पता होना जरुरी होता हैं।

अस्थमा की चिकित्सा में कई प्रकार की दवाईयों का उपयोग किया जाता है। अस्थमा के चिकित्सा में उपयोग की जानेवाली मुख्य दवा की जानकारी निचे में गयी हैं :

अस्थमा की चिकित्सा में उपयोग में आने वाली दवाईयों का मुख्य उद्देश कुछ इस प्रकार है -
  1. श्वसन नलिका में वायु मार्ग खोलना 
  2. एलर्जी कारको के प्रति आपके शरीर की प्रतिक्रिया कम करना 
  3. आपके श्वसन नलिका के वायु मार्ग की सुजन कम करना 
  4. रक्त संकुलता कम करना  
१) श्वसन नलिका में वायु मार्ग खोलना / Bronchodilators
  • ब्रोंकोडायलेटर दवाईया श्वसन नलिका के आसपास की मांसपेशियों को आराम देता है, श्वसन नलिका के वायु मार्ग को चौड़ा करता है और हवा के प्रभाव में सुधार लाता है। ईन दवाईयों को आमतौर पर साँस के द्वारा लिया जाता है। 
  • ब्रोंकोडायलेटर का एक प्रकार बीटा एगोनिस्ट कहलाता है , यहाँ हलके और कभी कभी आनेवाले लक्षणों के बचाव दवा के रूप में दौरे को रोकता है। यह श्वसन यन्त्र के द्वारा साँस में जा सकता है या नेबूलायजर के साथ लिया जा सकता है। 
  • अस्थमा के नियंत्रण के लिए इनका इस्तेमाल किया जाता है। यह अस्थमा के तीव्र हमले के दौरान इतने लाभदायक नहीं है क्योंकि ये काम शुरू करने में लम्बा समय लेते है। 
२) Steroids 
  • एलर्जी कारको के प्रति शरीर की प्रतिक्रया कम करने के लिए और श्वसन नलिका के वायु मार्ग की सुजन कम करने के लिए steroids दवा  का इस्तेमाल किया जाता है। 
  • यह दवा मौखिक और श्वसन मार्ग दोनों तरह से उपयोग में ली जा सकती है। 
  • Steroids दवाईया दुधारीतलवार की तरह होती है , ईन दवाईयों को इस्तेमाल सही ढंग से ना करने पर शरीर को नुकसान भी होसकता है।अस्थमा के तीव्र हमले के समय यह  दवा जीवन रक्षक सिद्ध होती है।
  • ईन दवाईयों का उपयोग डॉक्टर के सलाह अनुसार ही करे !
Asthma-treatment-in-Hindi
३) Inhalers 
  • इन्हालेर्सने अस्थमा के रोगियों की जिंदगी आसान बना दी है। इनके उपयोग से अस्थमा रोगियों की सामान्य दैनिक गतिविधिया करना आसान हो गया है।
  • इनहेलर को मुह में लगाकर दवा को साँस द्वारा अन्दर खीचने पर दवा सीधी और तुरंत फेपड़े में श्वसन नलिका में पहुचती है और इस कारण इन्हालेर्सज्यादा असरदार साबित होते है।
  • आमतौर परा अस्थमा में दवा मुहसे लेनेसे  फेफड़े तक सिर्फ ६० % ही दवा पहुच पाती है पर इन्हालेर्स द्वारा दवा लेने पर दवा सीधी फेपड़े में पहुचने से इसकी खुराक भी कम लगती है।
  • अध्ययनों से पता चला है की इन्हालेर्स को इस्तेमाल करने वाले अस्थमा के रोगी को अस्पताल में दाखील होने की कम जरुरत पड़ती है और साथ ही यह रोगी काम और स्कुल एवम कोंलेज मे नियमित रूप से उपस्थित रहते है।
४) योग 
  • योग : नियमित योग करने से अस्थमा के रोगियों को लाभ होता हैं। 
  • नियमित प्राणायाम करने से फेफड़ों की कार्यक्षमता बढती है और अस्थमा में लाभ होता हैं। 

यहाँ पर हमने अस्थमा के चिकित्सा संबंधी संक्षिप्त जानकारी ली है।

अस्थमा संबंधी संपूर्ण जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे - अस्थमा  

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  1. Hello…..
    Very nice post…….
    If you know about asthma treatment

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  2. Kya is bimari ko jad se khatam karne ka koi upay nhi h

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    Replies
    1. अस्थमा को जड़ से ख़त्म करना फिलहाल मुमकिन नहीं हैं. योग, प्राणायाम, व्यायाम और आवश्यक एहतियात बरत कर आप अस्थमा के दौरे को कम कर सकते हैं.

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  3. Hi sir,
    mujhe 7 month se Cough wali Khansi h. Mene sabhi test karvaye he but sabhi me normal hi aaya he, or fir bhi khansi band nhi huyi he, me puri saans leta hu or bolta hu khansi aayegi, me normal nhi bol pa rha. Jab bhi bolna ho to zor se hi bolna padta he, ye kya he mujhe samjh ni aa raha he. Mera wait bhi loss ho rha he

    ReplyDelete
    Replies
    1. कृपया अपनी रिपोर्ट और XRAY हमें ८५११७४८३०१ पर WHATSAPP करे.

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