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भारत में लगभग हरवर्ष बारिश के दिनों में और ठण्ड के दिनों में डेंगू / Dengue और स्वाइन फ्लू / Swine Flu के रोगियों की संख्या बढ़ जाती हैं। डेंगू मच्छर के काटने से फैलता है और इसलिए आप मच्छर की रोकथाम करे तो आसानी से बच सकते है पर Swine Flu यह रोग हवा में मौजूद इसके H1N1 विषाणु से फैलता है और इससे बचने के लिए हमें विशेष उपाय योजना करनी होती हैं।

Swine Flu का रोगी जब भी छींकता या खांसता है तो इसके विषाणु हवा में फ़ैल जाते है और जब कोई स्वस्थ व्यक्ति इनके संपर्क में आता है तो नाक या मुंह द्वार से स्वस्थ व्यक्ति के अंदर प्रवेश कर रोग को फैलाता हैं। ऐसे तो हमने पहले ही Swine Flu के कारण, लक्षण, उपचार और बचने के उपाय सबंधी लेख इस ब्लॉग पर प्रकाशित किया है पर आज की स्तिथि को देखते हुए हम कुछ ऐसे विशेष उपाय की जानकारी आज इस लेख में देने जा रहे है जिन्हे अपनाकर आप Swine Flu से अपने आप को और अपने परिवार को बचा सकते हैं।

Swine Flu से बचने के इन विशेष उपाय की जानकारी निचे दी गयी हैं :

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Swine Flu से बचने के विशेष उपाय 

How to prevent Swine Flu in Hindi

Swine Flu के लक्षण आम सर्दी खांसी जैसे ही होने के कारण किसी भी आम व्यक्ति के लिए यह पहचानना बेहद कठिन हो जाता है की आप के साथ वाले व्यक्ति को Swine Flu है या नहीं। भारत जैसे देश में जहा इतनी भीड़ भाड़ होती है Swine Flu से बचना कठिन हो जाता हैं।

Swine Flu के वायरस से संपर्क में आने से इतनी दिक्क्त नहीं होती है, दिक्क्त तो तब होती है जब यह वायरस आपके शरीर में पहुंचकर अपनी संख्या बढ़ाने लगता है और शरीर के अंधरुनि अंगो पर असर डालना शुरू करता हैं। हम Swine Flu वायरस से बचे और अपने शरीर में इनकी संख्या न बढ़ने दे इसलिए हमें निचे दिए हुए कुछ विशेष उपाय करना चाहिए :
  1. हाथ धोना / Hand washing : Swine Flu के वायरस केवल हवा में ही नहीं होते बल्कि वह टेबल, टेलीफ़ोन, मोबाइल, हैंडल जैसे सतह पर भी कुछ समय के लिए जीवित रह सकते है और ऐसे में यह हमारे हाथ को लगकर मुंह और नाक तक पहुंच सकते है। हमेशा खाना खाने, मुंह या नाक को हाथ लगाने से पहले अच्छे साबुन या डिसइन्फेक्टेन्ट से हाथ धोये। 
  2. चेहरे को न छुए / Hands of the face : बिना हाथ धोये या बार-बार बेवजह अपने हाथ को अपने चेहरे को न छुए। 
  3. गरारे करे / Gargling : गुनगुने गर्म पानी में नमक या Listerine डालकर दिन में २ से ३ बार गरारे करे। ऐसा करने से आपके गले में मौजूद यह Swine Flu वायरस नष्ट हो जायेंगे। Swine Flu के वायरस आप के गले में 2 से 3 दिन रहने के बाद ही अपनी संख्या बढ़ाना शुरू करते है और शरीर को नुकसान पहुंचाते है ऐसे में गरारे करने से आप Swine Flu से बच सकते हैं। गरारे करने से वही काम होता है जो Swine Flu की दवा इस समय टैमीफ्लू करती हैं। 
  4. नाक साफ करे /Clean Nose : गरारे की तरह आप गुनगुने गर्म पानी में नमक डालकर उसमे रुई भिगोकर अपना नाक साफ़ करे। इससे भी गरारे की तरह ही लाभ होगा। 
  5. विटामिन C : आहार में विटामिन C युक्त फल अधिक ले। इससे आपकी रोग प्रतिकार शक्ति बढ़ती हैं और Swine Flu से लड़ने में मदद मिलती हैं। पढ़े - विटामिन C के आहार स्त्रोत 
  6. गर्म पेय / Hot Drinks : दिन में २ से ३ बार गर्म सुप, चाय या कॉफी पिए। यह गरारे की तरह ही काम करता है और साथ ही यह वायरस को अपने साथ पेट में लेजाता है जहा मौजूद एसिड इनका सफाया कर देता हैं। 
यहाँ हमने केवल Swine Flu से बचने के विशेष उपाय की जानकारी दी है जो भारत के सुप्रसिद्ध डॉक्टर विनय गोयल जी द्वारा दी गयी हैं। Swine Flu की पूरी जानकारी आप हमारे पहले से प्रकाशित इन लेख में click कर पढ़ सकते हैं।
  1. Swine Flu के कारण, लक्षण और उपचार  
  2. Swine Flu से जुड़े भ्रम और सच्चाई 
अगर यह Swine Flu से जुडी जानकारी आपको उपयोगी लगती है तो कृपया इसे शेयर अवश्य करे !

तंबाकू / Tobacco, दुनिया में सबसे ज्यादा प्रयोग किए जाने वाले नशे के प्रकारों में से एक है। यह गुटखा, जर्दा, खैनी, बीडी, सिगरेट, हुक्का, चिलम आदि अनेक रूपों में प्रयोग किया जाता है। तंबाकू उत्पादों का सेवन धीमी मौत के रूप में काम करता है। तंबाकू उत्पाद कैंसर, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, धमनी कठिनता, एसिडिटी, अल्सर आदि अनेक रोगों का कारण है। 

लोगों में तंबाकू का सेवन का प्रमाण कम करने के लिए और तंबाकू के दुष्परिणाम से जुडी जागरूकता निर्माण करने के लिए सरकार की तरफ से कई कार्यक्रम चल रहे है परन्तु फिर भी लोग इसकी आदत से छुटकारा पाने में असफल रहते हैं। अधिकतर लोग मित्रों का दबाव, शौकिया, फिल्मों से प्रेरित होकर, पारिवारिक माहौल, गलत संगत आदि कारणों से तंबाकू का सेवन करना शुरू करते हैं। 

आज इस लेख में हम आपको तंबाकू की आदत से छुटकारा पाने के कुछ आसान आयुर्वेदिक घरेलु उपाय की जानकारी देने जा रहे है जिन्हे अपनाकर आप सफलतापूर्वक इस जहरीले तंबाकू की आदत को छोड़ पाएंगे। 
तंबाकू की आदत छोड़ने के आयुर्वेदिक घरेलू उपाय की जानकारी निचे दी गयी हैं :


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तंबाकू की आदत छोड़ने के 7 आयुर्वेदिक घरेलू उपाय 

Ayurveda Home remedies to quit Tobacco in Hindi

तंबाकू में प्रमुख एक्टिव तत्व निकोटिन है। इसके नियमित सेवन से कैंसर और ह्रदय रोग जैसे गंभीर दुष्परिणाम होते हैं। अचानक तंबाकू की लत को छोड़ने से भी कमजोरी, थकान, बैचेनी, हाथ-पैर कांपना, जी मचलाना, चक्कर आना जैसे तंबाकू बंद करने (विथड्रावल) के लक्षण नजर आते हैं और पीड़ित दुबारा तंबाकू का सेवन करना शुरू कर देता हैं। 

आज इस लेख में हम आपको ऐसे आयुर्वेदिक घरेलु जड़ीबूटी की जानकारी देने जा रहे है जिससे तंबाकू की आदत से भी छुटकारा मिलता है और इसे छोड़ने से शरीर पर होनेवाले प्रारंभिक लक्षण भी कम होते हैं जिससे पीड़ित सफलतापूर्वक तंबाकू को छोड़ पाता हैं। 
  1. आंवला : 100 ग्राम चुकंदर के रस में कद्दूकस से कसे हुए आंवले के टुकड़े इतने डालें जो रस में डूब जाए। हल्का काला नमक डालें। सब को अच्छे से मिक्स करके दो से तीन दिन छाया में सुखा कर रख ले। नशे की तलब होने पर तीन चार टुकड़े मुंह में रखकर चबाए। तलब कम करने, पाचन ठीक करने और भूख बढ़ाने में यह उपयोगी उपाय है। 
  2. अदरक : अदरक के छोटे-छोटे टुकडे करें। इसमें थोड़ा नींबू का रस एवं थोड़ा सा काला नमक डाल ले। धूप में सुखा लें। एक-दो टुकड़े दिन में तीन-चार बार चबाना तंबाकू-बीड़ी-सिगरेट की तलब को कम करने, गैस, एसिडिटी, अपचन में बहुत फायदेमंद है। 
  3. अजवाइन : समान मात्रा में अजवाइन और सौंफ लेकर तवे पर भुने। इसमें स्वादानुसार निम्बू का रस मिलाये। जब भी तंबाकू या बीड़ी-सिगरेट पिने की इच्छा हो तो इस मिश्रण के कुछ दाने मुंह में रखे और चबाये। इससे तंबाकू की तलब कम होगी और पाचन भी बढ़िया रहेगा।  
  4. मुलहटी : खांसी, सिरदर्द, जुखाम जैसे तंबाकू छोड़ने के लक्षण होने पर मुलहटी का टुकड़ा मुंह में रख कर चूसे या मुलहटी पाउडर आधा चम्मच की मात्रा में थोड़ा शहद मिलाकर चाटे। 
  5. निम्बू : 250 ml गुनगुने पानी में आधा निम्बू का रस और दो चमच्च शहद मिलाकर रोज सुबह खाली पेट पिने से भी तंबाकू की तलब धीरे-धीरे कम होगी और शरीर में मौजूद निकोटिन आदि विषैले तत्व बाहर निकालेंगे। 
  6. हरड़ : कब्ज, गैस, एसिडिटी, भूख न लगना जैसे लक्षणों में हरड़ उपयोगी है। कब्ज होने पर आधा से एक चम्मच की मात्रा में इसका चूर्ण रात में गर्म पानी के साथ ले। नशे की तलब होने पर हरड़ वटी या कच्ची हरड़ के टुकडे, आंवले के टुकडे, सौंफ, इलायची मिलाकर चबाएं। 
  7. असगंध : हाथ-पैर कांपना, कमजोरी, थकान, बदन दर्द, अनिद्रा, तनाव जैसे लक्षणों में 3 से 5 ग्राम असगंध पाउडर सुबह शाम दूध के साथ लेना लाभदायक है। 
Click करे और अवश्य पढ़े - धूम्रपान / Smoking छोड़ने के उपाय
यदि नशा करते हुए ज्यादा समय नहीं हुआ है और नशे की मात्रा भी कम है तो यह उपाय बहुत फायदेमंद साबित होते हैं। यदि ज्यादा मात्रा में और काफी समय से नशा कर रहे हैं तो डॉक्टर से अवश्य राय लेना चाहिए। नशे से जुड़े माहौल को पूरी तरह बदलने की कोशिश करें और नशे को छोड़ने का मजबूत संकल्प लें। 

हर वर्ष भारत में लाखो लोग की मृत्यु तंबाकू से होनेवाले दुष्परिणाम के कारण होती हैं। अगर यह तंबाकू की आदत से छुटकारा पाने के आयुर्वेदिक घरेलु उपाय की जानकारी आपको उपयोगी लगती है तो कृपया इसे शेयर अवशय करे ! आपका एक शेयर किसी परिवार को बचा सकता हैं ! धन्यवाद !! 

नमस्कार मित्रों, आप सभी यह बताते हुए हमें बेहद ख़ुशी हो रही है की यह लेख हमारे निरोगिकाया स्वास्थय ब्लॉग का 400 वां लेख हैं। पिछले 4 वर्षों से मिल रहे आप सभी के स्नेह और समर्थन के लिए निरोगिकाया टीम की तरफ से सबको बहोत-बहोत धन्यवाद ! हमारी कोशिश रहेगी की आगे भी हम इस वेबसाइट पर आपके लिए उपयोगी स्वास्थ्य जानकारी सरल हिंदी भाषा में उपलब्ध कराते रहेंगे। 

पुरानी कहावत है " जैसा खावे अन्न, वैसा होवे मन।" अर्थात हम जिस प्रकार का आहार सेवन करते है, वैसे ही हमारा मन होता है, जैसे सात्विक आहार के सेवन से सात्विक मन। लेकिन आज के जमाने मे इसमें और सुधार किया जा सकता है, जैसे " जिस वक्त खाये अन्न, वैसा होवे शरीर व मन। "  

सात्विक आहार के साथ आहार का उचित समय भी हमारे अच्छे स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हमारे प्राचीन ग्रंथों में यह लिखा गया है कि हमें रात का खाना जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी और खासकर सूर्यास्त के पहले खाना चाहिए। जैन धर्म में तो सूर्यास्त के पहले खाने पर काफी जोर दिया गया है। रात्रि भोजन त्याग केवल आध्यात्मिक दृष्टि से ही नही बल्कि शारीरिक दृष्टि से भी उत्तम स्वास्थ्य का प्रतीक माना गया है।  

पुराने जमाने के लोग रात में सोने के करीब 3 से 4 घंटे पूर्व भोजन कर लेते थे, जिस वजह से उन्हें कई फायदे होते थे, जिनमें मुख्य है भोजन का पाचन व्यवस्थित होना, कब्ज गैस आदि परेशानियां ना होना, वजन संतुलित रहना, मन प्रसन्न रहना आदि।

आज जमाना काफी बदल गया है आधुनिक जीवन शैली हमारे जिंदगी से जुड़ गई है। समय बचाने के लिए हमने तरह-तरह के वैज्ञानिक आविष्कार किए हैं, इसके बावजूद हमारे पास समय की काफी कमी हो रही है। आज बहुत से कार्य हम समय की कमी के वजह से समय पर नहीं कर पाते और इनमें मुख्य काम है हमारा भोजन एवं नींद। 

गांव में तो आज भी लोग समय पर एवं जल्दी भोजन कर लेते हैं लेकिन शहर में इसका प्रमाण काफी कम है। कई लोग मजबूरी में जैसे नौकरी आदि की वजह से तो कई लोग आदतन और शोक की वजह से देर रात खाना खाते हैं पर वह इससे होने वाले दुष्परिणामों को नहीं देख रहे है। भागदौड़ भरी जिंदगी में हम यह नहीं समझ पा रहे हैं कि भोजन एवं नींद पर हमारा आधे से ज्यादा शारीरिक स्वास्थ्य निर्भर करता है। 

आयुर्वेद में कहा गया है कि पेट की आधी से ज्यादा बीमारियों की वजह हमारा आहार होता है अगर हम सही समय पर आहार लेते हैं तो उसका पाचन भी सही समय पर होता है, जिससे हम पेट की काफी समस्याओं  जैसे कब्ज, एसिडिटी, पेट फूलना, गैस आदि से निजात पा सकते हैं। 

सूर्यास्त के पहले खाना तो आज के भागदौड़ वाली जिंदगी में असंभव सी बात हो गई है, पर हमें कोशिश यह करनी चाहिए कि हम रात का खाना सूर्यास्त या 8 बजे के पहले और सोने के करीब 3 घण्टे पहले खा ले। अगर हम ऐसा नहीं करते हैं तो यह हमारे स्वास्थ्य के साथ लापरवाही होगी।


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रात में खाना खाने के नुकसान और इससे बचने के उपाय

रात में खाना खाने के क्या नुकसान हैं ? Side effects of eating late at night in Hindi

देर रात खाना खाने के कई शारीरिक एवं मानसिक नुकसान है, आइए हम इनके बारे में जानते हैं :-
  1. असंतुलित पाचन - देर रात खाना खाने से आहार के पाचन के लिए सही समय नहीं मिलता है जिस वजह से कब्ज, एसिडिटी, सीने व पेट में जलन, पेट फूलना, गैस, बवासीर,आंतों की बीमारियां आदि पेट की समस्याएं हो सकती है।
  2. बढ़ रहा है मोटापा - आज के दौर में मोटापा एक गंभीर समस्या बनती जा रही है और इसकी एक वजह यह भी है कि असमय या रात में काफी देर से खाना खाना। ठीक समय पर खाना ना खाने से बचा हुआ खाना कोलेस्ट्रोल याने चर्बी में परिवर्तित हो जाता है जिससे मोटापा बढ़ते जाता है। 
  3. नींद की कमी - रात में देर से खाने से आपको नींद नहीं आना या  जैसी मानसिक समस्याएं भी हो सकती है।
  4. मानसिक अशांति - देर से खाना खाने की वजह से मानसिक अशांति रहती है, क्योंकि देर से खाना खाने से ना तो आहार का पाचन व्यवस्थित होता है और नींद पूरी ना होने से मन अस्थिर रहता है।
  5. बढ़ता है चिड़चिड़ापन - देर रात खाना खाने से मस्तिष्क को आराम नहीं मिलता है जिस वजह से चिड़चिड़ापन, मांसपेशियों में दर्द हो सकता है। कई बार तो किसी काम में मन ना लगने से हमारा पूरा दिन भी खराब हो जाता है।
  6. हृदय पर भी होता है असर - देर रात खाने का असर आपके हृदय पर भी होता है और आपको उच्च रक्तचाप जैसी ह्रदय की समस्या हो सकती है।
जवानी के कारण कई बार हमें इससे होने वाले नुकसान महसूस नहीं होते हैं, पर जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है इसके दुष्परिणाम सामने आते हैं और फिर कई गंभीर बीमारियां भी होने लगती है।

देर रात खाने से बचने के क्या उपाय हैं ? Tips to avoid late night in Hindi

  • देर रात खाने से बचने का मुख्य उपाय तो यही है कि आप समय निकालकर सूर्यास्त से पहले या 8 बजे के पहले खाना खा ले। सेहत के प्रति जागरूक व्यक्तियों को तो सही समय पर खाना खाना बहुत जरुरी होता है।
  • आपको दोपहर का खाना भी दोपहर 12 से 1 बिच ही खा लेना चाहिए जिससे रात में जल्द भूक लगेगी और आप रात में जल्द खाना खाने के आदि भी हो जायेगे। 
  • अपने रोजाना खाने का एक नियम बना लीजिये और कोशिश करे की महीने कम से कम 25 दिन आप इस समय अनुसार खाना खाये। 
  • अगर काम की वजह से आपको ही लेट खाना पड़ता है जैसे कि आपकी जॉब की शिफ्ट ऐसी हो जिसमे आप जल्दी खाना नहीं खा सकते है तो आपने अपना टिफिन साथ में रखना चाहिए, जिसमें आप 15 मिनट का वक्त निकालकर खाना खा सके।
  • रात को खाना खाने के पश्चात कुछ देर अवश्य टहलना चाहिए जिससे आपका पाचन तंत्र सुचारु रुप से काम कर सके। यह तभी हो सकेगा जब आप रात का खाना थोड़ा जल्दी खाएं क्योंकि लेट खाना खाने से आप टहलेंगे कब और  सोएंगे कब ?
  • अगर आप करीब 6 बजे खाना खाते हैं और मान लीजिए 10 बजे सोते हैं तो आप 9 बजे के आसपास हल्की फुल्की एक्सरसाइज भी कर सकते हैं।
  • जल्दी खाना खाने के बाद अगर रात को सोने के पहले आपको फिर से भूख लगती है तो आप एक कप दूध या जूस भी पी सकते हैं, जो आपके शरीर को फायदा ही करेगा।
  • अगर किसी मजबूरी में आपको देर से खाना पड़े तो कोशिश करें कि आपका आहार हल्का हो एवं फाइबर की मात्रा अधिक हो। सलाद और सब्जी आप अधिक मात्रा में लें। देर रात खाने में तीखा, तला और मसालेदार आहार ना ले। एक रिसर्च से पता चला है कि जो लोग नाइट ईटिंग सिंड्रोम के शिकार होते हैं वह अपने आहार में कार्बोहाइड्रेट और फैट को अधिक मात्रा में लेते हैं, जिससे समय की कमी की वजह से आहार का ठीक से पाचन नहीं हो पाता है इसीलिए रात में हल्का आहार या फ्रूट, जूस  ही ले।
  • ऐसा कहा जाता है कि खाने के करीब एक से डेढ़ घंटे बाद पानी पीना चाहिए इसीलिए अगर आप जल्दी खाना खाते हैं तो आपको पानी पीने के लिए भी पर्याप्त समय मिल जाएगा और आप योग्य मात्रा में पानी भी पी सकते हैं जिससे आपका पाचन सही रहेगा।
हम सबने एक मुहावरा तो सुना ही है,


" Early to bed, Early to rise
   Makes man Healthy, Wealthy n Wise " 

इसके साथ अगर Early to EAT भी जुड़ जाए तो 'सोने पे सुहागा' हो जाएगा और हम सब एक बढ़िया स्वास्थ्य का खजाना पा सकते है।
तो ये है देर रात खाने के नुकसान एवम इनसे बचने के उपाय। आशा करते है आप सबके लिए यह लेख काफी उपयोगी साबित होगा और इसे आप अपने मित्रों के साथ शेयर भी करेंगे !
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Fibroid / फाइब्रॉएड जिसे हिंदी में रसौली भी कहते हैं महिलाओं में पायी जानेवाली एक आम स्वास्थ्य समस्या हैं। एक समय ऐसा था जब फाइब्रॉएड के उपचार के लिए सम्पूर्ण गर्भाशय निकालना (Hystrectomy) यह एक ही उपचार हुआ करता था पर अब समय के साथ Fibroid का उपचार करना बेहद आसान और सुरक्षित बन चूका हैं। 

Fibroid का आधुनिक उपचार के साथ आप कुछ उपयोगी घरेलु नुस्खे, आयुर्वेदिक उपचार और Yoga का सहारा भी ले सकते हैं। इनसे Fibroid का आकार नहीं बढ़ता हैं और Fibroid को सिकुड़ने में सहायता भी होती हैं। Fibroid का आधुनिक उपचार, आयुर्वेदिक उपाय, घरेलु नुस्खे और योग से जुडी जानकारी आज इस लेख में हम आपको देने जा रहे हैं। 

Click करे और अवश्य पढ़े - Fibroid का कारण, लक्षण, प्रकार और निदान से जुडी सारी जानकारी 

फाइब्रॉएड का आधुनिक उपचार, आयुर्वेदिक उपाय, घरेलु नुस्खे और योग से जुडी अधिक जानकारी निचे दी गयी हैं :
fibroid-treatment-upchar-yoga-in-hindi

Fibroid का उपचार कैसे किया जाता हैं ?

Fibroid Treatment in Hindi 

कुछ फाइब्रॉएड इतने छोटे होते है की उनके वजह से महिला को कोई तकलीफ नहीं होती और ऐसे छोटे फाइब्रॉएड का उपचार करने की आवश्यकता नहीं होती हैं। फाइब्रॉएड का उपचार दो प्रकार से किया जा सकता हैं। जो फाइब्रॉएड दवा से ठीक हो सकते है उन्हें दवा देकर ठीक किया जाता है और अन्य प्रकार के बड़े फाइब्रॉएड को ऑपरेशन कर निकाला जाता हैं। 
  1. दवा / Medicine : फाइब्रॉएड का उपचार करने के लिए डॉक्टर की सलाह से नियमित दवाई लेनी चाहिए। जो युवतियां गर्भवती होना चाहती है उनमे फाइब्राइड के साइज को कम करने के लिए हारमोंस की इंजेक्शन भी दिए जाते हैं। फाइब्रॉएड को सिकोड़ने के लिए हार्मोनल दवा दी जाती है जिनसे महिला के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन का प्रमाण नियंत्रित होता हैं। इसके साथ ही रोगी के जरूरत के अनुसार दर्दनाशक दवा और खून कम होने की स्तिथि में खून बढ़ाने की दवा भी दी जाती हैं। 
  2. ऑपरेशन / Surgery : अब नए इलाज आ गए हैं जिनमें गर्भाशय के साथ छेड़छाड़ किए बिना फाइब्राइड को निकाला जा सकता है। इस उपचार में मायो लाइसेस, laser removal, मायोमेक्टमी, surgical removal, uterine artery embolization जिसमे इंजेक्शन धमनियों में दिया जाता है और फाइब्राइड में होने वाली ब्लड सप्लाई को काट दिया जाता है। 
  3. बिना सर्जरी वाले ट्रीटमेंट : इनमें रेडियो फ्रीक्वेंसी एप्लीकेशन में हीट एनर्जी का इस्तेमाल करके गांठ को नष्ट कर देते हैं। दूसरे ट्रीटमेंट में एम आर आई की मदद से अल्ट्रासाउंड सर्जरी की जाती है जो है फाइब्रॉएड को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ देती है। 
समय के साथ फाइब्रॉएड के उपचार अधिक सुरक्षित और आसान हो गए हैं। फाइब्रॉएड का आकार और मरीज के जरुरत के अनुसार कौनसा उपचार उपयुक्त रहेगा यह डॉक्टर तय करते हैं। 

फाइब्राइड का आयुर्वेदिक घरेलू उपचार 

Ayurveda and Home remedies in Hindi

फाइब्राइड को प्राकृतिक रूप से ठीक करने के लिए ऐसे हमें अपने आहार में ऐसे आहार पदार्थों का सेवन करना चाहिए जो एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन होरमोंस को नियंत्रित रखे और फाइब्राइड को सिकोड़ दे। फाइब्राइड को ख़त्म करने के लिए हमें अपने आहार में इन घरेलु आयुर्वेदिक औषधि और आहार का सेवन करना चाहिए। 
  1. ब्रोकली / Broccoli : ब्रोकली हरे रंग की फाइबर से भरी हुई एक पौष्टिक आयुर्वेदिक औषधि है। ब्रोकोली में मौजूद एंजाइम फाइब्राइड को सिकोड़ने में मदद करते हैं। 
  2. बादाम / Almond : बादाम में प्रचुर मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड होते हैं जो कि यूटरस की लाइनिंग को ठीक करते हैं। फाइब्रॉएड ज्यादातर गर्भाशय की लाइनिंग पर ही होते हैं। 
  3. हल्दी / Turmeric : हल्दी एक बेहतरीन आयुर्वेदिक औषधि हैं। हल्दी पेट दर्द कम करने के साथ-साथ फाइब्राइड की सुजन भी कम कर देती हैं।
  4. प्याज / Onion : प्याज में प्रचुर मात्रा में सेलेनियम होता है जिससे मांसपेशिया मजबूत होती है। प्याज फाइब्राइड के आकारको बढ़ने से रोकता हैं।  
  5. लहसुन / Garlic : कच्ची लहसुन एक बहुउपयोगी आयुर्वेदिक औषधि हैं। इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण है जो किसी भी सुजन को कम करती हैं। 
  6. ग्रीन टी : रोजाना ग्रीन टी का सेवन सुबह शाम करने से फाइब्राइड होने का खतरा कम हो जाता हैं। इसमें अधिक मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट होते है जो फाइब्राइड का साइज़ कम करते हैं। 
  7. आंवला : रोजाना सुबह एक चमच्च आंवला पाउडर एक चमच्च शहद के साथ लेने से फाइब्राइड का आकार कम होने लगता हैं। 
  8. कच्ची सब्जियां : कच्ची या उबाली हुई सब्जिया फाइब्राइड का आकार कम करती हैं। इनसे महिलाओं के शरीर में हॉर्मोन नियंत्रण में रहते हैं। 
  9. दूध : अमेरिका में हुए एक संशोधन में यह बात पता चला है की रोजाना अपने आहार में दूध या दूध से बने पदार्थ का सेवन करने वाली महिलाओं में फाइब्राइड का खतरा 30 % तक कम रहता हैं। ऐसा दूध में मौजूद कैल्शियम के कारण हो सकता हैं। 
  10. आयुर्वेदिक उपचार : फाइब्राइड का उपचार करने के लिए चंद्रप्रभा वटी, कांचनार गुग्गुल, प्रदांत्रक चूर्ण, अश्वगंधा, ब्राम्ही, शतावरी, नीम, अशोक, मंजिष्ठा आदि आयुर्वेदिक औषधि का उपयोग किया जाता हैं। इसके साथ ही रोगी की प्रकृति और कुपित दोष के हिसाब से पंचकर्म उपचार भी किया जाता हैं। 


फाइब्राइड में कौन सा योग करे ? Yoga to cure Fibroid in Hindi 

योग भगाये रोग यह कहावत तो हम सभी जानते हैं। रोजाना योग और प्राणायाम करने से हमारा शरीर स्वस्थ रहता हैं, हॉर्मोन्स नियंत्रित  वजन भी सामान्य सामान्य रहता हैं। फाइब्राइड से छुटकारा पाने के लिए अपने निचे दिए हुए योग करना चाहिए :
  1. कपालभाती 
  2. अनुलोम विलोम 
  3. उज्जयी 
  4. सूर्यनमस्कार 
  5. भारद्वाजासन 
  6. सेतुबंधासन 
  7. सुप्तवीरासन 
  8. जनुशिर्शासन 
  9. वज्रासन 
  10. पश्चिमोत्तानासन 
इन सभी योग की जानकारी आप यह click कर पढ़ सकते हैं - सम्पूर्ण योग की जानकारी 
फाइब्राइड यह महिलाओं में होनेवाली एक आम समस्या है। समय पर उपचार और एहतियात बरतकर आप इससे होनेवाले दुष्परिणाम से बच सकते हैं। 
आशा है आपको यह फाइब्राइड के उपचार, घरेलु आयुर्वेदिक उपाय और योग उपचार की जानकारी उपयोगी लगी होगी और इसे आप शेयर भी करेंगे !

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